कुदादा–पोटका मुख्य सड़क पर अधूरा निर्माण कार्य बना आवागमन में बड़ी बाधा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका : कुदादा–पोटका मुख्य सड़क पर कुदादा के समीप निर्माणाधीन पुलिया क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण कार्य पिछले चार वर्षों से चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। लंबे समय से अधूरा पड़ा यह निर्माण कार्य स्थानीय लोगों, यात्रियों और वाहन चालकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिया निर्माण की धीमी गति के कारण रोजाना आवागमन प्रभावित हो रहा है और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं होने के कारण क्षेत्र के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
इसे भी पढ़ें : Manoharpur/Chiria : चिरिया के झामुमो नेता मनोहर झा का निधन, आवास में फंदे से लटका मिला शव
संकरे डायवर्सन से बढ़ी लोगों की परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार पुलिया निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा आवागमन के लिए एक वैकल्पिक डायवर्सन बनाया गया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। संकरी सड़क होने के कारण छोटे और बड़े वाहनों के आवागमन में लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। वर्षा के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब कीचड़ और फिसलन के कारण लोगों को जोखिम उठाकर यात्रा करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में सड़क के आधे हिस्से को खोदकर मिट्टी भरी जा रही है, जबकि पहले से बनी अच्छी सड़क को भी नुकसान पहुंचाया गया है। सड़क का आधा भाग बंद होने से अब केवल एक लेन से आवागमन हो रहा है, जिससे भारी वाहनों को विशेष कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
इसे भी पढ़ें : Ghatsila : विधायक की पहल से ढाकपथर गांव को मिली नई सड़क, ग्रामीणों में खुशी
मुखिया बगराय सोरेन ने विभाग से की हस्तक्षेप की मांग
स्थल निरीक्षण के बाद मुखिया सह झामुमो नेता बगराय सोरेन ने निर्माण कार्य की धीमी गति और अव्यवस्थित व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पहले से बनी सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द पुलिया निर्माण कार्य पूरा कराने और सुरक्षित एवं पर्याप्त डायवर्सन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने भी चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।






















