पोटका में मलेरिया नियंत्रण में निभाई थी अहम भूमिका, गांव-गांव जाकर चलाया था जागरूकता अभियान
सेवाभाव और सक्रियता से जीता था ग्रामीणों का विश्वास
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग तेज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों के बीच ग्रामीणों को पूर्व फार्मासिस्ट अनिल कुमार टुडू की सेवाएं याद आने लगी हैं। वर्ष 2003 से 2005 तथा 2007 से 2015 तक पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत रहे अनिल कुमार टुडू ने मलेरिया और डायरिया नियंत्रण को लेकर उल्लेखनीय कार्य किया था। उस दौरान वे नियमित रूप से प्रभावित गांवों का दौरा कर लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करते थे। समय पर जांच, दवा वितरण और स्वास्थ्य निगरानी के कारण कई क्षेत्रों में संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता मिली थी। ग्रामीणों का कहना है कि टुडू की कार्यशैली लोगों के बीच भरोसा पैदा करती थी और स्वास्थ्य सेवाओं को गांव तक पहुंचाने में मददगार साबित हुई थी।
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स्वास्थ्य जागरूकता और समय पर उपचार से ही रोकी जा सकती है ब्रेन मलेरिया की चुनौती
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग को फिर से गांव स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि अनिल कुमार टुडू की तरह स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी से संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर, जांच अभियान और दवा वितरण कार्यक्रम चलाने की मांग भी उठ रही है। लोगों ने कहा कि बीमारी से बचाव के लिए साफ-सफाई, मच्छरों पर नियंत्रण और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। ऐसे समय में टुडू द्वारा किए गए कार्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं और उनकी सेवाओं को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।
























