संभावित गर्मी को देखते हुए बंद पड़े जलमीनार, नलकूप और चापाकलों को जल्द चालू करने पर जोर जेबी लाइव, रिपोर्टर
- संभावित गर्मी को देखते हुए बंद पड़े जलमीनार, नलकूप और चापाकलों को जल्द चालू करने पर जोर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला : सरायकेला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला समन्वयक जल जीवन मिशन सह स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सभी प्रखंडों के प्रखंड समन्वयक, कनीय अभियंता सहित अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन की स्थिति, निर्माणाधीन संरचनाओं की गुणवत्ता तथा फील्ड निरीक्षण प्रतिवेदनों का विस्तार से अवलोकन किया गया। उपायुक्त ने कहा कि पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी योजनाएं ग्रामीण नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मानजनक जीवन और स्वच्छ वातावरण से सीधे जुड़ी हुई हैं, इसलिए इनका क्रियान्वयन निरंतर और परिणाममुखी ढंग से सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में 38 वर्षीय व्यक्ति ने कीटनाशक खाकर की आत्महत्या
सभी घरों को नल-जल योजना से जोड़ने के दिए निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना से छूटे हुए सभी घरों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बदलते मौसम और आगामी गर्मी को देखते हुए सभी जलमीनार, नलकूप, चापाकल और पेयजल आपूर्ति से संबंधित अन्य संरचनाओं की स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया गया। जो संरचनाएं बंद या खराब स्थिति में हैं, उन्हें समय रहते दुरुस्त कर लिया जाए ताकि गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पेयजल से संबंधित प्राप्त शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेते हुए उनका समयबद्ध निष्पादन किया जाए।
इसे भी पढ़ें : Jadugoda : 30 साल बाद राखा माइंस स्टेशन पर उत्कल एक्सप्रेस का ठहराव शुरू, स्थानीय लोगों में खुशी
लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि पेयजल और स्वच्छता से संबंधित योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी प्रखंड में कार्य में ढिलाई पाई जाती है तो संबंधित प्रखंड स्तरीय समन्वयक, कनीय अभियंता और उत्तरदायी पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में चल रही जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने और पूर्ण हो चुकी योजनाओं के लंबित भुगतानों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्ण योजनाओं का विधिवत हस्तांतरण संबंधित ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) को किया जाए ताकि स्थानीय स्तर पर योजनाओं का संचालन और रखरखाव सुचारू रूप से हो सके।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : टाटा स्टील परिसर में चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 35 किलो कॉपर केबल के साथ आरोपी पकड़ा गया
8 से 22 मार्च तक मनाया जाएगा ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’
बैठक में उपायुक्त ने जिले के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल और शौचालय से संबंधित चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां-जहां इनसे जुड़े कार्य प्रगति पर हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए और पूर्ण कार्यों के लंबित भुगतानों का भी त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही 8 मार्च 2026 से 22 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले “जल महोत्सव पखवाड़ा” के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों और कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि निर्धारित कैलेंडर के अनुसार सभी गतिविधियों का प्रभावी और व्यवस्थित संचालन किया जाए, ताकि जल संरक्षण, जल प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति लोगों में व्यापक स्तर पर जागरूकता बढ़ाई जा सके।