हिंदी और अंग्रेज़ी विषयों में शोध कार्य पूर्ण करने पर मिली उपाधि, कुलपति ने दी शुभकामनाएं
तीन शोधार्थियों की मेहनत को मिली अकादमिक पहचान
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय ने शोध और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए तीन शोधार्थियों को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की उपाधि प्रदान की है। विश्वविद्यालय द्वारा यह उपाधि मौखिकी परीक्षा (वाइवा वॉयस) के सफल समापन और शोध-प्रबंधों को स्वीकृति मिलने के बाद प्रदान की गई। हिंदी विभाग की शोधार्थी शशिबाला बागे को “झारखंड के हिंदी कथा साहित्य का स्त्री-स्वर : संवेदना और चुनौतियाँ” विषय पर किए गए शोध के लिए पीएच.डी. प्रदान की गई। उनके शोध निर्देशक डॉ. अविनाश कुमार सिंह रहे। वहीं अंग्रेज़ी विभाग की मम्पी अधिकारी को “Ecriture Feminine in Select Indian Writings in English” विषय पर शोध के लिए पीएच.डी. उपाधि मिली, जिनकी शोध निर्देशक डॉ. मनीषा टाइटस थीं।
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हिंदी के शोध कार्य को भी मिली मान्यता
विश्वविद्यालय ने हिंदी विभाग की शोधार्थी कल्पना कुमारी को भी पीएच.डी. उपाधि प्रदान की। उनका शोध विषय “राजभाषा हिन्दी के विकास में सरकारी उपक्रमों एवं निकायों का योगदान (झारखंड के कोल्हान क्षेत्र के विशेष संदर्भ में)” रहा। इस शोध कार्य का निर्देशन डॉ. नूपुर अन्विता मिंज ने किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह इस वर्ष प्रदान की गई चौथी पीएच.डी. उपाधि है। इससे पूर्व गृह विज्ञान विभाग की एक शोधार्थी को भी पीएच.डी. उपाधि प्रदान की जा चुकी है। विश्वविद्यालय लगातार शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे अकादमिक वातावरण और अधिक सशक्त हो रहा है।
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शोध संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) एला कुमार ने सभी शोधार्थियों और उनके शोध निर्देशकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीएच.डी. उपाधि विश्वविद्यालय की सुदृढ़ होती शोध-संस्कृति और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि शोधार्थियों का कार्य अपने-अपने विषयों में महत्वपूर्ण योगदान देगा और भविष्य के शोधकर्ताओं को प्रेरित करेगा। कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रमण्यम और उनकी टीम की भी सराहना की, जिन्होंने मूल्यांकन एवं परीक्षा प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारु रूप से संपन्न कराया। विश्वविद्यालय ने सभी नवोपाधि प्राप्त शोधार्थियों को उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।























