पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और विभिन्न मांगों को लेकर निकाला गया मार्च, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद बढ़ा तनाव
अभ्यर्थियों ने सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पटना : बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को ‘लोक भवन मार्च’ के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब बड़ी संख्या में जुटे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर अभ्यर्थी लोक भवन की ओर मार्च कर रहे थे। प्रशासन ने आर-गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की व्यवस्था की थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया और कुछ लोगों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे तथा अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
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भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर बढ़ा आंदोलन
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं में कई विसंगतियां हैं और युवाओं की समस्याओं पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर नियुक्ति के लिए यूजीसी नियमों का पालन, प्रतियोगी परीक्षाओं की अधिकतम आयु सीमा में वृद्धि, बीपीएससी टीआरई-4 भर्ती के लिए सिंगल-टियर परीक्षा प्रणाली लागू करना तथा हिंदी माध्यम के उम्मीदवारों को समान अवसर उपलब्ध कराना शामिल है। पुलिस अधीक्षक (मध्य) ममता कल्याणी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं प्रदर्शनकारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 अगस्त तक सरकार उनकी मांगों पर सार्थक वार्ता नहीं करती है, तो 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इस घोषणा के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।



























