NAMA के समर्थन के बाद पत्रकार आजाद हेम्ब्रम ने झामुमो नेतृत्व को सौंपा आवेदन, मुखिया पर लगाए गंभीर आरोप
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : चाईबासा जिले के गोइलकेरा प्रखंड अंतर्गत कायदा पंचायत की मुखिया एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सोमवारी बाहन्दा पर स्थानीय पत्रकार आजाद सिंह हेम्ब्रम के साथ कथित रूप से फोन पर गाली-गलौज और धमकी देने के आरोपों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर पत्रकार संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। नेशनल आदिवासी मीडिया एसोसिएशन (NAMA) द्वारा पत्रकार के समर्थन में बैठक आयोजित किए जाने के बाद अब स्वयं पत्रकार आजाद हेम्ब्रम ने भी झामुमो के वरिष्ठ नेताओं को लिखित आवेदन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
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चबूतरा निर्माण कार्य की खबर के बाद विवाद बढ़ने का दावा
जानकारी के अनुसार, कायदा पंचायत के ग्राम पांता में 15वें वित्त आयोग की राशि से हुए चबूतरा निर्माण कार्य को लेकर पत्रकार आजाद हेम्ब्रम ने सवाल उठाए थे। उन्होंने निर्माण कार्य की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया और बाद में समाचार माध्यमों के जरिए भी मामला प्रकाशित किया। पत्रकार के लिखित आवेदन में कहा गया है कि जिस चबूतरे का निर्माण वर्ष 2026 में कराया गया, वह पूर्व में भी बन चुका था और उसके पुनर्निर्माण अथवा मरम्मत को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे थे। आवेदन के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी, गोइलकेरा को मौखिक शिकायत भी की थी। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को कथित अनियमितता से संबंधित खबर प्रसारित की गई।
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पत्रकार ने फोन पर अभद्र भाषा और धमकी देने का लगाया आरोप
पत्रकार आजाद हेम्ब्रम ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि खबर प्रकाशित होने के बाद उन्हें एक मोबाइल नंबर से फोन आया, जिसमें कथित तौर पर उनके और उनके परिवार के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि बातचीत के दौरान उन्हें डराने-धमकाने और मारपीट की चेतावनी भी दी गई। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस घटना से वे मानसिक रूप से आहत हुए हैं। हेम्ब्रम ने कहा कि एक पत्रकार के रूप में वे जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर करने और जनता तथा प्रशासन के बीच सूचना का सेतु बनने का कार्य करते हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की धमकी स्वीकार्य नहीं है।
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NAMA ने पत्रकार के समर्थन में दिखाई एकजुटता
घटना के बाद नेशनल आदिवासी मीडिया एसोसिएशन (NAMA) की जिला स्तरीय बैठक चाईबासा में आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पत्रकार शामिल हुए। बैठक में संगठन ने पत्रकार आजाद हेम्ब्रम के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि किसी विकास कार्य या सरकारी योजना की स्थिति को जनता के सामने लाना पत्रकारिता का दायित्व है। संगठन का कहना है कि यदि किसी खबर पर आपत्ति है तो उसका जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाना चाहिए। NAMA ने संबंधित जनप्रतिनिधि से पत्रकार के प्रति कथित व्यवहार पर माफी मांगने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मामले की स्वतंत्र पड़ताल की जाएगी।
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झामुमो नेतृत्व से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पत्रकार आजाद हेम्ब्रम ने अपने आवेदन की प्रतिलिपि झामुमो की सांसद सह केंद्रीय महासचिव जोबा माझी, केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता विनोद पांडेय तथा मनोहरपुर विधायक जगत माझी को भी भेजी है। आवेदन में उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने और संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कदम उठाने की मांग की है। पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पत्रकारों की स्वतंत्रता, सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के बीच संवाद मर्यादित और सम्मानजनक होना चाहिए। अब सभी की निगाहें झामुमो नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और आरोपों की जांच को लेकर क्या कदम उठाते हैं।


























