ऑपरेशन नार्कोस के तहत संयुक्त अभियान में मिली सफलता
नारकोटिक्स डॉग ‘मैक्स’ ने भी निभाई अहम भूमिका
आरपीएफ, जीआरपी और डॉग स्क्वॉड ने मिलकर की कार्रवाई
वैशाली और कैमूर के निवासी हैं गिरफ्तार आरोपी
गांजे के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने में जुटी जांच टीम
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : रेलवे क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ चक्रधरपुर एवं रेल पुलिस अधीक्षक जमशेदपुर के निर्देशन में गठित टीम ने शनिवार रात कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से करीब 30 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। यह कार्रवाई रेलवे परिसरों और ट्रेनों में बढ़ती नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद टीम ने विशेष निगरानी और जांच अभियान शुरू किया था।
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ऑपरेशन नार्कोस के तहत चला संयुक्त जांच अभियान
23 अगस्त 2026 की रात चलाए गए इस अभियान में आरपीएफ टाटा, जीआरपी टाटानगर और नारकोटिक्स डॉग ‘मैक्स’ को शामिल किया गया था। जांच के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की गई। उनके सामान की तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। अधिकारियों ने तत्काल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर बरामद मादक पदार्थ जब्त कर लिया। रेलवे सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऑपरेशन नार्कोस के तहत रेलवे मार्गों का इस्तेमाल कर होने वाली तस्करी पर विशेष नजर रखी जा रही है और संदिग्ध यात्रियों की लगातार जांच की जा रही है।
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बिहार के दो आरोपी तस्करों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूपेश कुमार (36 वर्ष), निवासी राघोपुर, वैशाली (बिहार) तथा शिव मुनि चौरसिया (38 वर्ष), निवासी भभुआ, कैमूर (बिहार) के रूप में हुई है। दोनों को हिरासत में लेने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रेल थाना टाटानगर के सुपुर्द कर दिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों आरोपी किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
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तस्करी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी जांच तेज कर दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल और रेल पुलिस का कहना है कि रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे परिसरों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त टीम की यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है और इससे तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।


























