मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान, सेल अधिकारियों से फोन पर हुई वार्ता
12 दिनों से प्रभावित उत्पादन, आर्थिक नुकसान बढ़ने की आशंका
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मनोहरपुर : मनोहरपुर स्थित सेल की चिरिया क्षेत्र अंतर्गत दुबिल माइंस के गेट पर चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन के 12वें दिन मंगलवार को जगन्नाथपुर विधायक सह उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु आंदोलनकारियों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रभावित 10 गांवों के ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष स्पष्ट कहा कि यह उनके अस्तित्व और अधिकारों की लड़ाई है तथा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें जबरन हटाने का प्रयास किया गया तो वे “सेंदरा अभियान” चलाने को बाध्य होंगे। आंदोलनकारियों का आरोप है कि माइंस से निकलने वाले लाल पानी के कारण खेतों की उर्वरता प्रभावित हुई है, जिससे कृषि कार्य बाधित हो रहा है और कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
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वार्ता को लेकर ग्रामीणों का सख्त रुख, मौके या गुवा में ही बातचीत की मांग
आंदोलनकारियों ने कहा कि रोजगार के अवसर नहीं मिलने और खेती की स्थिति बिगड़ने से क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी प्रकार की वार्ता चिरिया स्थित सेल कार्यालय में नहीं होगी। उनका कहना है कि बातचीत या तो आंदोलन स्थल पर होनी चाहिए अथवा गुवा स्थित सीजीएम कार्यालय में। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। आंदोलनकारियों के अनुसार, माइंस बंद होने के बावजूद यदि स्थिति जस की तस रही तो वे सेल के अन्य कार्यों को भी प्रभावित करने की रणनीति अपना सकते हैं।
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विधायक ने सेल अधिकारियों से की बातचीत, समाधान का मिला आश्वासन
मौके पर विधायक सोनाराम सिंकु ने सेल के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और शीघ्र समाधान निकालने की मांग की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और मूल्यांकन के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। इधर, पिछले 12 दिनों से जारी आंदोलन के कारण दुबिल माइंस में उत्पादन और परिवहन गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हैं, जिससे सेल और संबंधित ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खबर लिखे जाने तक सेल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। इस दौरान कांग्रेस नेताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति रही।
























