भव्य शोभायात्रा, आतिशबाजी और जयकारों के बीच कोयना नदी तट पर हुआ गणपति प्रतिमा का विसर्जन
सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का बना प्रतीक महोत्सव
जेबी लाइव, रिपोर्टर
मनोहरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल मनोहरपुर का 14 दिवसीय गणेशोत्सव सह मेला सोमवार देर रात गणपति प्रतिमा के विसर्जन के साथ संपन्न हो गया। कोयना नदी तट पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ गणपति बप्पा को विदाई दी गई। विसर्जन के दौरान पूरा नगर ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान गणेश की आराधना कर उन्हें भावभीनी विदाई दी।
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भक्ति और उल्लास के बीच संपन्न हुआ गणेशोत्सव

विसर्जन से पूर्व गणेश प्रतिमा की आकर्षक झांकी के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों, डीजे की धुन और रंगीन आतिशबाजी ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। शोभायात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां लोगों ने पुष्पवर्षा कर झांकी का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर उत्सव की शुभकामनाएं दीं। युवा, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में इस शोभायात्रा में शामिल हुए और ढोल की थाप पर देर रात तक झूमते रहे।
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भव्य शोभायात्रा ने बांधा श्रद्धा और उत्साह का समां
कोयना नदी तट पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की आरती उतारी और जयकारों के बीच प्रतिमा का विसर्जन किया। इस अवसर पर गणेश पूजा समिति के संरक्षक सह जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजित यादव, पंसस उषा देवी उर्फ खुशबू, हीरालाल नायक, राजेश सिंह, लखिन्द्र दास, विश्वशील विभव बब्बू, रविंद्र कुमार, राजेश राउत, संजय यादव, विजय साहु, अश्वनी बघेल, दीपक उपाध्याय, सुशील सिंह, सन्नी गुप्ता, बजरंग गुप्ता, लालू मंडल, पिंकी डागा, गुडलाल, जगरनाथ साहु, रोहित खैरा, हरदीप सिंह, जसजीत सिंह, अनुकूल मिश्रा, नटवर अग्रवाल, उमेश सोनी और विवेक बघेल समेत समिति के पदाधिकारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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जयकारों के बीच कोयना नदी में हुआ प्रतिमा विसर्जन
गौरतलब है कि 14 दिनों तक चले इस गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। मेले में लगी विभिन्न दुकानों, झूलों और मनोरंजन के साधनों ने लोगों को खूब आकर्षित किया। सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय एवं आमंत्रित कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और आपसी सद्भाव का संदेश देने वाला यह महोत्सव मनोहरपुर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर उभरा तथा विभिन्न समुदायों की सहभागिता ने इसकी गरिमा को और बढ़ाया।























