बोमरो में नदी के बीच खड़े होकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कहा- आश्वासन नहीं अब स्थायी समाधान चाहिए
चेक डेम बनने से सैकड़ों किसानों को मिल सकती है सिंचाई की राहत
जेबी लाइव, रिपोर्टर
डुमरिया : पोटका विधानसभा क्षेत्र के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत केंदुआ पंचायत के बोमरो गांव में हेंदेगोड़ा नदी पर चेक डेम निर्माण की मांग को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने नदी के बीच खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने के बावजूद जल संरक्षण और सिंचाई की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से हर साल किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धान की खेती के मौसम में खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए ग्रामीण सामूहिक श्रमदान से नदी में अस्थायी मेड़ और रास्ता तैयार करते हैं। इसके बाद नाले के माध्यम से पानी खेतों तक पहुंचाया जाता है, जिससे किसी तरह फसल की सिंचाई हो पाती है। ग्रामीणों ने कहा कि हेंदेगोड़ा नदी आसपास के सैकड़ों किसानों की खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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किसानों की सिंचाई समस्या को लेकर ग्रामीणों ने उठाई आवाज
ग्रामीणों के अनुसार हेंदेगोड़ा नदी पर स्थायी चेक डेम नहीं होने की समस्या वर्षों पुरानी है। ग्रामीणों ने दावा किया कि आजादी से पहले से ही क्षेत्र के लोग खेती के लिए नदी के पानी पर निर्भर हैं और हर वर्ष अस्थायी व्यवस्था बनाकर खेतों तक पानी पहुंचाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि बरसात के दौरान नदी में पर्याप्त पानी रहता है, लेकिन उसे रोकने और संरक्षित करने की व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी बहकर निकल जाता है। खेती के मौसम में किसानों को फिर पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने कहा कि अस्थायी मेड़ बनाने में हर साल समय और श्रम खर्च होता है, जबकि तेज बारिश या नदी में पानी का बहाव बढ़ने पर यह व्यवस्था भी टूट जाती है। इससे किसानों की सिंचाई प्रभावित होती है और धान की फसल पर संकट पैदा हो जाता है।
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बरसात का पानी बह जाता है, सिंचाई के समय किसानों को होती है परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि हेंदेगोड़ा नदी पर चेक डेम निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में विकास की योजनाओं और घोषणाओं की चर्चा तो लगातार होती है, लेकिन किसानों की मूलभूत जरूरत से जुड़ी यह समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से नदी का स्थल निरीक्षण कराने तथा तकनीकी स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द चेक डेम निर्माण की पहल करने की मांग की। उनका कहना है कि स्थायी संरचना बनने से किसानों को हर वर्ष अस्थायी मेड़ बनाने की मजबूरी से राहत मिलेगी और सिंचाई की बेहतर व्यवस्था विकसित हो सकेगी।
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जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से स्थल निरीक्षण की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि हेंदेगोड़ा नदी पर चेक डेम बनने से केवल सिंचाई की समस्या ही दूर नहीं होगी, बल्कि बरसात के पानी का संरक्षण भी संभव होगा। जल संचयन से भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सकती है और आसपास के खेतों को लंबे समय तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे धान समेत अन्य फसलों की खेती को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि किसानों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द स्थल निरीक्षण कर चेक डेम निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए। प्रदर्शन में सनातन कर्मकार, बोडो हांसदा, रघुनाथ सोरेन, लखन सोरेन, दुखु हेम्ब्रोम, दिकू मुर्मू, शंकर सबर, सीता हेम्ब्रोम, सानिया सोरेन सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।























