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Baharagoda : ओड़िया भाषायी छात्रों के भविष्य पर संकट, पूर्व मंत्री डॉ. षाड़ंगी ने ‘क्लस्टर कॉलेज’ नीति का किया विरोध

  • मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, ओड़िया विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग
  • बहरागोड़ा कॉलेज में शिक्षकों की भारी कमी, अतिथि व्याख्याताओं की बहाली की मांग तेज
  • शिक्षक नियुक्ति नहीं होने से उच्च शिक्षा पर मंडरा रहा संकट

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : डॉ. दिनेश कुमार षाड़ंगी ने झारखंड में ओड़िया भाषायी अल्पसंख्यक छात्रों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजे गए शिकायती पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि कोल्हान विश्वविद्यालय क्षेत्र में लागू की जा रही “क्लस्टर कॉलेज” प्रणाली ओड़िया भाषा की शिक्षा को कमजोर करने और अल्पसंख्यक छात्रों को हाशिए पर धकेलने की साजिश बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस नीति के कारण ओड़िया भाषी छात्रों के भविष्य पर गहरा असर पड़ रहा है। पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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ओड़िया भाषा की शिक्षा व्यवस्था को बचाने की उठी मांग

डॉ. षाड़ंगी ने बहरागोड़ा कॉलेज की बदहाल स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, भूगोल, मुंडारी और ओड़िया जैसे महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षक नहीं होने से हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखीं—डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के ओड़िया विभाग में स्थायी सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति तथा बहरागोड़ा कॉलेज में खाली पदों पर तत्काल गेस्ट फैकल्टी की बहाली। पूर्व मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण शिक्षा व्यवस्था में अराजकता फैल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने की अपील की।

Seraikela : छठ महापर्व और कार्तिक पूर्णिमा को लेकर प्रशासन अलर्ट, जगन्नाथ व कुंदरसाईं घाट का संयुक्त निरीक्षण

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम, बैरिकेडिंग, रोशनी और पार्किंग की बनेगी व्यवस्था एसडीओ ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन

  • श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम, बैरिकेडिंग, रोशनी और पार्किंग की बनेगी व्यवस्था
  • एसडीओ ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बताया प्राथमिकता
  • छठ और कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा, प्रशासन ने बनाई संयुक्त कार्ययोजना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : आगामी लोक आस्था के महापर्व छठ और कार्तिक पूर्णिमा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और नगर पंचायत ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत श्री जगन्नाथ घाट और कुंदरसाईं घाट का संयुक्त प्रशासनिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश, नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, कार्यपालक पदाधिकारी विपुल सनी, सिटी मैनेजर सुमित सुमन, देवाशीष प्रधान, वार्ड पार्षद अंजली राय, वरुण साहू और गौतम नायक सहित नगर पंचायत के अन्य कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने दोनों घाटों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया तथा श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। प्रशासन का उद्देश्य पर्व के दौरान घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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छठ महापर्व की तैयारियां तेज, सरायकेला के दो प्रमुख घाटों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान घाटों की साफ-सफाई, छठव्रती महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, गहरे पानी वाले स्थानों पर सुरक्षा के लिए रिबन और बैरिकेडिंग लगाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा वाहनों की पार्किंग को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। विशेष रूप से घाटों पर महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने पर जोर दिया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि छठ महापर्व हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। नगर पंचायत का प्रयास है कि श्रद्धालुओं, विशेषकर छठव्रती महिलाओं को घाटों पर बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिले। इसके लिए साफ-सफाई, चेंजिंग रूम, रोशनी, गहरे पानी वाले स्थानों पर सुरक्षा और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पर्व शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

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छठव्रतियों के लिए घाटों पर बनेंगे चेंजिंग रूम, गहरे पानी में होगी बैरिकेडिंग

वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने कहा कि छठ महापर्व और कार्तिक पूर्णिमा के दौरान सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान चिह्नित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को संबंधित विभागों के सहयोग और आपसी समन्वय से समय पर पूरा कराने का आश्वासन दिया। एसडीओ ने विशेष रूप से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घाटों पर पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में पहले से सुरक्षा संबंधी इंतजाम करना बेहद जरूरी है। गहरे पानी वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां विशेष सावधानी बरती जाएगी तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों से ही पूजा-अर्चना करने के लिए आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

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सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर एसडीओ का जोर, पर्व से पहले पूरी होंगी सभी तैयारियां

संयुक्त निरीक्षण के बाद नगर पंचायत और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दोनों घाटों पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने का संकल्प लिया। प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, सुरक्षा, रोशनी, महिलाओं की सुविधा और वाहनों के व्यवस्थित आवागमन को लेकर संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की तैयारी है। स्थानीय स्तर पर भी पर्व के सफल आयोजन में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का सहयोग लेने पर जोर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी होने से छठव्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में सुविधा मिलेगी तथा घाटों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। नगर पंचायत अध्यक्ष और एसडीओ ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन एवं नगर पंचायत मिलकर दोनों प्रमुख घाटों पर सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Manoharpur : मनोहरपुर प्रीमियर लीग का आगाज, लॉटरी से 10 टीमों को मिले आइकॉन प्लेयर; जल्द होगा खिलाड़ियों का ऑक्शन

आईपीएल की तर्ज पर पहली बार आयोजित होगा MPL क्रिकेट टूर्नामेंट द कोईना रेस्टोरेंट में हुआ आइकॉन खिलाड़ियों का चयन

  • आईपीएल की तर्ज पर पहली बार आयोजित होगा MPL क्रिकेट टूर्नामेंट
  • द कोईना रेस्टोरेंट में हुआ आइकॉन खिलाड़ियों का चयन
  • मनोहरपुर प्रीमियर लीग में किस टीम को मिला कौन सा आइकॉन प्लेयर, देखें पूरी सूची

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर में क्रिकेट प्रेमियों के लिए पहली बार आईपीएल की तर्ज पर मनोहरपुर प्रीमियर लीग (MPL) क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता को लेकर मंगलवार को मनोहरपुर स्थित द कोईना रेस्टोरेंट में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां लॉटरी के माध्यम से प्रतियोगिता में शामिल होने वाली 10 टीमों के आइकॉन प्लेयर का चयन किया गया। मनोहरपुर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष किशन सिंह उर्फ बुग्गी ने बताया कि उनकी कमेटी की ओर से पहली बार इस बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से सभी टीमों को उनके आइकॉन खिलाड़ी आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में खिलाड़ियों का ऑक्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न टीमें अपनी पसंद के खिलाड़ियों का चयन करेंगी। इससे प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है।

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मनोहरपुर में पहली बार आईपीएल की तर्ज पर होगा क्रिकेट टूर्नामेंट, 10 टीमें लेंगी हिस्सा

लॉटरी के माध्यम से मनोहरपुर टाइगर्स को सैफ अंसारी, मनोहरपुर लायंस को सुदेश महतो, मनोहरपुर सुपर किंग्स को अमन यादव, रॉयल चैलेंजर्स को अनुराग शर्मा, द कोईना वॉरियर्स को गोविंद महतो और महाकाल वॉरियर्स को आदित्य राज पोद्दार आइकॉन प्लेयर के रूप में मिले। इसी तरह मॉर्निंग स्टार को पवन महतो, सारंडा पैंथर्स को राहुल यादव, काली मंदिर को कमांडो तथा मनोहरपुर ब्लॉकबस्टर को सुनील नायक का आइकॉन खिलाड़ी मिला। आयोजकों के अनुसार, आगामी ऑक्शन के बाद सभी टीमों की पूरी खिलाड़ी सूची तैयार की जाएगी। इस आयोजन से स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं को अपनी खेल क्षमता दिखाने का अवसर मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में अनिकेत यादव, सौरभ, माही, नसहर सहित सभी फ्रेंचाइजी के सदस्य उपस्थित रहे। आयोजकों ने प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की।

Jamshedpur : मां के निधन के बाद परंपरा निभाने ननिहाल पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, धातकीडीह में निभाई पारंपरिक रस्में

पत्नी कल्पना सोरेन और पुत्र के साथ चांडिल के धातकीडीह गांव पहुंचे मुख्यमंत्री सीता सोरेन भी बेटियों के साथ हुईं

  • पत्नी कल्पना सोरेन और पुत्र के साथ चांडिल के धातकीडीह गांव पहुंचे मुख्यमंत्री
  • सीता सोरेन भी बेटियों के साथ हुईं शामिल
  • धातकीडीह में पारंपरिक रस्मों में शामिल हुईं सीता सोरेन, परिवार के साथ निभाई सामाजिक परंपरा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को अपनी पत्नी कल्पना सोरेन और पुत्र के साथ सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत अपने ननिहाल धातकीडीह गांव पहुंचे। मां रूपी सोरेन के निधन के बाद संताल आदिवासी समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों और पारिवारिक रस्मों को निभाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री यहां पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने मामा चारु किस्कू और गुरुचरण किस्कू सहित ननिहाल के अन्य परिजनों के साथ मिलकर निर्धारित पारंपरिक विधि-विधान से रस्में पूरी कीं। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों के बीच भावनात्मक माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री के बड़े भाई स्वर्गीय दुर्गा सोरेन की पत्नी एवं भाजपा विधायक सीता सोरेन भी अपनी दोनों बेटियों के साथ धातकीडीह पहुंचीं और पारंपरिक कार्यक्रम में शामिल हुईं। परिवार के सदस्यों ने सामाजिक परंपराओं के अनुसार सभी आवश्यक रस्मों का निर्वहन किया।

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मां रूपी सोरेन के निधन के बाद संताल परंपरा निभाने धातकीडीह पहुंचे हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री के ननिहाल आगमन को लेकर धातकीडीह गांव में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। गांव के विभिन्न स्थानों और प्रमुख चौक-चौराहों पर सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। इस मौके पर कोल्हान क्षेत्र के विधायक, जिले एवं आसपास के कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य लोग और झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें झामुमो किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शेख सलीम शहजादा, संजीव किस्कू, झामुमो नेता उज्ज्वल दास और बिलाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री ने ननिहाल के परिवारजनों के साथ समय बिताया और आदिवासी समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया। मां के निधन के बाद पारिवारिक एवं सामाजिक परंपराओं के निर्वहन के लिए मुख्यमंत्री का यह दौरा महत्वपूर्ण रहा।

Kolkata : स्क्रैप बिक्री से दक्षिण पूर्व रेलवे ने रचा इतिहास, 403.86 करोड़ की कमाई के साथ देशभर में बना नंबर-1

अक्टूबर 2026 तक कबाड़ बेचकर हासिल की रिकॉर्ड आय स्वच्छता अभियान 6.0 में एक महीने के दौरान 90.43 करोड़ रुपये

  • अक्टूबर 2026 तक कबाड़ बेचकर हासिल की रिकॉर्ड आय
  • स्वच्छता अभियान 6.0 में एक महीने के दौरान 90.43 करोड़ रुपये का स्क्रैप बेचा
  • जीएम अनिल कुमार जैन के नेतृत्व में ‘जीरो स्क्रैप’ मिशन को मिली बड़ी सफलता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

कोलकाता : दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) ने स्क्रैप यानी कबाड़ की बिक्री से राजस्व अर्जित करने के मामले में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश के सभी जोनल रेलवे को पीछे छोड़ दिया है। चालू वित्तीय वर्ष में अक्टूबर 2026 तक रेलवे ने स्क्रैप की बिक्री से कुल 403.86 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह दक्षिण पूर्व रेलवे के इतिहास में सबसे कम समय में हासिल की गई अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। खास बात यह है कि 400 करोड़ रुपये से अधिक की स्क्रैप बिक्री का आंकड़ा पार करने वाला दक्षिण पूर्व रेलवे देश का एकमात्र जोनल रेलवे बन गया है। रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इस बार स्क्रैप बिक्री से प्राप्त आय में 55.37 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, अक्टूबर तक निर्धारित 240 करोड़ रुपये के आनुपातिक लक्ष्य के मुकाबले रेलवे ने 68.28 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जित किया है। इस रिकॉर्ड उपलब्धि से दक्षिण पूर्व रेलवे ने न केवल अपनी वित्तीय कार्यक्षमता साबित की है, बल्कि अनुपयोगी रेलवे संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उनके व्यावसायिक उपयोग का भी उदाहरण पेश किया है।

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दक्षिण पूर्व रेलवे की रिकॉर्ड कमाई, स्क्रैप बिक्री में देश के सभी रेलवे जोन को छोड़ा पीछे

इस ऐतिहासिक उपलब्धि में अक्टूबर महीने का विशेष योगदान रहा। स्वच्छता विशेष अभियान 6.0 के तहत दक्षिण पूर्व रेलवे ने अकेले अक्टूबर 2026 में 90.43 करोड़ रुपये मूल्य के स्क्रैप की बिक्री की। जबकि इस महीने के लिए रेलवे का निर्धारित लक्ष्य 49 करोड़ रुपये था। इस प्रकार रेलवे ने निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक उपलब्धि हासिल की। अभियान अवधि के दौरान किसी भी जोनल रेलवे की ओर से की गई यह सर्वाधिक स्क्रैप बिक्री बताई गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे परिसरों, कार्यालयों, कार्यशालाओं, डिपो और अन्य संस्थानों में वर्षों से जमा अनुपयोगी, खराब एवं बेकार पड़ी सामग्री की पहचान कर उसका व्यवस्थित निस्तारण करना था। इससे एक ओर रेलवे परिसरों में स्वच्छता और सुव्यवस्था को बढ़ावा मिला, वहीं दूसरी ओर अनुपयोगी सामग्री की बिक्री से रेलवे को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त हुआ। अभियान के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को भी मजबूती मिली है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि अनुपयोगी सामग्री का समय पर निस्तारण करने से कार्यस्थलों पर उपलब्ध जगह का बेहतर उपयोग किया जा सकता है और रखरखाव संबंधी कार्यों को भी अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

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स्वच्छता अभियान 6.0 में दक्षिण पूर्व रेलवे ने बेचा 90.43 करोड़ का स्क्रैप

दक्षिण पूर्व रेलवे की इस शानदार सफलता के पीछे महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन का विशेष मार्गदर्शन और लगातार निगरानी महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने पूरे जोन में ‘जीरो स्क्रैप मिशन’ को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों और संबंधित इकाइयों को रेलवे परिसरों में जमा अनुपयोगी सामग्री की पहचान कर उसका शीघ्र निस्तारण करने का निर्देश दिया था। उनके निर्देशों के बाद विभिन्न विभागों में स्क्रैप की पहचान, उसकी सूची तैयार करने, नीलामी और बिक्री की प्रक्रिया को गति दी गई। इसके परिणामस्वरूप रेलवे की अधिकांश कार्य इकाइयों ने जीरो स्क्रैप का दर्जा हासिल कर लिया है। चिह्नित कार्यस्थलों पर उत्पन्न होने वाले नए स्क्रैप की बिक्री और उसके उठाव की प्रक्रिया भी अधिकांश स्थानों पर पूरी कर ली गई है। इस व्यवस्था से रेलवे परिसरों में अनावश्यक सामान जमा होने की समस्या कम हुई है। साथ ही कर्मचारियों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण में काम करने की सुविधा मिली है। महाप्रबंधक के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने यह साबित किया है कि बेहतर योजना, नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय के माध्यम से अनुपयोगी संसाधनों को भी राजस्व अर्जन का प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है।

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जीएम अनिल कुमार जैन के नेतृत्व में ‘जीरो स्क्रैप’ मिशन को मिली बड़ी सफलता

इस रिकॉर्ड उपलब्धि को हासिल करने में स्टोर्स विभाग के साथ दक्षिण पूर्व रेलवे की विभिन्न कार्य इकाइयों और अन्य विभागों की सामूहिक भूमिका रही। पूरे जोन में व्यापक स्तर पर मैपिंग और मॉपिंग अभियान चलाया गया। इसके तहत रेलवे के डिपो, वर्कशॉप, शेड, कार्यालयों और अन्य परिसरों का निरीक्षण कर वहां वर्षों से जमा पुराने एवं अनुपयोगी सामान की पहचान की गई। इसके बाद चिह्नित सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत बिक्री के लिए तैयार किया गया। रेलवे की इस पहल से केवल राजस्व में वृद्धि ही नहीं हुई, बल्कि परिसरों में स्वच्छता, कार्यक्षमता और संसाधन प्रबंधन में भी सुधार आया। विशेष रूप से वर्कशॉप और डिपो में बेकार पड़ी सामग्री को हटाने से उपयोगी स्थान खाली हुआ, जिससे संबंधित कार्यों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में मदद मिली। स्टोर्स विभाग ने अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर स्क्रैप की पहचान और बिक्री की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से निर्धारित लक्ष्यों से आगे बढ़कर यह उपलब्धि हासिल करना संभव हुआ। इस अभियान ने रेलवे की संपत्तियों के बेहतर उपयोग और वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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स्टोर्स विभाग समेत सभी इकाइयों के सामूहिक प्रयास से दक्षिण पूर्व रेलवे को रिकॉर्ड सफलता

दक्षिण पूर्व रेलवे की 403.86 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड स्क्रैप बिक्री को रेलवे के वित्तीय प्रबंधन और स्वच्छता अभियान की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे रेलवे को अतिरिक्त राजस्व मिलने के साथ अनुपयोगी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है। रेलवे प्रशासन ने भविष्य में भी ‘जीरो स्क्रैप मिशन’ को निरंतर जारी रखने और स्वच्छ एवं व्यवस्थित रेलवे परिसरों के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत विभिन्न विभागों में नियमित रूप से स्क्रैप की पहचान, उसकी सूची तैयार करने और समयबद्ध निस्तारण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने, अनावश्यक सामग्री के जमाव को रोकने और संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दक्षिण पूर्व रेलवे की यह उपलब्धि अन्य जोनल रेलवे के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है। अब रेलवे का जोर इस रिकॉर्ड प्रदर्शन को आगे भी बनाए रखने और राजस्व वृद्धि के साथ स्वच्छता एवं बेहतर प्रबंधन के लक्ष्यों को हासिल करने पर रहेगा।

Manoharpur : नंदपुर में तीन दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ, पहले मैच में यंग क्लासिक एफसी विजयी

स्व. हरीश चंद्र दास मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट का किशोर कुमार खलखो ने किया उद्घाटन पेनाल्टी शूटआउट में चिड़िया एफसी को

  • स्व. हरीश चंद्र दास मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट का किशोर कुमार खलखो ने किया उद्घाटन
  • पेनाल्टी शूटआउट में चिड़िया एफसी को दी शिकस्त
  • रोहित कच्छप बने मैन ऑफ द मैच, बोदे खलखो ने किया सम्मानित

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत नंदपुर में मंगलवार को स्व. हरीश चंद्र दास मेमोरियल तीन दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि मनोहरपुर झामुमो प्रखंड सचिव सह बीस सूत्री उपाध्यक्ष किशोर कुमार खलखो ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। उद्घाटन मुकाबला यंग क्लासिक एफसी और चिड़िया एफसी के बीच खेला गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। निर्धारित समय तक दोनों टीमें गोल करने में सफल नहीं हो सकीं और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया, जिसमें यंग क्लासिक एफसी ने जीत दर्ज कर अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। मुकाबले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रोहित कच्छप को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

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नंदपुर फुटबॉल टूर्नामेंट के उद्घाटन मुकाबले में यंग क्लासिक एफसी ने मारी बाजी

मैन ऑफ द मैच रोहित कच्छप को कुड़ुख सरना मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष बोदे खलखो ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। तीन दिवसीय प्रतियोगिता को लेकर स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा गया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के खेल आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र की छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। साथ ही युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम में युवा नेता कुमार निलेश्वर (निलेश), सीताराम लोहरा, शुभम बोदरा, नीरज दास, पवन महतो, पंकज दास, पंकज सुरीन सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

Manoharpur : मनोहरपुर-आनंदपुर मुख्य मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, महिला और 11 वर्षीय किशोर गंभीर

ऊंधन गांव के पास तेज रफ्तार बाइक ने महिला और साइकिल सवार किशोर को मारी टक्कर, दोनों रेफर; बाइक सवार

  • ऊंधन गांव के पास तेज रफ्तार बाइक ने महिला और साइकिल सवार किशोर को मारी टक्कर, दोनों रेफर; बाइक सवार दो युवक भी घायल
  • मनोहरपुर मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों से बढ़ा हादसों का खतरा, सतर्कता जरूरी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर-आनंदपुर मुख्य मार्ग पर मंगलवार शाम ऊंधन गांव के समीप तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक महिला और साइकिल सवार 11 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार बाइक संख्या JH 06 U 2693 पर सवार दो युवक मनोहरपुर से अपने गांव बुलूमदा जा रहे थे। इसी दौरान ऊंधन गांव के पास बाइक अनियंत्रित होकर विपरीत दिशा से पैदल जा रही महिला और साइकिल सवार किशोर से टकरा गई। हादसे में महिला की पहचान सरस्वती मुंडारी (40 वर्ष), निवासी डोमलई गांव, थाना जराइकेला के रूप में हुई है। वह अपने एक संबंधी के घर तिरला जा रही थीं। वहीं साइकिल सवार किशोर चंदन महतो (11 वर्ष) अपनी छोटी बहन को ट्यूशन पढ़ाकर घर तरतरा लौट रहा था। दुर्घटना में दोनों को गंभीर चोटें आईं।

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ऊंधन गांव के पास सड़क हादसे में महिला और 11 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल

हादसे में बाइक पर सवार दोनों युवक भी घायल हो गए। उनकी पहचान आनंदपुर थाना क्षेत्र के बुलूमदा गांव निवासी अमर कंडुलना (22 वर्ष) और सुजीत सुरीन (18 वर्ष) के रूप में हुई है। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तत्काल मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने सभी का प्राथमिक उपचार शुरू किया। जांच के बाद महिला सरस्वती मुंडारी और किशोर चंदन महतो की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं बाइक सवार दोनों युवकों को मामूली चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दुर्घटना के कारण मुख्य मार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

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सड़क दुर्घटना में घायल महिला और किशोर को बेहतर इलाज के लिए किया गया रेफर

घटना की सूचना मिलते ही मनोहरपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और दुर्घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस ने घायलों और स्थानीय लोगों से घटना के बारे में पूछताछ कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना में शामिल बाइक और उसके सवार युवकों के संबंध में भी आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक और नियंत्रित गति में वाहन चलाने की अपील की है, ताकि पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। फिलहाल गंभीर रूप से घायल महिला और किशोर के बेहतर उपचार की व्यवस्था की गई है।

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