Jamshedpur : नेशनल लोक अदालत में 3.10 लाख मामलों का निष्पादन, 36.93 करोड़ रुपये का राजस्व
जमशेदपुर सिविल कोर्ट में 12 और घाटशिला अनुमंडल न्यायालय में चार बेंच का गठन
समझौते के आधार पर मामलों का हुआ निपटारा
लोक अदालत ने हजारों लोगों को त्वरित न्याय का दिया अवसर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में शनिवार को जमशेदपुर सिविल कोर्ट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 3,10,643 वादों का निष्पादन किया गया। इन मामलों के निपटारे से कुल 36 करोड़ 93 लाख 28 हजार 255 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन से जुड़े 2,98,495 मामलों का निपटारा किया गया, जिससे समझौते के तहत 35 करोड़ 13 लाख 96 हजार 697 रुपये प्राप्त हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली और आपसी सहमति के आधार पर मामलों का समाधान किया गया।
प्रीलिटिगेशन के 2.98 लाख मामलों का समझौते से हुआ निपटारा
नेशनल लोक अदालत में न्यायिक बेंच के समक्ष न्यायालयों में विचाराधीन कुल 12,148 वाद भी सुनवाई के लिए लाए गए। इनमें आपसी समझौते के आधार पर मामलों का निष्पादन किया गया। विचाराधीन मामलों के निपटारे से कुल 1 करोड़ 79 लाख 31 हजार 558 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि मामलों के निष्पादन के लिए जमशेदपुर सिविल कोर्ट में 12 बेंच तथा घाटशिला अनुमंडल न्यायालय में चार बेंच का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि लोक अदालत सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच है। लोगों को विवादों के समाधान के लिए लोक अदालत जैसे वैकल्पिक न्यायिक मंच का लाभ उठाना चाहिए।
जमशेदपुर में 12 और घाटशिला में चार बेंच ने सुनीं मामले
नेशनल लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन धनबाद व्यवहार न्यायालय में झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद द्वारा किया गया। इसके बाद जमशेदपुर में गठित बेंचों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के मामलों का समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में न्यायिक पदाधिकारियों, कोर्ट स्टाफ और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे को न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि आपसी सहमति से निपटाए जा सकने वाले मामलों में लोक अदालत की सुविधा का लाभ उठाएं।
खीरा चोरी रोकने के लिए खेत में करंट प्रवाहित तार लगाने का आरोप पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक
खीरा चोरी रोकने के लिए खेत में करंट प्रवाहित तार लगाने का आरोप
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा
करंट प्रवाहित तार बरामद, पुलिस ने जब्त किया साक्ष्य
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चांडिल :चौका थाना क्षेत्र में खेत में बिजली प्रवाहित लोहे के तार की चपेट में आने से राम विकास महतो (52) की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अप्राथमिकी अभियुक्त फूलचंद मांझी (32) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। परिजनों ने राम विकास महतो की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस के अनुसार, अनुसंधान के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके खेत से प्रतिदिन खीरा चोरी हो रहा था। चोरी रोकने के उद्देश्य से उसने खेत की घेराबंदी लोहे के तार से की और उसमें बिजली प्रवाहित कर दी थी, ताकि चोरी करने वाला व्यक्ति करंट की चपेट में आ जाए। इसी दौरान राम विकास महतो खेत में पहुंचे और बिजली प्रवाहित तार की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
खीरा चोरी रोकने के लिए खेत में लगाया था करंट वाला तार
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने बिजली प्रवाहित लोहे के तार को हटाकर अपने घर में रख दिया था। पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में उक्त तार को बरामद कर जब्त कर लिया है। मामले में चौका थाना कांड संख्या 40/26, दिनांक 08 सितंबर 2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1)/238 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी फूलचंद मांझी, पिता हारु मांझी, डुबुडीह टोला बारुडीह, थाना चौका का निवासी है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मनोहरपुर विधायक जगत माझी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन घाघरा की तर्ज पर सभी प्रमुख स्टेशनों
मनोहरपुर विधायक जगत माझी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन
घाघरा की तर्ज पर सभी प्रमुख स्टेशनों पर व्यवस्था लागू करने की मांग
वारंग क्षिति लिपि को रेलवे स्टेशनों पर पहचान देने की मांग
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चक्रधरपुर :कोल्हान के रेलवे स्टेशनों पर हिंदी और अंग्रेजी के साथ ‘हो’ भाषा तथा वारंग क्षिति लिपि में स्टेशन के नाम प्रदर्शित करने की मांग तेज हो गई है। शनिवार को मनोहरपुर विधायक जगत माझी के नेतृत्व में आदिवासी हो समाज महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे प्रशासन से ट्रेनों से संबंधित जरूरी उद्घोषणाएं भी ‘हो’ भाषा में शुरू करने की मांग रखी।
घाघरा स्टेशन पर ‘हो’ भाषा में नामपट्ट लगाने पर समाज ने जताया आभार
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि समाज की ओर से पिछले वर्ष की गई मांग के बाद घाघरा रेलवे स्टेशन पर हिंदी और अंग्रेजी के साथ ‘हो’ भाषा में स्टेशन का नाम प्रदर्शित किया गया है। महासभा ने इस पहल के लिए रेल प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि घाघरा स्टेशन की तर्ज पर कोल्हान के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी ‘हो’ भाषा और वारंग क्षिति लिपि में नामपट्ट लगाए जाने चाहिए। इसके साथ ही ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान, प्लेटफॉर्म और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की उद्घोषणा भी ‘हो’ भाषा में करने की व्यवस्था शुरू करने की मांग की गई।
स्थानीय भाषा में सूचना मिलने से यात्रियों को होगी सुविधा
महासभा के प्रतिनिधियों का कहना है कि कोल्हान क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग ‘हो’ भाषा बोलते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय भाषा में जरूरी सूचनाएं उपलब्ध होने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और उन्हें यात्रा संबंधी जानकारी समझने में आसानी होगी। साथ ही, इससे क्षेत्र की स्थानीय भाषा, संस्कृति और भाषाई पहचान को सम्मान मिलेगा। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में संगठन सचिव सुभाष बारी, मनोज सोय, पातोर जोंको, जिला परिषद सदस्य ज्योति मेराल, राजश्री संवैया सहित बड़ी संख्या में हो समाज के लोग शामिल थे।
जमशेदपुर समेत कई थाना क्षेत्रों से वाहन चोरी कर ग्रामीण इलाकों में खपाते थे आरोपी ताजा कार्रवाई में आठ वाहन
जमशेदपुर समेत कई थाना क्षेत्रों से वाहन चोरी कर ग्रामीण इलाकों में खपाते थे आरोपी
ताजा कार्रवाई में आठ वाहन और दो मोबाइल जब्त
बाइक चोरी गिरोह के अन्य सदस्यों और खरीदारों की तलाश जारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विशेष अनुसंधान टीम (SIT) ने तकनीकी साक्ष्य, मानवीय सूचना और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े मामलों में अब तक 25 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की हैं। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने आठ वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, गुड़ाबंदा थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में बाइक चोरी से जुड़े अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए थे। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व तथा पुलिस उपाधीक्षक, मुसाबनी की निगरानी में विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया।
25 चोरी के वाहन बरामद, बाइक चोर गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
SIT ने पूर्व में बरामद वाहनों के सत्यापन, तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल शुरू की। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक, मुसाबनी को सूचना मिली कि मुसाबनी थाना क्षेत्र के कटकी मैदान के पास दो व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही मुसाबनी थाना पुलिस और SIT की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो संदिग्धों को चोरी की मोटरसाइकिल तथा एक स्कूटी के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। गिरोह जमशेदपुर शहर के अलावा पूर्वी सिंहभूम और अन्य जिलों के विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी करता था। चोरी किए गए वाहनों को ग्रामीण इलाकों में बेचकर खपाने की बात भी सामने आई है।
कटकी मैदान में चोरी की बाइक बेचने की तैयारी कर रहे थे आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कुल आठ मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद कीं। बरामद वाहनों में लाल रंग की TVS मोटरसाइकिल, काले रंग की स्प्लेंडर प्लस की कई बाइक, काले रंग की होंडा एक्टिवा, काला-नीला रंग की हीरो मोटरसाइकिल, काले रंग की पैशन प्रो और नीले रंग की होंडा एक्टिवा स्कूटी शामिल हैं। वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उनके वास्तविक मालिकों और संबंधित थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों का सत्यापन किया जा रहा है। इस संबंध में मुसाबनी थाना में कांड संख्या 32/2026, दिनांक 12 सितंबर 2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक पूर्व की कार्रवाई में बरामद वाहनों को मिलाकर इस गिरोह से जुड़े मामलों में अब तक 25 बाइक और स्कूटी बरामद हो चुकी हैं।
इंजन-चेसिस नंबर से चोरी के वाहनों के असली मालिकों की तलाश
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इनमें एक नीले रंग का Infinix एंड्रॉयड मोबाइल शामिल है, जिसका IMEI नंबर 353735890469186 और 353735890469194 बताया गया है। इसके अलावा काले रंग का Kechaoda की-पैड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सुखदेव लोहरा (24), पिता राजेंद्र लोहरा, निवासी तेरेंगवेडा, छोटा गोविंदपुर, थाना गोविंदपुर, पूर्वी सिंहभूम शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ पूर्व में भी मामले दर्ज हैं, जिनमें आरआईटी आदित्यपुर थाना कांड संख्या 04/2024 और उलीडीह ओपी थाना कांड संख्या 85/2026 शामिल हैं। दूसरे आरोपी की पहचान तोता महली उर्फ टोपा महली, पिता स्वर्गीय बिंदा महली उर्फ श्रवण महली, निवासी लाटिया इंगरीडीह के रूप में हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह उजागर करने में जुटी है। जांच टीम चोरी के वाहनों को खरीदने और ग्रामीण क्षेत्रों में खपाने वाले संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। साथ ही अन्य आरोपियों और सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी की जा रही है। बरामद 25 वाहनों को अलग-अलग चोरी के मामलों से जोड़ने के लिए उनके इंजन और चेसिस नंबरों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने वाहनों की चोरी की और किन-किन जिलों में उनका नेटवर्क फैला हुआ है। SIT की इस कार्रवाई से वाहन चोरी के मामलों के कई मामलों के खुलासे की उम्मीद है और पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच लगातार जारी रहेगी।
350 से अधिक पूजा समितियां समिति से जुड़ीं, ग्रामीण क्षेत्रों की लाइसेंस और सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर
350 से अधिक पूजा समितियां समिति से जुड़ीं, ग्रामीण क्षेत्रों की लाइसेंस और सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर रहेगा जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गापूजा की तैयारियों को लेकर समिति सक्रिय
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :आगामी शारदीय दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न कराने को लेकर पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति की प्रेस वार्ता समिति के अध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व भू-राजस्व मंत्री दुलाल भुइयां के आवासीय कार्यालय में आयोजित हुई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अध्यक्ष दुलाल भुइयां ने कहा कि समिति जिले के दो अनुमंडलों और 11 प्रखंडों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों से समिति जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सभी पूजा समितियों को साथ लेकर काम कर रही है। इस वर्ष भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की सभी संबद्ध पूजा समितियों के पदाधिकारियों को 13 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली वार्षिक आम सभा में आमंत्रित किया गया है। आम सभा में समिति के विस्तार के साथ ग्रामीण पूजा समितियों की समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के लिए जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा।
13 सितंबर की आम सभा में ग्रामीण पूजा समितियों की समस्याओं पर होगी चर्चा
समिति के महासचिव ललन यादव ने बताया कि वर्तमान में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर 350 से अधिक पूजा समितियां सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति से जुड़ी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की कई समितियों ने अनुज्ञप्ति यानी लाइसेंस जारी होने में आने वाली परेशानियों से अवगत कराया है। इस बार जिला प्रशासन के साथ होने वाली बैठक में पूजा समितियों की अनुज्ञप्ति से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके अलावा कॉरपोरेट संस्थानों से ग्रामीण और शहरी पूजा समितियों के लिए पेयजल, चलंत शौचालय, निःशुल्क बिजली कनेक्शन तथा भोग के लिए प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया जाएगा। वरीय उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा कि समिति जिले की सभी पूजा समितियों के साथ 24 घंटे तत्परता से सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, लाइसेंस और कॉरपोरेट सहयोग से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान समिति के प्रयास से कराया गया था। इस वर्ष भी पूजा समितियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों और संस्थानों से समन्वय किया जाएगा।
लाइसेंस से लेकर पेयजल और बिजली तक, पूजा समितियों की सुविधाओं पर जोर
वरीय उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा कि शहरी क्षेत्रों की पूजा समितियों को अपेक्षाकृत आसानी से सुविधाएं मिल जाती हैं, लेकिन बंगाल और ओडिशा की सीमा से सटे सुदूर ग्रामीण इलाकों में पूजा समितियों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए इस बार समिति का विशेष फोकस ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान पर रहेगा, ताकि सभी समितियां बिना किसी बाधा के दुर्गोत्सव का आयोजन कर सकें। अध्यक्ष दुलाल भुइयां ने कहा कि पिछले वर्ष भी समिति ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के सहयोग से कई पूजा समितियों की समस्याओं का समाधान कराया था। इस वर्ष और व्यापक स्तर पर प्रयास किया जाएगा। प्रेस वार्ता में जिला परिषद सदस्य सह वरीय उपाध्यक्ष खगेन चंद्र महतो, हरि मुखी, अधिवक्ता विनीत मिश्रा, संयुक्त सचिव डॉ. श्याम शर्मा, बलदेव सिंह मेहरा, बिरेन्द्र सिंह, हर्ष यादव, रामबाबू यादव, कार्यालय सचिव कमल राम यादव, सचिव निमाई मंडल, पवन उपाध्याय, नंद किशोर ठाकुर, मन्नू मंडल, देवदर्शिनी बोस, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता विप्लब भुइयां, आशीष ठाकुर, सुल्तान अहमद समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
स्कूलों में बनेगी प्रज्ञा टीम, छात्राएं सुरक्षित तरीके से रखेंगी अपनी समस्याएं; प्रशासन तक पहुंचेगी आवाज किशोरियों में बढ़ेगा सरकारी
स्कूलों में बनेगी प्रज्ञा टीम, छात्राएं सुरक्षित तरीके से रखेंगी अपनी समस्याएं; प्रशासन तक पहुंचेगी आवाज
किशोरियों में बढ़ेगा सरकारी सहायता लेने का भरोसा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झाड़ग्राम :किशोरियों की समस्याओं को शुरुआती स्तर पर पहचानकर समय रहते समाधान की दिशा में पहल करने के उद्देश्य से झाड़ग्राम जिले में शुक्रवार को ‘प्रज्ञा’ नामक नई पहल की शुरुआत की गई। जिला अधिकारी कार्यालय में आयोजित समारोह में पश्चिम बंगाल सरकार के पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजेश महतो, जिलाधिकारी डॉ आकांक्षा भास्कर, पुलिस कप्तान मनव सिंगला, विधायक लक्ष्मीकांत साऊ, अनुमंडल पदाधिकारी अनिंदिता राय चौधरी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। पहल के तहत स्कूल जाने वाली किशोरियों को अपनी समस्याएं सुरक्षित और बिना झिझक सामने रखने का मंच मिलेगा। इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर समस्याओं की पहचान, समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई के जरिए गंभीर स्थिति बनने से पहले समाधान सुनिश्चित करना है।
‘प्रज्ञा’ के तहत जिले के स्कूलों में प्रज्ञा टीम गठित की जाएगी। इसमें कक्षा सातवीं से बारहवीं तक की 10 से 15 जागरूक और साहसी छात्राओं को शामिल किया जाएगा। टीम में नेतृत्व क्षमता रखने वाली एक छात्रा को ‘प्रज्ञादी’ के रूप में चुना जाएगा। छात्राएं अपनी या सहपाठियों की समस्याएं ‘लेट्स व्हिस्पर बॉक्स’ के माध्यम से अथवा सीधे प्रज्ञा टीम के सामने रख सकेंगी। टीम के साथ एक वरिष्ठ महिला शिक्षिका बतौर मेंटर जुड़ेंगी। प्रज्ञादियां इन समस्याओं को मासिक बैठकों में प्रशासन और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के समक्ष रखेंगी। इसके बाद संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक सहायता और समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्कूलों में 10 से 15 छात्राओं की बनेगी प्रज्ञा टीम
पहल के तहत किशोरियों से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें स्कूल आने-जाने के दौरान सुरक्षा, पीछा करना या उत्पीड़न, लंबे समय तक स्कूल से अनुपस्थित रहना, पढ़ाई छोड़ना, बाल श्रम, बाल विवाह, तस्करी और शोषण जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य, कुपोषण, कम उम्र में गर्भधारण, डिजिटल सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षकों का प्रशिक्षण भी होगा। इसके माध्यम से शिक्षकों को किशोरियों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझने, उनकी बात सुनने और जरूरत पड़ने पर उचित स्तर तक मामला पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
बाल विवाह से लेकर डिजिटल सुरक्षा तक पर रहेगा विशेष ध्यान
‘प्रज्ञा’ पहल का उद्देश्य किशोरियों को अपनी समस्याएं बताने में होने वाली झिझक से बाहर निकालना और सरकारी संस्थाओं के प्रति उनका भरोसा मजबूत करना है। प्रशासन का प्रयास है कि जरूरतमंद छात्राओं को समय पर सरकारी सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके। मासिक बैठकों के माध्यम से सामने आने वाले मामलों की निगरानी और समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पहल का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी किशोरी की आवाज दबकर न रह जाए और उसकी समस्या को सुरक्षित वातावरण में सुना जाए। आयोजकों के अनुसार, समय रहते समस्याओं की पहचान और उचित हस्तक्षेप से किशोरियों के सामने आने वाली कई गंभीर चुनौतियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
बंद घर की चोरी में CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस शास्त्रीनगर हमले में खून लगा चापड़
बंद घर की चोरी में CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
शास्त्रीनगर हमले में खून लगा चापड़ बरामद
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापामारी जारी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :कदमा थाना क्षेत्र में चोरी और जानलेवा हमले की दो अलग-अलग घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पहली कार्रवाई में बंद घर से कांसा-पितल के बर्तन और चांदी के सिक्कों की चोरी के मामले में पुलिस ने मो. जफर खान को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर चोरी के बर्तन के अलावा साकची थाना क्षेत्र से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है। दूसरी कार्रवाई शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-2 में युवक पर चापड़ से किए गए हमले के मामले में हुई, जहां विशेष जांच टीम (SIT) ने मो. दिलरेज खान और जिशान अंसारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में आगे की जांच तेज कर दी है।
कदमा में दो आपराधिक मामलों का पुलिस ने किया खुलासा
पहली घटना 3 सितंबर 2026 को कदमा थाना क्षेत्र के न्यू टीसी कॉलोनी रोड नंबर-2 की है। यहां महुआ सिन्हा बाबु के बंद घर में अज्ञात अपराधियों ने शाम के समय प्रवेश कर कांसा-पितल के बर्तन, चांदी के पांच सिक्के और अन्य सामान चोरी कर लिए थे। शिकायत के आधार पर कदमा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक (नगर), पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर मामले के उद्भेदन के लिए छापामारी टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले और मानवीय सूचना के साथ तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर 11 सितंबर को अप्राथमिकी अभियुक्त मो. जफर खान को गिरफ्तार किया गया।
CCTV और तकनीकी जांच से चोरी के आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार पूछताछ और आरोपी की निशानदेही पर कदमा थाना क्षेत्र के फार्म एरिया रोड नंबर-2 स्थित एक जर्जर खाली क्वार्टर में छिपाकर रखा चोरी का सामान बरामद किया गया। बरामद सामान में कांसा के चार लोटा, दो गिलास, एक गगरा, तीन थाली, पीतल की एक परात, दो बड़ी हांडी, एक जग और दो गमले शामिल हैं। इसके अलावा करीब 26.17 ग्राम का सोने का गले का हार, 3.67 ग्राम का मांगटीका, 1.50 ग्राम और 0.85 ग्राम के सोने के कान के टॉप तथा 0.31 ग्राम की सोने की नथ भी बरामद की गई। पुलिस ने चांदी की करीब 163.355 ग्राम की थाली, 46.40 ग्राम का गिलास, 45.63 ग्राम का कटोरा, 22.70 ग्राम के चार बेर और करीब 6.04 ग्राम की तीन अंगूठियां भी बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये है।
जर्जर क्वार्टर से बरामद हुए चोरी के लाखों के जेवर और बर्तन
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. जफर खान, पिता स्व. वकील खान के रूप में हुई है। उसका वर्तमान पता ठक्कर बाबा स्कूल के बगल में धातकीडीह हरिजन बस्ती, थाना बिष्टुपुर बताया गया है, जबकि स्थायी पता गरीब नवाज कॉलोनी, पहलवान डेरा के पीछे, थाना जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम है। जांच के दौरान उसके पास से साकची थाना क्षेत्र में हुई चोरी से संबंधित सोने-चांदी के आभूषण मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब बरामद आभूषणों और अन्य सामान के संबंध में संबंधित थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों से कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे।
साकची की चोरी से भी जुड़े मिले बरामद सोने-चांदी के आभूषण
दूसरी कार्रवाई कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-2 में युवक पर चापड़ से हमले के मामले में हुई। 10 सितंबर की रात करीब 9.30 बजे बाबा फर्नीचर के सामने मुख्य सड़क पर कुछ युवकों ने मो. कैफ (24) पर चापड़ से हमला कर दिया था। हमले में कैफ के सिर पर चोट लगी, जबकि वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल युवक के लिखित आवेदन के आधार पर कदमा थाना में कांड संख्या 99/2026 दर्ज किया गया। प्राथमिकी में मो. दिलरेज खान और जिशान अंसारी को आरोपी बनाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर विशेष जांच के लिए SIT गठित की गई। टीम ने जांच के दौरान संभावित ठिकानों पर छापामारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
शास्त्रीनगर में चापड़ से हमला, SIT ने दो आरोपियों को दबोचा
पुलिस ने गिरफ्तार मो. दिलरेज खान (20 वर्ष) और जिशान अंसारी (करीब 23 वर्ष) की निशानदेही तथा अनुसंधान के क्रम में घटना में प्रयुक्त खून लगा स्टील का चापड़ भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी की जा रही है। कदमा थाना क्षेत्र में एक ही समय में चोरी और जानलेवा हमले के मामलों में हुई कार्रवाई को पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों घटनाओं के खुलासे के बाद पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास, अन्य घटनाओं में संभावित संलिप्तता और बरामद सामान के स्रोत की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए क्षेत्र में निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।