5 अक्टूबर को सौंपा गया था मांग पत्र, 10 दिन का अल्टीमेटम देने के बावजूद वार्ता नहीं होने पर झारखंड मजदूर यूनियन कार्यालय में बनी आगे की रणनीति
गुवा में वाहन चालकों ने मांगा समस्याओं का समाधान, प्रबंधन से जल्द वार्ता की अपील
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : सेल के अधीन टेंडर और नोटशीट के माध्यम से कार्यरत छोटे वाहनों के चालकों की लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन की कथित उदासीनता से मजदूरों में असंतोष बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 की शाम सात बजे गुवा बाजार स्थित झारखंड मजदूर यूनियन कार्यालय में चालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चालकों ने कहा कि उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 5 अक्टूबर 2026 को प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा था। इसके साथ ही समस्याओं के समाधान के लिए प्रबंधन को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था। इसके बावजूद अब तक न तो मांगों पर कोई ठोस पहल की गई है और न ही यूनियन प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया गया है। इससे चालकों में नाराजगी बढ़ रही है।
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वार्ता नहीं होने से चालकों में बढ़ रही बेचैनी
बैठक के दौरान चालकों ने अपनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और प्रबंधन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं किए जाने पर चिंता जताई। उनका कहना था कि मांग पत्र सौंपने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि प्रबंधन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए वार्ता की पहल करेगा। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से उनकी उम्मीदों को झटका लगा है। चालकों ने कहा कि वे सेल के अधीन विभिन्न कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना आवश्यक है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रबंधन को मजदूरों की मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय उनके साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए। इससे कार्यस्थल पर असंतोष कम करने और कामकाज का माहौल बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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जल्द समाधान के लिए प्रबंधन से वार्ता शुरू करने की मांग
झारखंड मजदूर यूनियन कार्यालय में हुई बैठक में लंबित मांगों के समाधान के लिए आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। चालकों ने प्रबंधन से जल्द वार्ता शुरू करने और उनकी समस्याओं पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकाला जा सकता है और इसके लिए प्रबंधन को पहल करनी चाहिए। यूनियन कार्यालय में हुई बैठक के बाद अब चालकों की नजर प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल होती है, तो समस्याओं के समाधान का रास्ता निकल सकता है। फिलहाल चालकों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाते हुए प्रबंधन से गंभीरता के साथ बातचीत करने की अपेक्षा जताई है।























