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Jagnathpur : विधायक सोनाराम सिंकु के प्रयास से कलासाईं में लगा 63 KVA का नया ट्रांसफार्मर

  • 25 KVA के पुराने ट्रांसफार्मर की जगह बढ़ी क्षमता वाला ट्रांसफार्मर स्थापित
  • ग्रामीणों को बिजली संकट से मिलेगी राहत, ट्रांसफार्मर लगने से ग्रामीणों में खुशी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जगन्नाथपुर : जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत सननन्दा पंचायत के टोला कलासाईं में ग्रामीणों को बिजली की समस्या से राहत दिलाने के लिए 63 KVA का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया। जगन्नाथपुर के विधायक सह उप मुख्य सचेतक (सत्तारूढ़ दल) सोनाराम सिंकु के प्रयास से खराब पड़े 25 KVA के पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर उसकी जगह अधिक क्षमता वाला नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। पिछले कई दिनों से ट्रांसफार्मर खराब रहने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। नए ट्रांसफार्मर के लगने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जगी है। इस पहल से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बिजली की समस्या के समाधान के लिए किए गए प्रयासों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि अब उन्हें रोजमर्रा के कामकाज में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।

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सननन्दा पंचायत के कलासाईं में बिजली संकट दूर करने की पहल

विधायक सोनाराम सिंकु की अनुपस्थिति में जगन्नाथपुर प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष ललित कुमार दोरायबुरू ने नारियल फोड़कर नए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया। इस दौरान स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। मौके पर ललित कुमार दोरायबुरू ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई है। घरों में रोशनी, बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्जिंग और पेयजल व्यवस्था सहित कई जरूरी काम बिजली पर निर्भर हैं। ऐसे में ट्रांसफार्मर खराब होने से ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विधायक सोनाराम सिंकु क्षेत्र की जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों के समाधान के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं। कलासाईं में नया ट्रांसफार्मर लगाया जाना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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ललित कुमार दोरायबुरू ने नारियल फोड़कर किया ट्रांसफार्मर का उद्घाटन

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर जनजीवन पर पड़ता है। ट्रांसफार्मर खराब रहने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और दैनिक जरूरतें प्रभावित होती हैं। विशेषकर शाम के समय बिजली नहीं रहने से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी होती है। वहीं, बिजली पर निर्भर अन्य जरूरी कार्य भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में 25 KVA के पुराने ट्रांसफार्मर की जगह 63 KVA का नया ट्रांसफार्मर लगाया जाना ग्रामीणों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर की स्थापना से स्थानीय लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क्षेत्र की अन्य बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए भी जनप्रतिनिधियों से इसी तरह सक्रिय रहने की अपेक्षा जताई।

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नए ट्रांसफार्मर से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज को मिलेगी राहत

नए ट्रांसफार्मर के उद्घाटन के अवसर पर जगन्नाथपुर प्रखंड कांग्रेस उपाध्यक्ष विक्रम हेंब्रम, सुशील हेस्सा, रंजीत गगराई, मथुरा लागुरी, मंगल सिंह लागुरी, विकास देवगम, डीसी देवगम, साहू देवगम, शिवा लागुरी और जसिंता लागुरी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने बिजली समस्या के समाधान को लेकर संतोष व्यक्त किया। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नए ट्रांसफार्मर की स्थापना के बाद बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और उन्हें लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिलेगी। इस पहल से गांव में सामान्य जनजीवन सुचारु होने के साथ बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक कार्यों को भी बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की संभावना है।

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Manoharpur : आनंदपुर के मथुरापोष में बंद घर से जेवरात चोरी, छप्पर फाड़कर घुसे चोर

देवलाल महतो के घर को बनाया निशाना, सोने-चांदी के आभूषण गायब; पहले भी दो बार हो चुकी है चोरी आनंदपुर

  • देवलाल महतो के घर को बनाया निशाना, सोने-चांदी के आभूषण गायब; पहले भी दो बार हो चुकी है चोरी
  • आनंदपुर पुलिस में शिकायत के बाद जांच और कार्रवाई की उम्मीद

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मथुरापोष गांव में बंद घर को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। अज्ञात चोरों ने घर का छप्पर फाड़कर अंदर प्रवेश किया और अलमारी का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी गए आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है। घटना का खुलासा बुधवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ, जब घर की मालकिन गोइलकेरा से मनोहरपुर होते हुए मथुरापोष स्थित अपने घर पहुंचीं। मुख्य दरवाजे का ताला खोलकर अंदर जाने पर उन्होंने कमरे में रखी अलमारी खुली देखी। जांच करने पर उसमें रखे आभूषण गायब मिले। इसके बाद उन्होंने फोन कर अपने पति देवलाल महतो को घटना की जानकारी दी। वारदात के बाद इलाके में चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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मथुरापोष में बंद घर का छप्पर फाड़कर चोरी, अलमारी का ताला टूटा

जानकारी के अनुसार, देवलाल महतो व्यापार के सिलसिले में लंबे समय से अपने परिवार के साथ गोइलकेरा में रहते हैं। हालांकि, बीच-बीच में वे या उनकी पत्नी गांव स्थित घर पर आकर एक-दो दिन रुकते हैं। इसी दौरान बंद घर को निशाना बनाकर चोरी की गई। देवलाल महतो ने दूरभाष पर वॉइस ऑफ सारंडा न्यूज को बताया कि उनके घर में इससे पहले भी दो बार चोरी हो चुकी है। पिछली घटनाओं में कृषि उपकरण, साइकिल और खाद्य सामग्री चोरी हुई थी। उनके अनुसार, पूर्व की घटनाओं की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। इस बार चोर सोने की चेन, कान की बालियां, अंगूठी, चांदी की दो जोड़ी पायल और बच्चे की चांदी की चूड़ियां ले गए हैं। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी गई है। लगातार चोरी की घटनाओं से परिवार की चिंता बढ़ गई है।

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देवलाल महतो के घर में तीसरी बार चोरी, सोने-चांदी के गहने गायब

फिलहाल, चोरी की इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार की ओर से आनंदपुर थाने में लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी नहीं है। देवलाल महतो ने बताया कि वह फिलहाल गोइलकेरा में हैं और थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराएंगे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। घर में छप्पर फाड़कर प्रवेश करने और अलमारी का ताला तोड़ने की घटना से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पुलिस शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच कर चोरी गए आभूषणों की बरामदगी और आरोपियों की पहचान के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। फिलहाल, चोरी की घटना से संबंधित आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

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पंचायत स्तर पर चौपाल लगाकर मतदाताओं को जागरूक करने की रणनीति सोनाराम सिंकु ने 1 नवंबर की महारैली में शामिल

  • पंचायत स्तर पर चौपाल लगाकर मतदाताओं को जागरूक करने की रणनीति
  • सोनाराम सिंकु ने 1 नवंबर की महारैली में शामिल होने का किया आह्वान
  • जगन्नाथपुर में कांग्रेस ने संगठन मजबूत करने की बनाई रणनीति

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देशानुसार मंगलवार को जगन्नाथपुर स्थित प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर प्रखंड कांग्रेस कमिटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष ललित कुमार दोरायबुरू ने की। इसमें पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस अध्यक्ष सह विधायक सोनाराम सिंकु और जगन्नाथपुर विधानसभा प्रभारी चंद्रशेखर दास उपस्थित रहे। बैठक में अभियान को जन-जन तक पहुंचाने, मताधिकार की रक्षा करने तथा मतदाता सूची में पारदर्शिता के प्रति लोगों को जागरूक करने पर चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मतदाताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरूरी है। इसके लिए पंचायत स्तर पर चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने और अभियान को व्यापक जनसमर्थन दिलाने की रणनीति बनाई गई।

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पंचायत स्तर पर चौपाल लगाकर मतदाताओं को जागरूक करेगी कांग्रेस

बैठक में विधायक सोनाराम सिंकु ने आगामी 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ महारैली की जानकारी दी। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर महारैली में भाग लेने और इसे सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों को आम लोगों तक पहुंचाने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया। बैठक में पंचायत स्तर पर चौपाल आयोजित करने, ग्रामीणों को मतदाता सूची से संबंधित विषयों की जानकारी देने और कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देशों के अनुरूप अभियान चलाने और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने की अपील की।

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सोनाराम सिंकु ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से महारैली में भाग लेने की अपील की

बैठक में महिला कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष सावित्री जेराई, सुशील हेस्सा, मकरध्वज सरदार, विक्रम हेम्ब्रम, राजू हेम्ब्रम, दिनेश प्रधान, मथुरा लागुरी, रंजीत गागराई, रोशन पान, हरीश चंद्र पान, रंजन गोप, संतोष नाग, शाहरुख अली, सरफराज आलम, आफताब आलम, बबलू गोप, सनातन सिंकु, गुरा सिंकु, आबिद हुसैन और सागर लागुरी सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे। बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अभियान को प्रभावी बनाने तथा पंचायत स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और संगठन की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

Seraikela-Kharsawan : जनगणना-2027 की तैयारी तेज, सरायकेला में चार्ज स्तर के पदाधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, तकनीकी मॉड्यूल और आंकड़ों की शुद्धता पर

  • अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित
  • जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, तकनीकी मॉड्यूल और आंकड़ों की शुद्धता पर जोर
  • 30 और 31 अक्टूबर को तकनीकी सहायकों एवं चार्ज लिपिकों का प्रशिक्षण

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला-खरसावां : भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना (Population Enumeration-PE) के सफल और व्यवस्थित संचालन को लेकर बुधवार को जिला समाहरणालय सभागार में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला के पहले दिन चार्ज स्तर के जनगणना पदाधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, निर्धारित कार्यप्रणाली, तकनीकी पहलुओं और उनके दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई। अपर उपायुक्त ने कहा कि जनगणना देश की जनसंख्या, सामाजिक परिस्थितियों और आर्थिक स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने वाली राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इससे प्राप्त आंकड़ों का उपयोग विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

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जनगणना-2027 के लिए सरायकेला में प्रशासन ने तेज की तैयारी

अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान आंकड़ों की शुद्धता, गोपनीयता और निर्धारित समय-सीमा के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी त्रुटि से बचना आवश्यक है। सभी संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ निर्धारित प्रक्रियाओं का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में रांची के जनगणना विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सत्येन्द्र कुमार गुप्ता तथा सरायकेला के सांख्यिकी अन्वेषक अर्जुन राम ने भी जनगणना के विभिन्न चरणों, पदाधिकारियों की भूमिका और कार्यों के समयबद्ध निष्पादन के संबंध में जानकारी साझा की। उन्होंने प्रतिभागियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप काम करने और जनगणना की व्यावहारिक प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने की आवश्यकता बताई।

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आंकड़ों की शुद्धता और गोपनीयता सुनिश्चित करने का निर्देश

कार्यशाला में जनगणना के तकनीकी मॉड्यूल पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत एन्यूमरेशन ब्लॉक के गठन, प्रशिक्षण प्रबंधन, लॉगिन स्टेटस, डैशबोर्ड के उपयोग, सब-एन्यूमरेशन ब्लॉक के सीमांकन और चार्ज रजिस्टर तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई। संबंधित पदाधिकारियों को तकनीकी मॉड्यूल का समुचित उपयोग करने तथा प्रत्येक चरण में निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि जनगणना कार्य में तकनीकी प्रक्रियाओं की सही समझ और उनका व्यावहारिक अभ्यास बेहद जरूरी है। इससे कार्य निष्पादन में होने वाली संभावित गलतियों को कम करने और निर्धारित समय के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने में मदद मिलेगी। पदाधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

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एन्यूमरेशन ब्लॉक से लेकर चार्ज रजिस्टर तक की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से प्राप्त आंकड़ों की राष्ट्रीय महत्ता पर भी प्रकाश डाला गया। जनसंख्या से संबंधित विश्वसनीय आंकड़े देश की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का आकलन करने तथा विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए जनगणना में संलग्न प्रत्येक पदाधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है कि वह निर्धारित कार्यप्रणाली के अनुरूप पूरी सावधानी से कार्य करे। आंकड़ों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन, तकनीकी दक्षता और समयबद्ध कार्य निष्पादन जरूरी है। कार्यशाला में प्रभारी सांख्यिकी पदाधिकारी निवेदिता राय सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जनगणना के सभी चरणों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने और त्रुटिरहित कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण होंगे जनगणना के आंकड़े

जिला प्रशासन के अनुसार, जनगणना-2027 के तहत चार्ज स्तर के जनगणना पदाधिकारियों का प्रशिक्षण 28 एवं 29 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को तकनीकी सहायकों और चार्ज लिपिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जनगणना कार्य में शामिल पदाधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रक्रियाओं, तकनीकी मॉड्यूल और उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यों के निष्पादन में एकरूपता लाने, आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर जनगणना प्रक्रिया को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य सभी संबंधित कर्मियों को पर्याप्त जानकारी एवं व्यावहारिक समझ उपलब्ध कराकर जनगणना-2027 के कार्यों का सुव्यवस्थित, समयबद्ध और त्रुटिरहित संचालन सुनिश्चित करना है।

Adityapur : आदित्यपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पति समेत चार गिरफ्तार

सतवाहनी के जॉयनेस्ट अपार्टमेंट का मामला, CCTV फुटेज और गवाहों के बयान अहम दहेज प्रताड़ना और मारपीट के आरोपों की

  • सतवाहनी के जॉयनेस्ट अपार्टमेंट का मामला, CCTV फुटेज और गवाहों के बयान अहम
  • दहेज प्रताड़ना और मारपीट के आरोपों की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट
  • निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर तय होगी आगे की कानूनी कार्रवाई

जेबी लाइव, रिपोर्टर

आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र के सतवाहनी स्थित जॉयनेस्ट अपार्टमेंट में नवविवाहिता पिंकी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला गंभीर होता जा रहा है। मृतका के मायके पक्ष ने उसके पति और ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस ने पति मनीष शर्मा, ससुर श्याम शर्मा, सास पूनम शर्मा और देवर सतीश शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। परिजनों ने पिंकी की मौत को लेकर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और घटना से पहले की परिस्थितियों का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने तथा चिकित्सकीय साक्ष्य सामने आने के बाद ही निकाला जा सकेगा। फिलहाल पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर सबकी नजर है।

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पिंकी कुमारी की मौत के मामले में पति समेत चार आरोपी न्यायिक हिरासत में

परिजनों के अनुसार, पिंकी कुमारी ने कुछ महीने पहले मनीष शर्मा के साथ प्रेम विवाह किया था। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद उसे ससुराल में प्रताड़ित किया जाने लगा था। परिवार ने घटना से पहले धमकी से संबंधित फोन आने का दावा भी किया है। इसके बाद पिंकी के छत से गिरने की सूचना मिलने की बात सामने आई। मृतका के परिजनों ने मारपीट और हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने पिंकी के गर्भवती होने का दावा करते हुए उसके शरीर पर चोट पहुंचाने और गला दबाने की कोशिश किए जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के साथ उपलब्ध दस्तावेजों और चिकित्सकीय रिकॉर्ड का परीक्षण करना होगा। गर्भावस्था से संबंधित दावे की पुष्टि भी चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

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प्रेम विवाह के बाद प्रताड़ना के आरोप, मायके पक्ष ने जताई हत्या की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिंकी के छत से गिरने की सूचना मिलने के बाद उसे जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल ले जाया गया और फिर रांची स्थित रिम्स में भर्ती कराने की बात सामने आई। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अब जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि वह किन परिस्थितियों में घायल हुई, घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और उसे अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारण, चोटों की प्रकृति और अन्य चिकित्सकीय तथ्यों को समझने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, अस्पतालों के रिकॉर्ड और उपचार से संबंधित दस्तावेज भी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में अहम साबित हो सकते हैं। पुलिस की जांच में इन सभी तथ्यों का मिलान करना जरूरी होगा, ताकि परिजनों के आरोपों और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की निष्पक्ष पड़ताल हो सके।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अस्पताल के रिकॉर्ड से खुलेगा मौत का राज

मामले में जॉयनेस्ट अपार्टमेंट के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकती है। फुटेज से घटना से पहले और बाद की गतिविधियों, लोगों की आवाजाही तथा घायल पिंकी को अस्पताल ले जाने से संबंधित जानकारी मिलने की संभावना है। परिजनों ने सुरक्षा गार्ड के संबंध में भी कुछ दावे किए हैं। ऐसे में सुरक्षा गार्ड, अपार्टमेंट के निवासियों और अन्य संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच को दिशा दे सकते हैं। हालांकि, CCTV फुटेज उपलब्ध होने, उसे पुलिस द्वारा जब्त किए जाने और गवाहों के बयानों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। इसके साथ ही प्राथमिकी में दर्ज धाराओं और पुलिस की अब तक की जांच के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना भी जरूरी है। साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की परिस्थितियों का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।

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CCTV फुटेज और सुरक्षा गार्ड के बयान से मिल सकते हैं अहम सुराग

पिंकी कुमारी की मौत ने विवाहिता की सुरक्षा और दहेज प्रताड़ना से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। मृतका के परिवार ने न्याय की मांग करते हुए आरोपों की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने को अपराध सिद्ध होना नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसी को सभी आरोपों, चिकित्सकीय रिपोर्ट, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों की निष्पक्षता से पड़ताल करनी होगी। साथ ही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण क्या बताया गया है और पुलिस ने किन कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है, यह स्पष्ट होना बाकी है। यदि आरोप साक्ष्यों से प्रमाणित होते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, मामले की सच्चाई सामने आने के लिए जांच के निष्कर्ष और न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार है।

Gua/Jagnathpur : बच्चों का भविष्य बर्बाद हुआ तो गांव, प्रखंड और देश का भविष्य बर्बाद हो जाएगा – मंजीत कोड़ा

मालुका पंचायत भवन में बाल अधिकार सुरक्षा मंच की बैठक शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रखंड से राज्य

  • मालुका पंचायत भवन में बाल अधिकार सुरक्षा मंच की बैठक
  • शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रखंड से राज्य स्तर तक आंदोलन की तैयारी
  • जगन्नाथपुर प्रखंड कमेटी का पुनर्गठन
  • बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए सामूहिक पहल पर जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा/जगन्नाथपुर : बच्चों के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मालुका पंचायत भवन में बाल अधिकार सुरक्षा मंच की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंच के जगन्नाथपुर विधानसभा अध्यक्ष मंजीत कोड़ा ने की। इस दौरान क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने, अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक पहल करने तथा गांव स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एकजुट होने की अपील

बैठक को संबोधित करते हुए मंजीत कोड़ा ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य की नींव हैं और उनकी शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि बच्चों का भविष्य बर्बाद हुआ, तो गांव, प्रखंड और देश का भविष्य भी बर्बाद हो जाएगा। शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय प्रगति का आधार है। इसलिए प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से दूर होने से बचाने के लिए अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मंच के सदस्यों को मिलकर काम करना होगा। साथ ही शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को सामने लाकर उनके समाधान के लिए संगठित प्रयास करना जरूरी है।

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पंचायत से ग्राम स्तर तक बाल अधिकार सुरक्षा मंच के विस्तार की योजना

मंच के जगन्नाथपुर विधानसभा उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र हेस्सा ने कहा कि बाल अधिकार सुरक्षा मंच का विस्तार पंचायत से लेकर प्रत्येक गांव तक किया जाएगा। इसके तहत हर गांव में कम से कम 20 सदस्यों को मंच से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, उसे दूर कराने के लिए प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों को भी मंच से जोड़ने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाने की जरूरत बताई। वहीं, मंच के सलाहकार रंजन गोप ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और शिक्षा से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संगठन को मजबूत करना आवश्यक है। जरूरत पड़ने पर इन समस्याओं को राज्य स्तर तक पहुंचाकर ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी।

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शिक्षकों की कमी दूर कराने के लिए राज्य स्तर तक आंदोलन की तैयारी

बैठक के दौरान बाल अधिकार सुरक्षा मंच की जगन्नाथपुर प्रखंड कमेटी का पुनर्गठन किया गया। नई कमेटी में मनोज बोबोंगा को अध्यक्ष, करंजीय पंचायत के मुखिया जुलियस हेम्ब्रम को सचिव, सुमन सिंकु को उपाध्यक्ष, रमेश प्रसाद वर्मा को महासचिव तथा सुशीला नायक को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। कमेटी के पुनर्गठन को संगठनात्मक मजबूती और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी पहल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने उम्मीद जताई कि नई कमेटी गांवों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाएगी तथा संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेगी।

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जगन्नाथपुर प्रखंड कमेटी में नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं

बैठक में राई भूमिज, मनोज तिरिया, अम्बाई केराई, बेनी प्रसाद सिंकु, रीता देवी, मधुसूदन हेस्सा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। बैठक में बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने और अभिभावकों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। मंच के सदस्यों ने गांव-गांव तक संगठन का विस्तार कर बाल अधिकारों से संबंधित समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि बच्चों की शिक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित प्रयास ही भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

Jamshedpur : कुदादा में अवैध पटाखा दुकानों पर प्रशासन का शिकंजा, दो दुकानें सील

बिना लाइसेंस पटाखा बिक्री पर छापेमारी, मेगोटिया इंटरप्राइजेज और मां बनभोरी ट्रेडर्स के खिलाफ कार्रवाई; अन्य दुकानों की भी होगी

  • बिना लाइसेंस पटाखा बिक्री पर छापेमारी, मेगोटिया इंटरप्राइजेज और मां बनभोरी ट्रेडर्स के खिलाफ कार्रवाई; अन्य दुकानों की भी होगी जांच
  • दीपावली से पहले पटाखा दुकानों की जांच तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : मीडिया में अवैध पटाखा बिक्री की खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने सुंदरनगर थाना क्षेत्र के कुदादा में कार्रवाई की है। दीपावली के मद्देनजर सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अवैध पटाखा कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक टीम ने दो दुकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान लाइसेंस नहीं मिलने पर दोनों दुकानों को तत्काल बंद करा दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिना अनुमति पटाखों की बिक्री करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों का पालन कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

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कुदादा में अवैध पटाखा बिक्री के खिलाफ प्रशासन की छापेमारी

शुक्रवार को बीडीओ सुमित कुमार, सीओ मनोज कुमार और सुंदरनगर थाना प्रभारी अजित मुंडा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम कुदादा पहुंची। टीम ने वहां संचालित मेगोटिया इंटरप्राइजेज और मां बनभोरी ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानदारों से पटाखा बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, जांच के दौरान दोनों दुकानदार कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों दुकानों को बंद करा दिया। अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकानदारों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।

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लाइसेंस नहीं दिखाने पर दो पटाखा दुकानों को कराया गया बंद

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि दीपावली के दौरान बिना वैध लाइसेंस पटाखों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पटाखों के कारोबार में सुरक्षा नियमों की अनदेखी से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए दुकानदारों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। प्रशासन ने सुंदरनगर क्षेत्र में अन्य पटाखा दुकानों की भी जांच जारी रखने के संकेत दिए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान सुरक्षित माहौल बनाए रखना और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना है। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि पटाखे खरीदते समय अधिकृत दुकानों को प्राथमिकता दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

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