स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता और ठेका मजदूरों को न्यूनतम सुविधाएं देने की उठाई मांग
रोजगार और अधिकारों के लिए आंदोलन की तैयारी का संकेत
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने रविवार देर शाम गुवा क्षेत्र का दौरा कर रेलवे मार्केट स्थित भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने गुवा सेल के अधीन कार्यरत ठेकेदारों पर मजदूरों के शोषण का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि खदान क्षेत्र में कार्यरत ठेका मजदूरों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी कम भुगतान किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसके साथ ही मजदूरों को कई बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
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मजदूरों की समस्याओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने उठाई आवाज
मधु कोड़ा ने कहा कि खदान क्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूरों को सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध कराना प्रबंधन और ठेकेदारों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में मजदूरों को मेडिकल सुविधा, बीमा और अन्य आवश्यक लाभ नहीं मिल पाते हैं। कार्यस्थल पर दुर्घटना होने की स्थिति में भी प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों को उचित सहायता नहीं मिलती। उन्होंने मांग की कि सभी ठेका मजदूरों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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ठेका मजदूरों को सभी श्रम अधिकार देने की मांग
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री ने स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि गुवा और सारंडा क्षेत्र के युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहरी श्रमिकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन द्वारा ठेकेदारों के माध्यम से की जा रही बहाली प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए जाने की बात भी सामने आ रही है, जबकि स्थानीय मजदूरों और युवाओं के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना संभव नहीं है।
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स्थानीय युवाओं की अनदेखी पर उठे सवाल
मधु कोड़ा ने कहा कि गुवा सेल में एमडीओ व्यवस्था लागू होने के बाद स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ठेकेदारों के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में स्थानीय युवाओं और मजदूरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और स्थानीय लोगों को रोजगार तथा उनके अधिकार नहीं मिले, तो व्यापक जन आंदोलन की रणनीति बनाकर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। बैठक में भाजपा सारंडा मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र महाकुड़, उपाध्यक्ष जय किशन गुप्ता, पूर्वी मंडल अध्यक्ष कैलाश दास सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।























