गुवा रेलवे साइडिंग के ठेका मजदूरों के शोषण का आरोप, झारखंड मजदूर यूनियन ने बनाई संघर्ष की रणनीति
गांधी और शास्त्री जयंती पर श्रमिक हितों की रक्षा का संकल्प
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : गुवा रेलवे साइडिंग में कार्यरत ठेका मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान किए जाने के आरोप को लेकर झारखंड मजदूर यूनियन ने ठेकेदारों के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार देर शाम गुवा बाजार स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में ठेका मजदूर शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री हेमराज सोनार ने कहा कि मजदूरों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि उन्हें भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी कम भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के श्रम का उचित मूल्य मिलना उनका अधिकार है और इसके साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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न्यूनतम मजदूरी को लेकर मजदूरों में बढ़ी नाराजगी
हेमराज सोनार ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सहायक श्रम आयुक्त (एएलसी) चाईबासा, सेल गुवा प्रबंधन तथा सेल के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए यूनियन स्तर पर व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। यदि संबंधित पक्षों द्वारा समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा। यूनियन का कहना है कि मजदूरों को केवल उचित मजदूरी ही नहीं, बल्कि सभी वैधानिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
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मजदूरों की समस्याओं को अधिकारियों तक पहुंचाएगी यूनियन
बैठक के दौरान यूनियन पदाधिकारियों और मजदूरों ने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हेमराज सोनार ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों को निर्धारित मजदूरी और अन्य सुविधाएं नहीं मिलीं तो ठेकेदारों के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक से पूर्व यूनियन कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके आदर्शों को याद किया तथा श्रमिक हितों की रक्षा के संकल्प को दोहराया।























