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Ranchi : झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का निधन राज्य के लिए अपूरणीय क्षति

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर छा गई है। 62 वर्षीय सोरेन का इलाज के दौरान दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राज्य के लोग मर्माहत हैं। शनिवार को उनके पैतृक गांव घोड़ाबंधा के निकट धूमा कॉलोनी में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने भी उनके अंतिम संस्कार में भाग लिया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि रामदास सोरेन का असमय निधन झारखंड की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

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जमीनी स्तर से शीर्ष तक का सफर

देवेंद्र नाथ महतो ने सोरेन के राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक ग्राम प्रधान से लेकर कैबिनेट मंत्री तक का सफर तय किया। यह उनकी लोकप्रियता और जमीनी नेता होने का प्रमाण है। उनका अंतिम दर्शन करने के लिए उनके आवास पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। सोरेन पिछले 14 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। 2 अगस्त को उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था, जिसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अपोलो अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, ब्रेन डेड होने के बाद उनके सभी अंग काम करना बंद कर दिए थे, जिसके बाद शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। इतने दिनों तक उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था।

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सदैव दिलों में रहेंगे रामदास सोरेन

झामुमो नेता पलटन मुर्मू ने भी रामदास सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उनके निधन से पूरा झारखंड, खासकर घाटशिला के लोगों को गहरा आघात पहुंचा है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। मुर्मू ने सोरेन को एक सरल, मिलनसार और ईमानदार व्यक्ति बताया। उन्होंने झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को भी याद किया और कहा कि उनके दिखाए गए रास्ते पर चलकर ही संगठन को और मजबूत किया जाएगा। मुर्मू ने कहा कि भले ही रामदास सोरेन आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह हमेशा हमारे दिलों में बसे रहेंगे।

Potka : 16 अगस्त को होगा प्रतिभा सम्मान समारोह, मेधावी छात्र-छात्राओं और सेवानिवृत्त शिक्षकों का होगा सम्मान

सूंढ़ी समाज उत्थान समिति ने आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की बांग्ला भाषा संरक्षण और नशा

  • सूंढ़ी समाज उत्थान समिति ने आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की
  • बांग्ला भाषा संरक्षण और नशा मुक्ति अभियान पर भी जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : सूंढ़ी समाज उत्थान समिति पोटका सह राजनगर की ओर से आगामी 16 अगस्त को राजनगर प्रखंड के चाईलामा गांव में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में पोटका एवं राजनगर क्षेत्र के सूंढ़ी समाज के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने मैट्रिक परीक्षा में 70 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। समिति ने पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अपने स्व-अभिप्रमाणित अंकपत्र की छायाप्रति, पिता का नाम, गांव का नाम एवं मोबाइल नंबर सहित आवेदन 31 जुलाई तक जमा करें। समिति का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और समाज में शैक्षणिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।

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मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने की पहल

हाता स्थित समाज कार्यालय में रविवार को आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समिति ने प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान पोटका और राजनगर प्रखंड के सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया। इसके अलावा बुरुडीह एवं हल्दीपोखर में बांग्ला भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए दो पाठशालाएं खोलने पर सहमति बनी। समाज में बढ़ती नशाखोरी को देखते हुए नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान चलाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। समिति के अध्यक्ष सोमेन मंडल एवं सचिव उज्वल कुमार मंडल ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। बैठक में समिति के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

Muri/Balumath : तीन मासूमों की मौत पर फूटा जनाक्रोश, सीसीएल मगध माइंस बंद कर न्याय की मांग पर बैठे देवेन्द्र नाथ महतो

पीड़ित परिवार को मुआवजा, रोजगार और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और रोजगार की

  • पीड़ित परिवार को मुआवजा, रोजगार और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज
  • पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और रोजगार की मांग तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मुरी/बालूमाथ : लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत आरा-चमातु गांव के निवासी द्वारिका गोंझू के तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतकों में माही (9 वर्ष), दीपिका (6 वर्ष) और आर्यन (3 वर्ष) शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह घटना सीसीएल मगध परियोजना प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम है। घटना के विरोध में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए। लोगों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के क्षेत्रों से भी लोग आंदोलन के समर्थन में पहुंचने लगे, जिससे पूरे इलाके में जनाक्रोश का माहौल बन गया।

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तीन मासूमों की मौत से क्षेत्र में शोक और आक्रोश

ग्रामीणों और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रतिनिधियों ने सबसे पहले मगध परियोजना के पीओ कार्यालय पहुंचकर एरिया जीएम और परियोजना पदाधिकारियों से मुलाकात करने का प्रयास किया। आंदोलनकारियों का उद्देश्य घटना पर चर्चा कर पीड़ित परिवार के लिए न्याय, उचित मुआवजा और अन्य मांगों को प्रशासन के समक्ष रखना था। हालांकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परियोजना प्रबंधन ने उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी और कोई सकारात्मक पहल नहीं की। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में लोगों ने सीसीएल मगध माइंस का संचालन बंद करा दिया और न्याय की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात तक माइंस का संचालन ठप रहा और आंदोलन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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प्रबंधन से वार्ता विफल, मगध माइंस का संचालन ठप

धरना-प्रदर्शन के दौरान देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि तीन मासूम बच्चों की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ग्रामीण अपनी पीड़ा और मांगों को लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे, तब उनकी बात सुनने तक का प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने इसे जनता के प्रति असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया। महतो ने मांग की कि पीड़ित परिवार को तत्काल सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए, घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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ऐतिहासिक पूजा के साथ खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ भव्य आयोजन विधायक ने आयोजकों की सराहना कर दी उज्ज्वल

  • ऐतिहासिक पूजा के साथ खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ भव्य आयोजन
  • विधायक ने आयोजकों की सराहना कर दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत हेंदलजुड़ी पंचायत के हलुदबनी गांव में 217वीं वर्ष प्राचीन लेदा साल पहाड़ पूजा का भव्य आयोजन श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी इस ऐतिहासिक पूजा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान फुटबॉल प्रतियोगिता, डांस धमाका तथा पारंपरिक मुर्गा पाड़ा कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित घाटशिला के विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि सदियों पुरानी परंपराओं का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करता है और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ता है।

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217 वर्षों पुरानी परंपरा आज भी बनी आस्था का केंद्र

फुटबॉल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। फाइनल मुकाबले में मार्डी एंड मार्डी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सोरेन एफसी को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम को विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया, जबकि उपविजेता सोरेन एफसी को घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण मुर्मू ने पुरस्कृत किया। प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली बीजीपी बड़ा गोविंदपुर टीम को वरिष्ठ नेता जगदीश भक्त ने सम्मानित किया, वहीं चौथे स्थान पर रही उल्दा एफसी टीम को प्रखंड कोषाध्यक्ष बाबू लाल मुर्मू ने पुरस्कार प्रदान किया। व्यक्तिगत पुरस्कारों में मार्डी एंड मार्डी टीम की स्वाति सोरेन को फाइनल मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जबकि पूरे टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार सोरेन एफसी के सूरज सोरेन को मिला।

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फुटबॉल प्रतियोगिता में मार्डी एंड मार्डी टीम बनी चैंपियन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने कहा कि 217 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही लेदा साल पहाड़ पूजा क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का इतने व्यवस्थित एवं अनुशासित ढंग से संचालन करना प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित होगा। इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण मुर्मू, कोषाध्यक्ष बाबू लाल मुर्मू, वरिष्ठ नेता जगदीश भक्त, बड़ा दुर्गा मुर्मू, राजेश महतो, मनोज गोप, बिमल मार्डी, द्रोणा गोप, सागर पानी सहित झामुमो के अनेक नेता, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

Jamshedpur : डालसा का न्याय रथ बहरागोड़ा पहुंचा, बनकटा पंचायत भवन और कस्तूरबा विद्यालय में लगा विधिक जागरूकता शिविर

90 दिवसीय अभियान के तहत ग्रामीणों और छात्राओं को कानूनी अधिकारों एवं विभिन्न सामाजिक कानूनों की दी गई जानकारी जेबी

  • 90 दिवसीय अभियान के तहत ग्रामीणों और छात्राओं को कानूनी अधिकारों एवं विभिन्न सामाजिक कानूनों की दी गई जानकारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : नालसा एवं झालसा के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) जमशेदपुर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 90 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को बहरागोड़ा प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उड़ीसा सीमा से सटे बनकटा पंचायत भवन एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बहरागोड़ा में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों और छात्राओं को उनके अधिकारों तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ विदेश सिन्हा, सहायक सदस्य मनोज कुमार सिंह, विद्यालय की वार्डेन विनीता बिरुआ तथा विभिन्न पीएलवी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक न्यायिक जागरूकता पहुंचाना और उन्हें कानून संबंधी जानकारी से सशक्त बनाना था।

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बाल विवाह, बाल श्रम और मानव तस्करी जैसे मुद्दों पर किया गया जागरूक

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नागरिकों के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्य एवं उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी। शिविर में बाल विवाह, बाल श्रम, डायन प्रथा, घरेलू हिंसा, पॉक्सो एक्ट, नशा उन्मूलन, चाइल्ड प्रोटेक्शन और ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के वंचित, पीड़ित और जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को शिक्षा, सुरक्षा और कानूनी संरक्षण से जुड़े अधिकारों की भी जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं और ग्रामीणों ने कार्यक्रम में रुचि दिखाते हुए विभिन्न कानूनी विषयों पर सवाल पूछे और जानकारी प्राप्त की। शिविर को सफल बनाने में डालसा की टीम एवं स्थानीय प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Jamshedpur : बाल विवाह रोकथाम में शिक्षकों की भूमिका अहम, जिला स्तरीय कार्यशाला में दिया गया जागरूकता का संदेश

बाल संरक्षण, पॉक्सो कानून और मानव तस्करी जैसे विषयों पर शिक्षकों को दी गई विस्तृत जानकारी जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर

  • बाल संरक्षण, पॉक्सो कानून और मानव तस्करी जैसे विषयों पर शिक्षकों को दी गई विस्तृत जानकारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सामाजिक संस्था युवा (यूथ फॉर यूनिटी वॉलंटरी एक्शन) एवं गर्ल्स फर्स्ट फंड के संयुक्त तत्वावधान में साकची स्थित होटल कैनेलाइट में बाल विवाह एवं बाल संरक्षण विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पोटका, जमशेदपुर और पश्चिम सिंहभूम के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना था। मुख्य प्रशिक्षक अजय कुमार ने बच्चों के अधिकारों, बाल विवाह के कारणों और उसके दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मानव तस्करी, पॉक्सो अधिनियम, ऑनलाइन दुर्व्यवहार और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी भी दी, ताकि शिक्षक इन विषयों पर बच्चों और अभिभावकों को जागरूक कर सकें।

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उत्कृष्ट शिक्षकों को किया गया सम्मानित

कार्यशाला के दौरान युवा संस्था की सचिव वार्णली चक्रवर्ती ने पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षकों से बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए अभिभावक-शिक्षक बैठकों में बाल विवाह और बाल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नियमित चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार अन्नी अमृता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका अनिता शर्मा एवं शिक्षक मनोज कुमार सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बना दिया।

Manoharpur : शिल्पा स्वयं सहायता समूह के खाते से 4 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का आरोप, महिलाओं ने की जांच की मांग

6 लाख रुपये ऋण वितरण दिखाने पर खुला मामला, समूह की महिलाओं का दावा—मिले केवल 2 लाख रुपये जेबी लाइव,

  • 6 लाख रुपये ऋण वितरण दिखाने पर खुला मामला, समूह की महिलाओं का दावा—मिले केवल 2 लाख रुपये

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड के रेंगालबेड़ा गांव स्थित शिल्पा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने समूह के बैंक खाते से 4 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का गंभीर आरोप लगाया है। समूह की अध्यक्ष एतवारी लकड़ा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व तिरला निवासी सुबानी लकड़ा तथा बैंक सहायक बेंजामिन पुर्ती ने उन्हें जानकारी दी थी कि समूह के खाते में राशि आई है और बैंक प्रबंधन की ओर से पैसे प्राप्त करने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद सुबानी लकड़ा समूह की अध्यक्ष एवं सचिव को बैंक लेकर गई, जहां दो अलग-अलग दिनों में 49-49 हजार रुपये निकासी से संबंधित फॉर्म भरवाए गए। अध्यक्ष के अनुसार, कुछ दिनों बाद सुबानी लकड़ा ने समूह को 2 लाख रुपये नकद सौंप दिए, जिसके बाद महिलाओं को लगा कि उन्हें स्वीकृत राशि प्राप्त हो चुकी है।

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बैंक रिकॉर्ड में 6 लाख रुपये ऋण वितरण दर्ज होने से बढ़ा विवाद

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब बैंक प्रबंधक और बैंक कर्मी बेंजामिन पुर्ती रेंगालबेड़ा स्थित समूह अध्यक्ष के घर पहुंचे और समूह के नाम पर लिए गए 6 लाख रुपये ऋण की राशि जमा करने की बात कही। यह सुनकर समूह की महिलाएं हैरान रह गईं। अध्यक्ष एतवारी लकड़ा ने स्पष्ट किया कि समूह को केवल 2 लाख रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जबकि 6 लाख रुपये मिलने की कोई जानकारी उन्हें नहीं है। इसके बाद समूह की सदस्य बैंक पहुंचीं और पासबुक तथा खाते से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई। जांच के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि बैंक रिकॉर्ड में समूह के खाते से कुल 6 लाख रुपये की निकासी दर्ज है, जबकि उनके पास केवल 2 लाख रुपये ही पहुंचे हैं।

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थाना में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी, निष्पक्ष जांच की मांग

खाते की जानकारी सामने आने के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में आक्रोश फैल गया। समूह की सदस्यों का आरोप है कि उनके खाते से 4 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वे मनोहरपुर थाना में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराएंगी और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगी। साथ ही इस संबंध में एक लिखित शिकायत जेएसपीएल कार्यालय, मनोहरपुर को भी सौंप दी गई है। समूह की महिलाओं का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सकेगी। अब स्थानीय लोगों की नजर इस मामले में प्रशासन और बैंक प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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