- आदिवासी कर्मचारियों के हित, कल्याण और अधिकारों को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
- कंपनी की प्रगति में आदिवासी कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
- कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर सहयोग का भरोसा
- कर्मचारी उत्पीड़न के मामलों में संघ बनेगा आदिवासी कर्मियों का सहारा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा : यूसिल एसटी कर्मचारी संघ और यूसिल प्रबंधन के बीच मंगलवार को जादूगोड़ा स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में आदिवासी कर्मचारियों के हितों, उनके उत्थान, विकास और रोजगार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता यूसिल के उपमहाप्रबंधक राकेश कुमार ने की। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कंपनी की प्रगति और विकास में अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों की भागीदारी को कैसे और अधिक प्रभावी बनाया जाए। संघ के पदाधिकारियों ने आदिवासी कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा, कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण तथा उनके सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में दोनों पक्षों ने कर्मचारियों और कंपनी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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संघ ने प्रबंधन को सौंपा 20 सूत्री मांग पत्र
बैठक के बाद यूसिल अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के सचिव डी. हांसदा ने कहा कि झारखंड में आदिवासी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से यूसिल में पहला अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ गठित किया गया है। उन्होंने बताया कि संघ की ओर से प्रबंधन को 20 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया है। मांग पत्र में प्रत्येक तीन माह पर नियमित बैठक आयोजित करने, बैठकों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने, यूसिल द्वारा संचालित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय में शैक्षणिक सुधार लाने तथा आदिवासी कर्मचारियों के कल्याण संबंधी योजनाओं को प्रभावी बनाने की मांग शामिल है। इसके अलावा मृतक यूसिल विस्थापित परिवारों के आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराने और कंपनी को मजबूत बनाने में संघ की भूमिका को भी प्रमुखता से रखा गया। संघ ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए वह लगातार सक्रिय रहेगा।
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नियमित संवाद और कल्याणकारी योजनाओं की मांग पर संघ का जोर
डी. हांसदा ने कहा कि बिना ठोस साक्ष्य के किसी भी आदिवासी कर्मचारी के उत्पीड़न की शिकायत सामने आने पर संघ पीड़ित कर्मचारियों के समर्थन में खड़ा होगा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने बागजाता माइंस से जादूगोड़ा माइंस में कार्यरत कर्मचारी बरियार टुडू की दो दिनों तक पंचिंग रोके जाने की घटना पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि शिकायत मिलने पर संघ ऐसे मामलों को गंभीरता से उठाएगा। बैठक में जादूगोड़ा ग्रुप ऑफ माइंस के एजेंट मनोरंजन महाली सहित डी. हांसदा, श्रीजन टुडू, दामू नायक, हीरा टुडू, शखो मुर्मू, सुरजीत सोरेन, जितराई सोरेन, सुधीर मुंडा, फागु मार्डी, सुनील दिग्गी, भारत लाल किस्कू, रिंचू माझी, साहेब हांसदा, सोमराज सोरेन, गुरचरण हांसदा, मानिक मुर्मू, मंगल टुडू, लखन टुडू और लखन मार्डी समेत कई सदस्य उपस्थित थे।
























