तकनीशियन के अभाव में नहीं हो सका संचालन, अब मशीन हटने से ग्रामीणों में नाराजगी
मशीन हटने पर ग्रामीणों ने उठाए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मनोहरपुर : मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को उजागर करने वाला एक मामला सामने आया है। करीब दो वर्ष पहले अस्पताल में स्थापित की गई अल्ट्रासाउंड मशीन तकनीशियन के अभाव में अब तक चालू नहीं हो सकी और बिना उपयोग के ही ओटी रूम में पड़ी रही। जब यह मशीन सीएचसी में लगाई गई थी, तब क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि गर्भवती महिलाओं समेत अन्य मरीजों को जांच के लिए चाईबासा या रांची का रुख नहीं करना पड़ेगा। लेकिन आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था नहीं होने से यह सुविधा कागजों तक ही सीमित रह गई। मशीन के उपयोग में नहीं आने से स्थानीय लोगों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई थी।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : बर्मामाइंस में प्रशासन का बड़ा एक्शन, 17 दुकानों से हटाया गया अतिक्रमण
तकनीशियन नहीं मिलने से दो साल तक बंद रही मशीन
बीते 24 सितंबर को पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने मनोहरपुर प्रखंड दौरे के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओटी रूम में रखी बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि तकनीशियन नहीं होने के कारण मशीन का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। इस पर उपायुक्त ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड से तकनीशियन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उपायुक्त के इस आश्वासन से स्थानीय लोगों में एक बार फिर उम्मीद जगी थी कि जल्द ही मशीन चालू होगी और मरीजों को स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिल सकेगी।
इसे भी पढ़ें : Chandil : चांडिल क्रॉसिंग पर टेलर की चपेट में आए बाइक सवार, छात्र की मौत, एक गंभीर
उपायुक्त के आश्वासन से जगी थी नई उम्मीद
हालांकि, लोगों की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा जब निरीक्षण के महज 12 दिन बाद 6 अक्टूबर को उक्त अल्ट्रासाउंड मशीन को सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया गया। मशीन हटाए जाने की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई और इसे ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ अन्याय बताया। उनका कहना है कि जिला मुख्यालय के अस्पताल में पहले से कई सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि मनोहरपुर जैसे आदिवासी बहुल और दूरस्थ क्षेत्र में ऐसी सुविधाओं की अधिक आवश्यकता है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सीएचसी में पुनः अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई जाए तथा तकनीशियन की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।























