कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों का दिया संदेश
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : जमशेदपुर में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर परसुडीह थाना द्वारा कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत एबीएमपीए उच्च विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 8वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, साइबर अपराध, सड़क सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर परसुडीह थाना प्रभारी अविनाश कुमार, विद्यालय की प्रधानाचार्या संगीता रंजन, शिक्षक शंभूनाथ महतो, मुकेश कुमार रजक तथा एएसआई संदीप कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना और उन्हें विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों की जानकारी देना था। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुलिस अधिकारियों की बातों को गंभीरता से सुना।
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साइबर ठगी और सड़क सुरक्षा पर दी महत्वपूर्ण जानकारी
थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की घटना होती है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की 108 एम्बुलेंस सेवा की जानकारी देते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह सेवा लोगों के लिए बेहद उपयोगी है। इसके अलावा उन्होंने कम उम्र में वाहन नहीं चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया।
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अंधविश्वास और डायन प्रथा के खिलाफ जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को बताया कि डायन जैसी मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और समाज को ऐसी कुप्रथाओं से दूर रहना चाहिए। उन्होंने पुलिस विभाग और सरकार द्वारा जारी विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने खुलकर सवाल पूछे और पुलिस अधिकारियों से उपयोगी जानकारियां प्राप्त कीं। विद्यालय की प्रधानाचार्या संगीता रंजन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।























