- किरीबुरू पुलिस की संवेदनशील पहल से मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला सकुशल घर पहुंची
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र से एक सकारात्मक और मानवीय खबर सामने आई है, जहां आमतौर पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच तनावपूर्ण हालात बने रहते हैं। ऐसे संवेदनशील माहौल में किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने एक भटकी हुई महिला को उसके परिवार तक सकुशल पहुंचाकर सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार सारंडा क्षेत्र में तैनात सीआईएसएफ जवानों ने सुबह करीब पांच बजे एक महिला को संदिग्ध हालत में घूमते देखा। महिला काले कपड़ों में थी और इलाके में हाल ही में नक्सली गतिविधियों के कारण सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त थी। जवानों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित हिरासत में लेकर किरीबुरू थाना पुलिस को सौंप दिया।
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पूछताछ में खुला मामला, परिवार से बिछड़कर पहुंची थी जंगल क्षेत्र
थाना में महिला से पूछताछ की गई, जिसमें पंचायत की मुखिया और महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई। जांच के दौरान पता चला कि महिला कल्पना देवी है, जो देवघर जिले के रंगामोदी चक गांव की रहने वाली है और मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही है। मामूली पारिवारिक विवाद के बाद वह एक अप्रैल से लापता थी और भटकते हुए सारंडा के घने जंगलों तक पहुंच गई थी। पुलिस ने उसे सुरक्षित स्थान पर रखा, नए कपड़े और चप्पल उपलब्ध कराए तथा लगातार उसके परिजनों की तलाश में जुट गई। इस दौरान पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए महिला की हर संभव देखभाल की।
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परिजनों से संपर्क कर सौंपा सुपुर्द, पुलिस की पहल की सराहना
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने महिला के पति शिव नारायण राय और पिता त्रिपुरारी राय से संपर्क स्थापित किया। सूचना मिलने पर दोनों परिजन किरीबुरू पहुंचे और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को उनके सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि कल्पना देवी पहले भी कई बार घर छोड़कर दूर-दराज के शहरों तक चली गई थी, लेकिन हर बार उसे ढूंढकर वापस लाया गया। इस बार भी पुलिस की तत्परता से वह सुरक्षित मिल सकी। नक्सल प्रभावित इलाके में इस तरह की संवेदनशील कार्रवाई ने पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत किया है और स्थानीय लोगों के बीच विश्वास बढ़ाया है। यह घटना मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।






















