युवाओं की भूमिका, शिक्षा और सतत विकास पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : चाईबासा स्थित महिला कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) बी.एड. इकाई द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनसंख्या संबंधी मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं की भूमिका पर सार्थक चर्चा करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। बी.एड. विभागाध्यक्ष डॉ. मोबारक करीम हाशमी ने स्वागत भाषण देकर मुख्य वक्ता एवं छात्राओं का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लेकर जनसंख्या, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े विषयों पर अपनी रुचि दिखाई। आयोजन के दौरान छात्राओं को जनसंख्या वृद्धि के प्रभाव और उससे जुड़े सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं की जानकारी भी दी गई।
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जनसंख्या जागरूकता और लैंगिक समानता पर दिया गया विशेष जोर
राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि महिला कॉलेज में प्रतिवर्ष विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के साथ संसाधनों पर दबाव बढ़ता है, इसलिए युवाओं को इन मुद्दों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाना आवश्यक है। कार्यक्रम में छात्राओं को जनसंख्या नियंत्रण, महिला सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व से भी अवगत कराया गया, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव की भागीदार बन सकें।
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युवाओं को देश के विकास का आधार बताया गया
मुख्य वक्ता डॉ. प्रभात कुमार सिंह, सीवीसी, कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा ने “युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना – आज और भविष्य के लिए” विषय पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और यदि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, समान अवसर तथा कौशल विकास के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे न केवल अपने सपनों को साकार कर सकते हैं, बल्कि देश के समावेशी और सतत विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। संवाद सत्र में छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजीव लोचन नमता ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।























