छह माह से लंबित भुगतान और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना
लंबित मानदेय को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत लगभग 3500 संविदा आधारित अनुबंधकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले दिन जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी चाईबासा स्थित सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में पिछले छह माह से लंबित मानदेय का भुगतान, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित मानदेय वृद्धि का भुगतान तथा अन्य लंबित समस्याओं का समाधान शामिल है। अनुबंधकर्मियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई से लेकर दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी कठिन हो गया है।
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मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से लिया हड़ताल का फैसला
धरना पर बैठे कर्मियों ने बताया कि अपनी समस्याओं को लेकर वे कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा कि 20 जून को भी बड़ी संख्या में अनुबंधकर्मियों ने सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा था और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद कोई सकारात्मक पहल नहीं होने पर उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। इस आंदोलन में मलेरिया, कुष्ठ, टीबी, एनसीडी सेल सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े सहिया, सहिया साथी, बीटीटी, एएनएम, सीएचओ, डीपीटी, टीपीसी और एसटीटी समेत बड़ी संख्या में अनुबंधकर्मी शामिल हैं।
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सिविल सर्जन ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
धरना-प्रदर्शन के दौरान अनुबंधकर्मियों ने सरकार और विभाग से लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान करने तथा अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन समय पर मानदेय नहीं मिलने से उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए कहा कि कर्मियों की मांगें उचित हैं। उन्होंने बताया कि लंबित मानदेय भुगतान के संबंध में स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेजा जा चुका है और विभाग स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही भुगतान प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और समस्या का समाधान निकल जाएगा।























