- भादुआ गांव में हाथियों ने धान की फसल को रौंदा, ग्रामीण और वनकर्मी रातभर अलर्ट
- हाथियों के आतंक से फसलें तबाह, ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा : भादुआ गांव में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की रात दो जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया और करीब दो एकड़ में लगी धान की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। अपनी सालभर की मेहनत को आंखों के सामने बर्बाद होते देख ग्रामीणों का गुस्सा और डर सातवें आसमान पर है। हाथियों को खदेड़ने के लिए क्यूआरटी (QRT) सदस्यों और ग्रामीणों ने संयुक्त मोर्चा संभाला। लोधनवाणी गांव से शुरू हुआ यह अभियान पूरी रात जारी रहा। ग्रामीण और वनकर्मी हाथों में मशालें लेकर और पटाखे फोड़कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास करते रहे। रात के अंधेरे में जंगल के चारों ओर सिर्फ मशालों की आग और पटाखों की आवाज सुनाई दे रही थी।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जमशेदपुर में सड़क हादसे में दो किशोरों की दर्दनाक मौत
जंगल के बीच बसे गांव में हाथियों का बार-बार आना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया
जंगल के बीच बसे इस गांव में हाथियों का आना अब आम बात हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खाने और छिपने की सुविधा के कारण हाथी इस इलाके को छोड़ नहीं रहे हैं। हाथियों को खदेड़ा तो जाता है, लेकिन वे अगले ही दिन फिर वापस लौट आते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मुआवजे की मांग की है। निमाई महतो, नित्य रंजन महतो और कैलाश महतो सहित अन्य किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो उनके पास भुखमरी के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।























