बुरूडीह डैम में केज कल्चर से मत्स्य पालन, 10 मॉडल तालाब विकसित करने और किसानों को समय पर केसीसी उपलब्ध कराने के निर्देश
किसानों और पशुपालकों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में सहकारिता, मत्स्य, पशुपालन, उद्यान, भूमि संरक्षण, जेएसएलपीएस तथा अन्य संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लेंपसों में 31 मार्च तक की गई धान अधिप्राप्ति एवं उसके ऑनलाइन अपलोड की स्थिति की जानकारी ली। जिन लेंपसों में धान का ऑनलाइन इंट्री कार्य लंबित है, वहां विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त कर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। साथ ही लेंपसों में बचे लगभग 35 हजार क्विंटल धान का उठाव 15 जून तक मीलरों के माध्यम से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
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धान उठाव और दुग्ध संग्रहण बढ़ाने पर दिया गया जोर
बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में बहरागोड़ा क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 5000 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। उपायुक्त ने दुग्ध संग्रहण एवं विपणन व्यवस्था का विस्तार कर अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही नई सहकारी समितियों के निबंधन और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान गत वर्ष वितरित मत्स्य स्पॉन, उससे हुए उत्पादन तथा चालू वर्ष की कार्ययोजना की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने बुरूडीह डैम में केज कल्चर के माध्यम से मत्स्य पालन प्रारंभ करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। वहीं उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से कम से कम 10 मॉडल तालाब विकसित करने पर बल दिया।
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मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए मॉडल तालाब और केज कल्चर योजना
भूमि संरक्षण विभाग की समीक्षा के दौरान डीप बोरिंग, मिनी ट्रैक्टर और पंपसेट योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभुक योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर रहे हैं। उद्यान विभाग की समीक्षा में माली प्रशिक्षण कार्यक्रम से अधिकाधिक लाभुकों को जोड़ने, संभावित क्षेत्रों में नर्सरी विकसित करने तथा प्रशिक्षण प्राप्त लाभुकों की वर्तमान गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मधुमक्खी पालन, स्ट्रॉबेरी खेती और अन्य औद्यानिकी गतिविधियों को जिले में बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
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उद्यान और भूमि संरक्षण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर समीक्षा
आगामी खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने एलडीएम को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) आवेदनों की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने और स्वीकृत आवेदनों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध होना आवश्यक है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत बकरा, सुकर, कुक्कुट एवं अन्य पशुधन का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, एलडीएम तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।























