मालुका पंचायत भवन में बाल अधिकार सुरक्षा मंच की बैठक
शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रखंड से राज्य स्तर तक आंदोलन की तैयारी
जगन्नाथपुर प्रखंड कमेटी का पुनर्गठन
बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए सामूहिक पहल पर जोर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा/जगन्नाथपुर : बच्चों के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मालुका पंचायत भवन में बाल अधिकार सुरक्षा मंच की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंच के जगन्नाथपुर विधानसभा अध्यक्ष मंजीत कोड़ा ने की। इस दौरान क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने, अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक पहल करने तथा गांव स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एकजुट होने की अपील

बैठक को संबोधित करते हुए मंजीत कोड़ा ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य की नींव हैं और उनकी शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि बच्चों का भविष्य बर्बाद हुआ, तो गांव, प्रखंड और देश का भविष्य भी बर्बाद हो जाएगा। शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय प्रगति का आधार है। इसलिए प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से दूर होने से बचाने के लिए अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मंच के सदस्यों को मिलकर काम करना होगा। साथ ही शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को सामने लाकर उनके समाधान के लिए संगठित प्रयास करना जरूरी है।
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पंचायत से ग्राम स्तर तक बाल अधिकार सुरक्षा मंच के विस्तार की योजना
मंच के जगन्नाथपुर विधानसभा उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र हेस्सा ने कहा कि बाल अधिकार सुरक्षा मंच का विस्तार पंचायत से लेकर प्रत्येक गांव तक किया जाएगा। इसके तहत हर गांव में कम से कम 20 सदस्यों को मंच से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, उसे दूर कराने के लिए प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों को भी मंच से जोड़ने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाने की जरूरत बताई। वहीं, मंच के सलाहकार रंजन गोप ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और शिक्षा से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संगठन को मजबूत करना आवश्यक है। जरूरत पड़ने पर इन समस्याओं को राज्य स्तर तक पहुंचाकर ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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शिक्षकों की कमी दूर कराने के लिए राज्य स्तर तक आंदोलन की तैयारी
बैठक के दौरान बाल अधिकार सुरक्षा मंच की जगन्नाथपुर प्रखंड कमेटी का पुनर्गठन किया गया। नई कमेटी में मनोज बोबोंगा को अध्यक्ष, करंजीय पंचायत के मुखिया जुलियस हेम्ब्रम को सचिव, सुमन सिंकु को उपाध्यक्ष, रमेश प्रसाद वर्मा को महासचिव तथा सुशीला नायक को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। कमेटी के पुनर्गठन को संगठनात्मक मजबूती और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी पहल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने उम्मीद जताई कि नई कमेटी गांवों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाएगी तथा संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेगी।
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जगन्नाथपुर प्रखंड कमेटी में नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं
बैठक में राई भूमिज, मनोज तिरिया, अम्बाई केराई, बेनी प्रसाद सिंकु, रीता देवी, मधुसूदन हेस्सा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। बैठक में बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और अभिभावकों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। मंच के सदस्यों ने गांव-गांव तक संगठन का विस्तार कर बाल अधिकारों से संबंधित समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि बच्चों की शिक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित प्रयास ही भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

























