स्वरचित कविता, कहानी और लेख प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों को मिलेगा साहित्यिक मंच
विद्यालयों में पहुंचकर शिक्षकों से किया गया संवाद
जेबी लाइव, रिपोर्टर
राजनगर : राजनगर प्रखंड में झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद द्वारा स्कूली बच्चों के भीतर छिपी साहित्यिक एवं सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष संपर्क अभियान चलाया गया। परिषद का मानना है कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों की बहुमुखी प्रतिभाओं के विकास का माध्यम भी बननी चाहिए। इसी उद्देश्य से परिषद के अध्यक्ष भवतारन मंडल, झारखंड प्रभा के संपादक सुनील कुमार दे तथा परिषद के सक्रिय सदस्य स्वपन कुमार मंडल ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सरस्वती शिशु मंदिर हैंसल, इटापुकुर उच्च विद्यालय, जेएनबी सिजुलता, इदल उच्च विद्यालय तथा छोटानागपुर कॉलेज हैंसल के प्रधान शिक्षकों से मुलाकात कर विद्यार्थियों के लिए स्वरचित कविता, कहानी और लेख प्रतियोगिता आयोजित करने का अनुरोध किया। इस दौरान विद्यालयों को सूचना पत्र और झारखंड प्रभा की प्रति भी भेंट की गई।
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उत्कृष्ट रचनाओं को मिलेगा प्रकाशन और सम्मान
परिषद की ओर से विद्यालयों से अनुरोध किया गया है कि 15 जुलाई तक प्रतियोगिताओं का आयोजन कर अपने स्तर पर परिणाम घोषित करें तथा प्रत्येक विधा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों के नाम उनकी रचनाओं के साथ 17 जुलाई तक परिषद को भेजें। उत्कृष्ट रचनाओं का चयन कर उन्हें झारखंड प्रभा पत्रिका में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद चयनित प्रतिभागियों के बीच 2 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजे माताजी आश्रम, हाता में अंतिम प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें विषय अलग रहेगा। परिषद ने घोषणा की है कि सभी सफल प्रतिभागियों को 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित वार्षिक उत्सव में सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। परिषद की इस पहल की सभी विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों ने सराहना की और विद्यार्थियों की साहित्यिक प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
























