Share

Manoharpur : दुबिल माइंस के आंदोलनरत ग्रामीणों से मिलीं सांसद जोबा माझी

  • दस दिनों से जारी धरने के बीच समस्याएं सुनीं, जल्द त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित कराने का दिया आश्वासन
  • ग्रामीणों ने सांसद को सौंपा मांग पत्र

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर के चिरिया क्षेत्र स्थित दुबिल माइंस में विभिन्न मांगों को लेकर पिछले दस दिनों से आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से रविवार को सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित ज्ञापन सांसद को सौंपते हुए समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग की। सांसद ने लगभग एक घंटे तक आंदोलनरत ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी बातों को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सांसद ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : मानुषमुड़िया में झारखंड आंदोलनकारी सुरेंद्र नाथ हांसदा को श्रद्धांजलि

जल्द होगी प्रबंधन और ग्रामीणों के साथ त्रिपक्षीय बैठक

वार्ता के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि जल्द ही एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सांसद जोबा माझी, दुबिल माइंस प्रबंधन के प्रतिनिधि तथा ग्रामीण शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य सभी पक्षों के साथ चर्चा कर व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकालना होगा। सांसद ने कहा कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान संभव है और सभी पक्षों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बैठक में ग्रामीणों की मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और समाधान के लिए उचित पहल की जाएगी।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय ने तीन शोधार्थियों को प्रदान की पीएच.डी. उपाधि

रोजगार, मुआवजा और जल सुविधा प्रमुख मांगें

ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में दुबिल गांव के स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियों को माइंस में रोजगार में प्राथमिकता देना, करीब 200 युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराना, माइंस से प्रभावित बंजर भूमि का खतियान के आधार पर मुआवजा देना तथा गांव के आठ चापाकलों पर सौर ऊर्जा आधारित जलमीनार स्थापित करना शामिल है। इन मांगों को लेकर ग्रामीण पिछले दस दिनों से दुबिल माइंस के मुख्य गेट के सामने तंबू लगाकर धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के कारण माइंस की खनन गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। मौके पर ग्राम मुंडा रामलाल चांपिया, दुलाल आइंद, गुरा मुर्मू, निशा आइंद, सुनील हांसदा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

Leave a Comment

Jamshedpur : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय ने तीन शोधार्थियों को प्रदान की पीएच.डी. उपाधि

हिंदी और अंग्रेज़ी विषयों में शोध कार्य पूर्ण करने पर मिली उपाधि, कुलपति ने दी शुभकामनाएं तीन शोधार्थियों की मेहनत

  • हिंदी और अंग्रेज़ी विषयों में शोध कार्य पूर्ण करने पर मिली उपाधि, कुलपति ने दी शुभकामनाएं
  • तीन शोधार्थियों की मेहनत को मिली अकादमिक पहचान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय ने शोध और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए तीन शोधार्थियों को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की उपाधि प्रदान की है। विश्वविद्यालय द्वारा यह उपाधि मौखिकी परीक्षा (वाइवा वॉयस) के सफल समापन और शोध-प्रबंधों को स्वीकृति मिलने के बाद प्रदान की गई। हिंदी विभाग की शोधार्थी शशिबाला बागे को “झारखंड के हिंदी कथा साहित्य का स्त्री-स्वर : संवेदना और चुनौतियाँ” विषय पर किए गए शोध के लिए पीएच.डी. प्रदान की गई। उनके शोध निर्देशक डॉ. अविनाश कुमार सिंह रहे। वहीं अंग्रेज़ी विभाग की मम्पी अधिकारी को “Ecriture Feminine in Select Indian Writings in English” विषय पर शोध के लिए पीएच.डी. उपाधि मिली, जिनकी शोध निर्देशक डॉ. मनीषा टाइटस थीं।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : तीजनबाई के निधन पर विधायक सरयू राय ने जताया शोक

हिंदी के शोध कार्य को भी मिली मान्यता

विश्वविद्यालय ने हिंदी विभाग की शोधार्थी कल्पना कुमारी को भी पीएच.डी. उपाधि प्रदान की। उनका शोध विषय “राजभाषा हिन्दी के विकास में सरकारी उपक्रमों एवं निकायों का योगदान (झारखंड के कोल्हान क्षेत्र के विशेष संदर्भ में)” रहा। इस शोध कार्य का निर्देशन डॉ. नूपुर अन्विता मिंज ने किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह इस वर्ष प्रदान की गई चौथी पीएच.डी. उपाधि है। इससे पूर्व गृह विज्ञान विभाग की एक शोधार्थी को भी पीएच.डी. उपाधि प्रदान की जा चुकी है। विश्वविद्यालय लगातार शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे अकादमिक वातावरण और अधिक सशक्त हो रहा है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : विप्र फाउंडेशन झारखंड की नई कार्यकारिणी ने संभाला पदभार

शोध संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) एला कुमार ने सभी शोधार्थियों और उनके शोध निर्देशकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीएच.डी. उपाधि विश्वविद्यालय की सुदृढ़ होती शोध-संस्कृति और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि शोधार्थियों का कार्य अपने-अपने विषयों में महत्वपूर्ण योगदान देगा और भविष्य के शोधकर्ताओं को प्रेरित करेगा। कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रमण्यम और उनकी टीम की भी सराहना की, जिन्होंने मूल्यांकन एवं परीक्षा प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारु रूप से संपन्न कराया। विश्वविद्यालय ने सभी नवोपाधि प्राप्त शोधार्थियों को उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

Jamshedpur : तीजनबाई के निधन पर विधायक सरयू राय ने जताया शोक

पंडवानी गायन की महान हस्ती के निधन को कला जगत की अपूरणीय क्षति बताया पंडवानी को वैश्विक पहचान दिलाने में

  • पंडवानी गायन की महान हस्ती के निधन को कला जगत की अपूरणीय क्षति बताया
  • पंडवानी को वैश्विक पहचान दिलाने में रही अहम भूमिका

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : ख्यातिलब्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा कि तीजनबाई ने पंडवानी गायिकी को देश-दुनिया में नई पहचान और लोकप्रियता दिलाई। उन्होंने वर्षों की साधना और समर्पण से इस लोककला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया तथा अनेक कलाकारों को प्रशिक्षित कर इस परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य किया। आज भी उनके शिष्य और अनुयायी पंडवानी गायन के माध्यम से इस विरासत को जीवित रखे हुए हैं।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : नवयुग दल एवं प्रज्ञा महिला मंडल की गोष्ठी में सेवा कार्यों की बनी रूपरेखा

कला जगत में कभी न भरने वाला शून्य

सरयू राय ने कहा कि वर्ष 2022 में रांची में आयोजित पर्यावरण मेले में तीजनबाई की प्रस्तुति ने लोगों के मन पर गहरी छाप छोड़ी थी। उनकी कला, शैली और प्रस्तुति अद्वितीय थी। उन्होंने कहा कि तीजनबाई के निधन से पंडवानी गायन की दुनिया में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उल्लेखनीय है कि उन्हें वर्ष 1995 में प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनके निधन पर कला एवं सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर है।

Jamshedpur : नवयुग दल एवं प्रज्ञा महिला मंडल की गोष्ठी में सेवा कार्यों की बनी रूपरेखा

गुरु पूर्णिमा, रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण अभियान के सफल आयोजन को लेकर हुई विस्तृत चर्चा आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर

  • गुरु पूर्णिमा, रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण अभियान के सफल आयोजन को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
  • आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर हुआ मंथन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के भालूबासा स्थित गायत्री ज्ञान मंदिर में नवयुग दल एवं प्रज्ञा महिला मंडल, टाटानगर की एक विशेष गोष्ठी झारखंड प्रांत के समन्वयक संतोष कुमार राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के आगामी सेवा एवं सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महापर्व, 9 अगस्त को विशाल रक्तदान शिविर तथा श्रावण मास के दौरान एक माह तक चलने वाले वृक्षारोपण अभियान को भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित किया जाएगा। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इन कार्यक्रमों को समाजहित में महत्वपूर्ण बताते हुए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : विप्र फाउंडेशन झारखंड की नई कार्यकारिणी ने संभाला पदभार

श्रद्धांजलि सभा और जिम्मेदारियों का हुआ निर्धारण

गोष्ठी में विगत दो माह के दौरान महाप्रयाण कर चुके गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजनों की स्मृति में 12 जुलाई को गायत्री ज्ञान मंदिर, भालूबासा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर दिवंगत परिजनों के परिवारों के साथ गायत्री परिवार के सदस्य श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए विभिन्न सदस्यों को जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। गुरु पूर्णिमा महापर्व के आयोजन का दायित्व रूबी शर्मा, नेहा भगत और रंजीता राय को दिया गया। वहीं रक्तदान शिविर के लिए संजीव कुमार सिन्हा, संगीता साल और आलोक सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रावण मास के वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व अमित वर्मा और संजय वर्मा करेंगे।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : स्व. गुरदयाल सिंह भाटिया की तीसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, समाजसेवा के योगदान को किया गया याद

वैवाहिक वर्षगांठ पर दी शुभकामनाएं, सेवा का लिया संकल्प

बैठक के उपरांत गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन वीरेंद्र नाथ पांडे एवं सत्यवती पांडे की वैवाहिक वर्षगांठ हर्षोल्लास और आत्मीय वातावरण में मनाई गई। उपस्थित सभी सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं दीं। इस अवसर पर संगठन के सदस्यों ने आगामी सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूर्ण समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

Jamshedpur : विप्र फाउंडेशन झारखंड की नई कार्यकारिणी ने संभाला पदभार

रांची में आयोजित समारोह में सात जिलों की कमिटियों की घोषणा जमशेदपुर और चाईबासा इकाई को मिली नई जिम्मेदारी जेबी

  • रांची में आयोजित समारोह में सात जिलों की कमिटियों की घोषणा
  • जमशेदपुर और चाईबासा इकाई को मिली नई जिम्मेदारी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : विप्र फाउंडेशन झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी का पदभार ग्रहण समारोह रविवार को रांची के हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेश कार्यकारिणी के साथ-साथ राज्य के सात जिलों की नई कमिटियों की भी विधिवत घोषणा की गई। जमशेदपुर जिला इकाई के लिए सुरेश शर्मा को अध्यक्ष और राजेश शर्मा को सचिव नियुक्त किया गया, जबकि चाईबासा जिला इकाई में अनुप जोशी को अध्यक्ष एवं पवन शर्मा को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा रांची, सिमडेगा, गिरिडीह, देवघर और रामगढ़ जिलों की नई कमिटियों की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : स्व. गुरदयाल सिंह भाटिया की तीसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, समाजसेवा के योगदान को किया गया याद

बड़ी संख्या में जुटे समाज के प्रतिनिधि

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सीए डॉ. सुनील शर्मा उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष सीए जयप्रकाश शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन शशांक भारद्वाज और प्रमोद सारस्वत ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में जमशेदपुर से सांवरलाल शर्मा, गणेश दायमा, देवराज, बैजनाथ, अनिल, गोविंद भारद्वाज, प्रदीप मिश्रा, दिलीप, सनी, मनोज, अंकित सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। वहीं झारखंड के विभिन्न जिलों से महिला एवं पुरुष प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर संगठन को मजबूत बनाने और समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया।

Jamshedpur : स्व. गुरदयाल सिंह भाटिया की तीसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, समाजसेवा के योगदान को किया गया याद

बिष्टुपुर गुरुद्वारा में आयोजित कार्यक्रम में जुटे समाज के गणमान्य लोग सीजीपीसी ने भाई मोहन सिंह को किया सम्मानित श्रद्धा

  • बिष्टुपुर गुरुद्वारा में आयोजित कार्यक्रम में जुटे समाज के गणमान्य लोग
  • सीजीपीसी ने भाई मोहन सिंह को किया सम्मानित
  • श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई पुण्यतिथि

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रमुख उद्योगपति स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया की तीसरी पुण्यतिथि रविवार को बिष्टुपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके पुत्र दयाल बिल्डर्स के चेयरमैन सुरेंद्र पाल सिंह टीटू, पोत्र साहिब सिंह तथा परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया को श्रद्धांजलि अर्पित की। सिख पंथ के प्रख्यात कीर्तनकार भाई गुरविंदर सिंह रुद्रपुर वाले ने गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया और दिवंगत आत्मा की स्मृति में अरदास की गई। कार्यक्रम में विधायक मंगल कालिंदी, पटना साहिब के महासचिव इंद्रजीत सिंह, पूर्व विधायक कुणाल सारंगी, सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह, पूर्व डिप्टी मेयर बॉबी सिंह तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : ‘प्रोजेक्ट जागृति’ से टीबी उन्मूलन अभियान को मिली नई मजबूती

सामाजिक सौहार्द और शिक्षा के क्षेत्र में रहा उल्लेखनीय योगदान

वक्ताओं ने स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया के जीवन और उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल एक सफल उद्योगपति ही नहीं, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी एक मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संरक्षक, स्टेशन रोड गुरुद्वारा एवं गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा से जुड़े विभिन्न दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इसके अलावा वे जुगसलाई थाना शांति समिति के अध्यक्ष तथा सेंट्रल शांति समिति के सक्रिय सदस्य भी रहे। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1984 के दंगों के दौरान विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा परिसर में स्थापित जीआरडी इंग्लिश स्कूल के शुरुआती विकास में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा, जिसका लाभ आज सभी समुदायों के विद्यार्थी उठा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : दीवार गिरने से दिव्यांग युवती की मौत, गांव में पसरा मातम

हर संकट में समाज को जोड़ने का किया प्रयास

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय गुरदयाल सिंह का व्यक्तित्व अत्यंत प्रभावशाली और सर्वमान्य था। किसी भी सामाजिक विवाद या तनावपूर्ण स्थिति में उनकी उपस्थिति समाधान का मार्ग प्रशस्त करती थी। वक्ताओं ने बताया कि रामनवमी और मोहर्रम जैसे आयोजनों में वे हमेशा बढ़-चढ़कर सहयोग करते थे। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद जब क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना था, तब उन्होंने विभिन्न समुदायों के लोगों के बीच संवाद स्थापित कर शांति और भाईचारे का वातावरण बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए भी वे सदैव तत्पर रहते थे। उनके जीवन से समाजसेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा मिलती है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : ट्रैक मेंटेनरों को मकान किराया भत्ता नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

सीजीपीसी ने भाई मोहन सिंह को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) की ओर से स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया के परिवार द्वारा समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। इस अवसर पर उनके भाई सरदार मोहन सिंह, पुत्र सुरेंद्र पाल सिंह टीटू तथा पोत्र साहिब सिंह को दीन-दुखियों की सेवा और सामाजिक योगदान के लिए शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सीजीपीसी चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, वाइस चेयरमैन गुरमीत सिंह एवं हरदीप सिंह दीप, वरीय उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह, धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन रामकृष्ण सिंह, स्टेशन रोड गुरुद्वारा प्रधान महेंद्र पाल सिंह, केंद्रीय सिख स्त्री सभा की चेयरमैन कमलजीत कौर सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, धार्मिक प्रतिनिधि और संगत उपस्थित रही। कार्यक्रम का समापन अरदास और गुरु का लंगर वितरण के साथ हुआ।

Chaibasa : ‘प्रोजेक्ट जागृति’ से टीबी उन्मूलन अभियान को मिली नई मजबूती

पश्चिमी सिंहभूम में 155 निक्षय मित्रों ने 638 टीबी मरीजों को लिया गोद जनभागीदारी से बढ़ रहा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

  • पश्चिमी सिंहभूम में 155 निक्षय मित्रों ने 638 टीबी मरीजों को लिया गोद
  • जनभागीदारी से बढ़ रहा स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से संचालित ‘प्रोजेक्ट जागृति–बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति मिल रही है। इस पहल के तहत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों के उपचार और पोषण में सहयोग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक जिले में 155 व्यक्ति, संस्थाएं और सामाजिक संगठन 638 टीबी मरीजों को गोद ले चुके हैं। ये निक्षय मित्र मरीजों को नियमित रूप से पोषण सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनका मनोबल भी बढ़ा रहे हैं। अप्रैल 2026 से 1 जुलाई 2026 तक जिले में उपचाररत टीबी मरीजों की संख्या 3,320 दर्ज की गई है। अभियान का उद्देश्य मरीजों को बेहतर पोषण, नियमित दवा सेवन और समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उन्हें शीघ्र स्वस्थ बनाना है।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : दीवार गिरने से दिव्यांग युवती की मौत, गांव में पसरा मातम

पदाधिकारी और संस्थाएं निभा रहे सामाजिक जिम्मेदारी

अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, निजी अस्पतालों, सामाजिक संस्थाओं तथा जेएसएलपीएस के सीएलएफ समूहों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। उपायुक्त मनीष कुमार ने स्वयं 51 टीबी मरीजों को गोद लेकर अभियान में प्रेरणादायक भूमिका निभाई है। वहीं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने 21, झींकपानी की प्रखंड विकास पदाधिकारी सीमा आइंद ने 22, आरईओ चक्रधरपुर के कार्यपालक अभियंता विकास खलखो ने 20 तथा झींकपानी के अंचलाधिकारी नितेश खलखो ने 17 मरीजों को गोद लिया है। सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी सहित कई अधिकारियों ने भी 11-11 मरीजों की जिम्मेदारी संभाली है। इसके अलावा सृष्टि अल्ट्रासाउंड एंड आई क्लिनिक, प्रवीण अल्ट्रासाउंड एंड आई क्लिनिक, गायत्री सेवा सदन, लाइफ नर्सिंग होम, संजीव नेत्रालय, सनराइज अस्पताल और सीएलएफ सोनुवा जैसे संस्थानों ने भी 11-11 मरीजों को गोद लेकर अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : रोटरैक्ट क्लब ऑफ चाईबासा की नई टीम का गठन, विकास गुप्ता ने संभाली अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

निक्षय मित्रों की भूमिका से बढ़ रही जागरूकता

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निक्षय मित्र द्वारा गोद लिए गए प्रत्येक टीबी मरीज को छह माह तक पोषण सामग्री की टोकरी उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि मरीज स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही टीबी रोधी दवाओं का नियमित सेवन करें। उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले के सक्षम नागरिकों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, निजी संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से अधिक से अधिक संख्या में निक्षय मित्र बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी, जब समाज का हर सक्षम व्यक्ति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाए। जिला प्रशासन का मानना है कि ‘प्रोजेक्ट जागृति’ न केवल मरीजों को बेहतर उपचार और पोषण उपलब्ध करा रहा है, बल्कि समाज में टीबी के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहा है।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top