कथित दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका से क्षेत्र में आक्रोश
फॉरेंसिक टीम और खोजी कुत्ते की मदद से जांच, ग्रामीणों ने एसआईटी गठन और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सिल्ली/मुरी : रांची जिले के सिल्ली प्रखंड अंतर्गत मुरी थाना क्षेत्र के मारदू गांव में करीब 17 वर्ष 9 महीने की नाबालिग छात्रा सविता कुमारी की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना में करीब आठ वर्षीय मिथिलेश कुमार भी पत्थर से हमला किए जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार, घायल बच्चा हमले के बाद बेहोश हो गया था। होश आने पर वह किसी तरह अपने घर पहुंचा। उसके शरीर पर खून देखकर परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। बच्चे के बयान के आधार पर पुलिस ने छात्रा की तलाश शुरू की। इसके बाद मारदू टांड़ में छात्रा का शव बरामद किया गया।
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दुर्गा पूजा की अष्टमी पर हुई घटना से ग्रामीणों में आक्रोश
घटना दुर्गा पूजा की अष्टमी जैसे पावन अवसर पर सामने आने से लोगों में गहरा दुख और नाराजगी है। मृतका सविता कुमारी कक्षा 11वीं की छात्रा थी। ग्रामीणों के अनुसार, वह सरल स्वभाव की थी और पढ़ाई-लिखाई पर विशेष ध्यान देती थी। उसकी हत्या की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मामले में कथित दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और संबंधित मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। खासकर खेतों में काम करने और घर से बाहर निकलने वाली महिलाओं में भय व्याप्त है।
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सविता की मौत से गांव में मातम, महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। घटनास्थल पर फॉरेंसिक और तकनीकी जांच दल पहुंचे तथा आवश्यक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए। जांच में खोजी कुत्ते की भी मदद ली गई। प्रशासन ने रात करीब 12:30 से एक बजे के बीच शव को घटनास्थल से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित रिम्स भेजा। पुलिस घायल बच्चे के बयान समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। घटना के वास्तविक कारणों, संभावित आरोपियों और अपराध में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर ग्रामीणों में बेचैनी है।
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दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले की गहन, निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। पुलिस पदाधिकारियों से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग रखी गई। लोगों ने कहा कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही, पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने तथा आवश्यक फॉरेंसिक परीक्षण सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होगी।
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पीड़ित परिवार की सुरक्षा और मुआवजे की मांग
स्थानीय लोगों ने उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही, पीड़ित परिवार को सुरक्षा, उचित मुआवजा और निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की अपील की गई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कानून के तहत कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। फांसी की सजा की मांग भी उठाई गई है। इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि मामले का जल्द खुलासा होगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।






















