सागेन साकाम परियोजना के तहत ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन संरक्षण का दिया संदेश
ग्रामीणों ने पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प, हरित भविष्य के निर्माण पर जोर
पौधारोपण अभियान से हरित और सुरक्षित भविष्य की दिशा में पहल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
डुमरिया : डुमरिया प्रखंड में कलामंदिर द्वारा संचालित “सागेन साकाम” परियोजना के अंतर्गत जलयात्रा के दूसरे दिन का सफल आयोजन किया गया। संयोगवश 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस होने के कारण कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया। जलयात्रा हरेबेड़ा प्रधान टोला से शुरू होकर बारेडीह गांव तक निकाली गई, जिसमें हरेबेड़ा, जानेगोड़ा, नरसिंहबहाल और बारेडीह के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीण ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों के साथ नृत्य करते हुए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश देते नजर आए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के महत्व पर लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय को प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रेरित करना तथा जल संकट के समाधान में जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
इसे भी पढ़ें : Gua : विश्व पर्यावरण दिवस पर सीआरपीएफ 26वीं बटालियन ने चलाया व्यापक पौधारोपण अभियान
जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का दिया गया सामूहिक संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रामीणों एवं कलामंदिर टीम के सहयोग से 200 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। प्राथमिक विद्यालय हरेबेड़ा परिसर में भी ग्राम प्रधान मथुर हांसदा की अगुवाई में पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण करना भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कलामंदिर टीम के तेजप्रताप आर्य, परेश, गालू, नमिता और बुधराय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि जलयात्रा और पर्यावरण दिवस जैसे आयोजन समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं तथा स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।
























