रेलवे का फैसला वापस लेने की मांग, सांसद ने दिया समर्थन का भरोसा; 7 अक्टूबर को डीआरएम से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
ट्रेन बहाली तक आंदोलन जारी रखने की बनी रणनीति
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : टाटानगर से चलने वाली टाटा-अमृतसर टाटा जालियांवाला बाग एक्सप्रेस (18103-18104) को लगातार पांचवें सीजन में कोहरे का हवाला देकर 2 दिसंबर से 28 फरवरी तक रद्द किए जाने के फैसले पर सिख समाज में नाराजगी बढ़ गई है। रविवार को साकची स्थित सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी (सीजीपीसी) कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिख समाज के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। वक्ताओं ने रेलवे के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबी दूरी की कई अन्य ट्रेनें भी कोहरे के दौरान संचालित होती हैं, फिर केवल जालियांवाला बाग एक्सप्रेस को ही बार-बार रद्द क्यों किया जाता है। उपस्थित लोगों ने रेलवे से तत्काल निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए आंदोलन की रणनीति पर सहमति जताई।
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जालियांवाला बाग एक्सप्रेस के रद्द होने से यात्रियों में बढ़ी नाराजगी
सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह गुरचरण सिंह बिल्ला ने कहा कि सिख समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे को नई ट्रेन चलाने की पहल करनी चाहिए, न कि सप्ताह में दो दिन संचालित होने वाली मौजूदा ट्रेन को भी बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे ने फैसला वापस नहीं लिया तो समाज को मजबूर होकर कड़ा विरोध करना पड़ेगा। बैठक को संबोधित करते हुए सीजीपीसी प्रधान सरदार भगवान सिंह ने समाज से एकजुट होकर रेलवे के फैसले के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिखों के साथ बार-बार किया जा रहा कथित पक्षपात अब बर्दाश्त से बाहर है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्णय वापस नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन से लेकर रेल परिचालन बाधित करने तक के कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति में जेल जाने से भी वह पीछे नहीं हटेंगे।
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भगवान सिंह बोले- सिखों के साथ पक्षपात अब बर्दाश्त से बाहर
सीजीपीसी चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि सांसद विद्युत वरण महतो ने दूरभाष पर समाज को समर्थन देने का भरोसा दिया है और रेल मंत्री से बातचीत का आश्वासन भी दिया है। उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर को टाटानगर दौरे पर आने वाले दक्षिण पूर्व रेलवे के उप महाप्रबंधक मनीष जैन से प्रतिनिधिमंडल मुलाकात कर अपनी मांग रखेगा। इसके बाद 7 अक्टूबर को चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय में डीआरएम तरुण हुरिया से मुलाकात की जाएगी। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर की सुबह नौ बजे सभी लोग सीजीपीसी कार्यालय से एकजुट होकर मंडल मुख्यालय के लिए रवाना होंगे। शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि इसके बावजूद यदि रेलवे ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो दुर्गापूजा के बाद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पहले धरना-प्रदर्शन और जरूरत पड़ने पर रेल चक्का जाम करने की चेतावनी दी गई।
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7 अक्टूबर को डीआरएम से मिलकर रखी जाएगी ट्रेन बहाली की मांग
बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम लोगों से जुड़ी इस समस्या पर कांग्रेस पार्टी का नैतिक ही नहीं, बल्कि पूर्ण समर्थन रहेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को निर्णायक लड़ाई के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। भाजपा नेता एवं रंगरेटा महासभा के अध्यक्ष मनजीत सिंह गिल, जदयू महासचिव कुलविंदर सिंह पन्नू, गौतम बोस, निर्मल दास, राजकुमार दास सहित विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने भी सीजीपीसी को सहयोग देने की घोषणा की। नेताओं ने कहा कि ट्रेन की बहाली के लिए होने वाले आंदोलन में वे कंधे से कंधा मिलाकर साथ देंगे। बैठक की शुरुआत गुरु चरणों में अरदास के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों, केंद्रीय नौजवान सभा और केंद्रीय सिख स्त्री सत्संग सभा के पदाधिकारियों ने भी अपनी बात रखी और आंदोलन में सहयोग का भरोसा दिया।
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सर्वदलीय बैठक में आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन
बैठक में सीजीपीसी के वरीय उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, सुरजीत सिंह खुशीपुर, सुखविंदर सिंह राजू, चंचल सिंह, हरविंदर सिंह मंटू, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, जोगिंदर सिंह जोगी, अजीत गंभीर, गुरदीप सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, सरबजीत ग्रेवाल, सुरेंद्र सिंह शिंदे, इंद्रजीत सिंह, जसवंत सिंह भोम, सत्य सिंह, इंद्रजीत सिंह इंदर, पाठी राजवीर सिंह, गुरबचन सिंह राजू और राजू पांडे सहित विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। केंद्रीय नौजवान सभा के महासचिव सुखवंत सिंह सुक्कू, रणजीत सिंह, केंद्रीय सिख स्त्री सत्संग सभा की प्रधान रविंदर कौर, संरक्षक दलबीर कौर, महासचिव परमजीत कौर, रजी कौर और किरण कौर सहित बड़ी संख्या में लोग बैठक में शामिल हुए। बैठक का संचालन अमरजीत सिंह धनबाद ने किया, जबकि ज्ञापन संबंधी समन्वय की जिम्मेदारी सलाहकार परविंदर सिंह सोहल ने संभाली। उपस्थित प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ट्रेन की बहाली होने तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जारी रखने की तैयारी की जाएगी।























