Baharagoda : बहरागोड़ा में आंगनबाड़ी सेविकाओं की चेतावनी, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल
मानदेय, पोषाहार राशि, मोबाइल रिचार्ज और केंद्रों के किराये का भुगतान लंबित होने से नाराज सेविकाओं-सहायिकाओं ने सीडीपीओ को सौंपा ज्ञापन
मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 अक्टूबर से ठप होगा कामकाज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
बहरागोड़ा :प्रखंड मुख्यालय स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय परिसर में मंगलवार को आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक उपेक्षा और लंबित भुगतान को लेकर रोष जताया गया। इसके बाद अपनी मांगों के समर्थन में सेविकाओं और सहायिकाओं ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। इसके अलावा पोषाहार राशि, मोबाइल फोन रिचार्ज और आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का किराया भी लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेविकाओं के मुताबिक, एक ओर घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, वहीं दूसरी ओर केंद्रों का नियमित संचालन करना भी चुनौती बन गया है।
बकाया भुगतान नहीं होने से आंगनबाड़ी कर्मियों में नाराजगी
ज्ञापन के माध्यम से सेविकाओं और सहायिकाओं ने विभाग से लंबित भुगतान सहित अन्य समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। कर्मियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में कामकाज ठप होने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। बैठक और ज्ञापन सौंपने के दौरान बिणा रानी दास, वनालता सेनापति, कारमी सोरेन, लक्ष्मी टूटू, सिंगो हेंब्रम, पारुल प्रधान, तृप्ति मन्ना, सुमित्रा साऊ, जयंती साऊ, भारती सिंह, छवि रानी दे और रीना नायक समेत प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सेविकाएं और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
कदमा के फार्म एरिया में छापेमारी के दौरान एक देशी कट्टा और पांच जिंदा गोलियां बरामद आरोपियों पर पहले से
कदमा के फार्म एरिया में छापेमारी के दौरान एक देशी कट्टा और पांच जिंदा गोलियां बरामद
आरोपियों पर पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी
अवैध हथियारों के स्रोत और पुराने मामलों की पड़ताल में जुटी पुलिस
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :शहर में अवैध हथियार के बल पर लोगों को डराने-धमकाने और कथित तौर पर रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के खिलाफ जमशेदपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कदमा थाना क्षेत्र के फार्म एरिया रोड नंबर 18 स्थित बीएसएनएल रेसिडेंसी मैदान के पास छापेमारी कर एक लोडेड देशी कट्टा और पांच जिंदा गोलियां बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर संगठित गिरोह बनाकर कदमा और आसपास के इलाकों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही उनके आपराधिक नेटवर्क और संभावित अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर की रात गुप्त सूचना मिली थी कि शास्त्री नगर निवासी रविनाथ मछुवा अवैध देशी कट्टा लेकर अपने साथियों के साथ किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में है। सूचना मिलने के बाद वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-दो के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर कार्रवाई की। वहां पांच संदिग्ध एक साथ बैठे मिले। पुलिस को देखते ही सभी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद सशस्त्र बल की मदद से उन्हें पकड़ लिया गया। इसके बाद पुलिस ने सभी की तलाशी ली और हथियार व गोलियां बरामद कीं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शास्त्री नगर निवासी रविनाथ मछुवा, विनय हरिपाल उर्फ बावला, सोनारी क्रिश्चियन बस्ती निवासी संतोष बान सिंह, निहाल बालमुचू और सोनारी डिस्पेंसरी रोड निवासी अमित कुमार साहू के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान रविनाथ मछुवा के पास से एक लोडेड देशी कट्टा बरामद किया गया। कट्टे के चेंबर में एक जिंदा गोली मिली। वहीं, अन्य चार आरोपियों के पास से एक-एक जिंदा गोली बरामद हुई। इस तरह पुलिस ने कुल एक देशी कट्टा और पांच जिंदा गोलियां जब्त की हैं। बरामद हथियार और गोलियों को लेकर पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
पुलिस का आरोप है कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर हथियार और गोलियों का भय दिखाकर लोगों को डराने-धमकाने तथा उनसे पैसे वसूलने की गतिविधियों में शामिल थे। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट, मारपीट और रंगदारी से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि कथित गिरोह की गतिविधियों, हथियारों की उपलब्धता और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
जमशेदपुर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कदमा और आसपास के क्षेत्रों में कथित आपराधिक गतिविधियों को लेकर जांच तेज कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद देशी कट्टा कहां से लाया गया था और क्या इसका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में किया गया है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और अन्य संभावित वारदातों में उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य अवैध हथियारों के इस्तेमाल, धमकी और रंगदारी जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
विधायक अमित महतो ने बुजुर्ग महिलाओं से कराया शिलान्यास निर्माण में गड़बड़ी पर शिकायत करने की अपील; कार्यक्रम में बासी
विधायक अमित महतो ने बुजुर्ग महिलाओं से कराया शिलान्यास
निर्माण में गड़बड़ी पर शिकायत करने की अपील; कार्यक्रम में बासी मिठाई बांटने की भी शिकायत
सड़क निर्माण में गड़बड़ी पर विधायक से करें शिकायत
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सोनाहातू :मुरी-सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सोनाहातू प्रखंड में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से सात सड़कों के सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास विधायक अमित महतो ने किया। खास बात यह रही कि सभी स्थानों पर शिलान्यास गांव की बुजुर्ग महिलाओं के हाथों कराया गया। विधायक ने कहा कि हेमंत सरकार हर गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और इन योजनाओं से ग्रामीण सड़कों को बेहतर बनाने के प्रयास को गति मिलेगी। जिन सड़कों का सुदृढ़ीकरण होना है, उनमें 1040 से 02 जुड़ा तक 1.520 किलोमीटर, सोसोडीह से राणाडीह वाया जोजोडीह-लान्दुपडीह 3.10 किलोमीटर, 02 से अड़ेदारू तक 1.415 किलोमीटर, पछुआडीह से लान्दुपडीह तक 1.10 किलोमीटर, लान्दुपडीह से बाकु वाया सायाटांड 3.1 किलोमीटर, सायाटांड से जोरदा 3.1 किलोमीटर तथा एल-07 से दुल्मी स्वर्णरेखा नदी पथ तक 3.90 किलोमीटर सड़क शामिल है।
सोनाहातू में ग्रामीण सड़कों के विकास को मिलेगी गति
शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक अमित महतो ने ग्रामीणों से कहा कि सड़क निर्माण में कहीं भी गड़बड़ी दिखाई दे तो तत्काल उन्हें इसकी शिकायत करें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाया जा सके। वहीं, बुंडू के एसडीओ महेश रविदास ने ग्रामीणों के समक्ष सड़क निर्माण कार्य की तीन साल की गारंटी की बात कही। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बीच, शिलान्यास कार्यक्रम में बासी मिठाई बांटे जाने की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीओ से की। सड़क निर्माण की गुणवत्ता के साथ कार्यक्रम में बांटी गई मिठाइयों को लेकर उठी शिकायत भी चर्चा का विषय बनी।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट और साफ-सफाई की हो रही जांच नियमों का उल्लंघन मिलने पर जुर्माना और गंभीर मामलों
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट और साफ-सफाई की हो रही जांच
नियमों का उल्लंघन मिलने पर जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल तक की कार्रवाई का प्रावधान
त्योहार में सुरक्षित भोजन के लिए स्वच्छता जरूरी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :नवरात्रि और दुर्गापूजा मेले के मद्देनजर जमशेदपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट हो गया है। श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर में जांच अभियान तेज कर दिया गया है। विभाग की टीम चौक-चौराहों पर लगने वाले ठेले-खोमचे से लेकर बड़े होटल और रेस्टोरेंट तक पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर रही है। इस दौरान खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट की आशंका, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य सामग्री तैयार करने, रखने और बेचने के दौरान स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश दिया है।
दुर्गापूजा में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विभाग की नजर
जांच अभियान के दौरान फूड इंस्पेक्टर विभिन्न दुकानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की पड़ताल कर रहे हैं। ठेले-खोमचे पर बिकने वाली खाने-पीने की वस्तुओं की जांच के लिए अधिकारियों ने विशेष केमिकल का भी इस्तेमाल किया। इसका उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और उनमें मिलावट की आशंका का पता लगाना है। विभागीय टीम दुकानदारों को खाद्य सामग्री खुले में रखने, गंदे बर्तनों का इस्तेमाल करने और साफ-सफाई की अनदेखी से बचने की हिदायत दे रही है। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि त्योहार के दौरान बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं हो।
ठेले-खोमचे पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की भी जांच
फूड इंस्पेक्टर के अनुसार, दुर्गापूजा को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जमशेदपुर की दुर्गापूजा और यहां लगने वाले मेले में कोल्हान के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु तथा मेला घूमने वाले लोग पहुंचते हैं। इस दौरान शहर में खाने-पीने की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में स्थानीय निवासियों के साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और संभावित मिलावट पर निगरानी के लिए दुकानों, होटलों तथा रेस्टोरेंट की जांच की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में गड़बड़ी, मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला सामने आने पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाने से लेकर गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई और जेल तक का प्रावधान हो सकता है। त्योहार के दौरान खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री लोगों की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसलिए दुकानदारों से साफ-सफाई रखने, खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मिलावट या नियमों की अनदेखी पर होगी कानूनी कार्रवाई
फिलहाल, दुर्गापूजा को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी जारी है। आने वाले दिनों में भी शहर के विभिन्न इलाकों में खाद्य पदार्थ बेचने वाली दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट की जांच की जा सकती है। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और आम लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। ऐसे में खाद्य कारोबारियों को निर्देशों का पालन करने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वहीं, लोगों से भी अपील है कि वे भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए खाद्य पदार्थों की खरीदारी करें।
जमशेदपुर परिसदन में पत्रकार वार्ता के दौरान चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोपों को बताया राजनीतिक हथकंडा कांग्रेस को
जमशेदपुर परिसदन में पत्रकार वार्ता के दौरान चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोपों को बताया राजनीतिक हथकंडा
कांग्रेस को आत्ममंथन करने की दी नसीहत
वोट चोरी के आरोपों पर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की भूमिका पर बहस तेज
जमशेदपुर में चुनाव आयोग और कांग्रेस के मुद्दे पर भाजपा ने रखा अपना पक्ष
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। मंगलवार को जमशेदपुर परिसदन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आंदोलन के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने और देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेता ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाए जाने को कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर लगातार सवाल उठाकर राजनीतिक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। मरांडी के अनुसार, लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और राजनीतिक दलों को चुनाव परिणामों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपनी राजनीतिक रणनीति और कार्यशैली की समीक्षा करने की नसीहत दी। हालांकि, ये आरोप बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक बयान हैं और इस संबंध में कांग्रेस का पक्ष सामने आना बाकी है।
चुनावी हार से बौखलाहट का आरोप, कांग्रेस को आत्ममंथन की सलाह
पत्रकार वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि विभिन्न चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के कारण कांग्रेस चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता अपने मताधिकार के जरिए सरकार चुनती है। ऐसे में चुनावी नतीजों पर लगातार सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक दलों को अपनी कमियों पर विचार करना चाहिए। मरांडी ने कहा कि चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति में बदलाव करने और जनता का विश्वास हासिल करने के लिए काम करने की सलाह दी। उनके मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
बाबूलाल मरांडी ने पत्रकार वार्ता के दौरान नवरात्र के पवित्र समय का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की गतिविधियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस समय में आंदोलन के माध्यम से माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करना राजनीतिक दलों का अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ साधने या देश में अशांति का वातावरण बनाने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए। मरांडी के बयान के अनुसार, राजनीतिक दलों को ऐसे मुद्दों पर जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए, जिनका संबंध देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक माहौल से है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर कांग्रेस के आरोपों का किया विरोध
बाबूलाल मरांडी ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वोट चोरी के आरोपों के जरिए कांग्रेस राजनीतिक विवाद को हवा दे रही है। भाजपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण है और चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जाने वाले सवाल तथ्यों तथा प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को लगातार उठाने का आरोप लगाया। हालांकि, चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस की दलीलों और संबंधित तथ्यों का स्वतंत्र मूल्यांकन किए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध प्रमाण महत्वपूर्ण हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान मरांडी ने अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली की आलोचना की।
जमशेदपुर परिसदन में आयोजित पत्रकार वार्ता के माध्यम से बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस की आंदोलन संबंधी रणनीति और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भाजपा का पक्ष सामने रखा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए। उनके अनुसार, चुनावी परिणामों के बाद अपनी रणनीति की समीक्षा करना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। मरांडी के बयान से स्पष्ट है कि भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस की राजनीति का विरोध कर रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस का पक्ष सामने आने के बाद ही इस राजनीतिक विवाद पर दोनों दलों की दलीलों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप और आंदोलन की रणनीति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
बिरसानगर के लुपुंगडीह फुटबॉल मैदान के पास पुलिस की छापेमारी देसी पिस्टल, दो जिंदा गोलियां और दो मोबाइल बरामद; तीन
बिरसानगर के लुपुंगडीह फुटबॉल मैदान के पास पुलिस की छापेमारी
देसी पिस्टल, दो जिंदा गोलियां और दो मोबाइल बरामद; तीन विधि-विरुद्ध किशोर निरुद्ध
बिरसानगर में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री की सूचना पर पुलिस की छापेमारी
लुपुंगडीह मैदान के पास पकड़े गए युवक और तीन किशोर, तलाशी में हथियार बरामद
पुलिस ने जब्त की देसी पिस्टल और गोलियां, हथियार के स्रोत की जांच शुरू
30 हजार रुपये में हथियार खरीदने का दावा, युवक की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :शहर में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बिरसानगर थाना पुलिस ने एक 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन विधि-विरुद्ध किशोरों को निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, दो जिंदा गोलियां और दो स्क्रीन टच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार युवक की पहचान साकची थाना क्षेत्र के गुरुनानक नगर, सोहन सिंह बगान निवासी यश दास के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा 11 अक्टूबर की शाम गुप्त सूचना मिलने के बाद हुआ। सूचना थी कि बिरसानगर थाना क्षेत्र के लुपुंगडीह फुटबॉल मैदान के पास कुछ युवक अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री करने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष छापेमारी दल गठित किया।
गुप्त सूचना पर बनी टीम, फुटबॉल मैदान के पास घेराबंदी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को शाम करीब 7:20 बजे अवैध हथियारों के कारोबार की सूचना मिलने पर वरीय पुलिस अधीक्षक के आदेश से विशेष टीम गठित की गई। नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम में बिरसानगर थाना प्रभारी पांडू सामड समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। टीम ने लुपुंगडीह फुटबॉल मैदान के आसपास पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्धों की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, रात करीब 8:30 बजे मैदान के पास बैठे एक युवक और तीन किशोरों को पकड़ा गया। इसके बाद सभी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान हथियार और गोलियां मिलने के बाद पुलिस ने बरामद सामान को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हथियारों की आपूर्ति कहां से हुई थी।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों की तलाशी के दौरान एक विधि-विरुद्ध किशोर के पास से 7.62 एमएम की एक देसी पिस्टल बरामद हुई। वहीं, दूसरे किशोर के पास से 9 एमएम की दो जिंदा गोलियां मिलीं। पुलिस ने मौके से दो स्क्रीन टच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। हथियार और कारतूस की बरामदगी के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। बरामद हथियार और गोलियों को लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार का इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं और इसे खरीदने-बेचने में अन्य लोगों की भी भूमिका है। फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र हथियार की खरीद, उसके स्रोत और संभावित आपूर्ति नेटवर्क का पता लगाना है।
सुरक्षा के नाम पर 30 हजार रुपये में हथियार खरीदने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान एक विधि-विरुद्ध किशोर ने बताया कि उसने अपनी सुरक्षा के लिए यश दास से 30 हजार रुपये में अवैध हथियार खरीदा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने यश दास को अवैध हथियार और गोली की खरीद-बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया। वहीं, मामले में शामिल तीन किशोरों को निरुद्ध किया गया है। पुलिस इस कथित सौदे से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियार की खरीद-बिक्री कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल जारी है। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
युवक न्यायिक हिरासत में भेजा गया, किशोर बाल सुधार गृह में
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार यश दास को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि तीनों विधि-विरुद्ध किशोरों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस अब हथियार के स्रोत, संभावित खरीदारों और आपूर्ति करने वालों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही जब्त मोबाइल फोन से मामले से संबंधित जानकारी मिलने की संभावना के मद्देनजर जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का उद्देश्य इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करना है। हालांकि, हथियारों की आपूर्ति के स्रोत और किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण कर देर से पहुंचे कर्मियों को पहनाई माला एसआईआर कार्य में देरी की
प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण कर देर से पहुंचे कर्मियों को पहनाई माला
एसआईआर कार्य में देरी की शिकायत पर जताई नाराजगी; कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश
पोटका प्रखंड कार्यालय में विधायक का औचक निरीक्षण, समय पर नहीं पहुंचे कई कर्मचारी
पोटका कार्यालय में अनुशासन पर जोर, कार्यशैली नहीं सुधरी तो कार्रवाई की चेतावनी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
पोटका :पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड सह अंचल कार्यालय में मंगलवार सुबह अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित लेटलतीफी को लेकर विधायक संजीव सरदार ने नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यालय का औचक निरीक्षण किया तो सुबह करीब 10:10 बजे अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर विधायक कार्यालय के भीतर जाने के बजाय मुख्य द्वार पर ही कुर्सी लगाकर बैठ गए। करीब 10:25 बजे अंचलाधिकारी निकिता बाला कार्यालय पहुंचीं और विधायक से अंदर बैठने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने मुख्य द्वार पर ही बैठकर स्थिति का जायजा लेने का निर्णय लिया। विधायक करीब 11:30 बजे तक वहीं बैठे रहे और कार्यालय पहुंचने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के समय पर नजर रखी। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी जरूरी है, क्योंकि आम जनता अपने जरूरी काम लेकर निर्धारित समय पर पहुंचती है और उसे कर्मचारियों का इंतजार नहीं करना चाहिए।
देर से पहुंचे कर्मियों को फटकार, माला पहनाकर किया व्यंग्यात्मक स्वागत
निरीक्षण के दौरान प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मनीषा कुमारी, श्रम पदाधिकारी धीरज कुमार, मनरेगा बीपीओ गुरुचरण महतो, क्लर्क अब्दुल रहमान, कार्तिक दास और लेडी सुपरवाइजर समेत कई कर्मचारी देर से कार्यालय पहुंचे। विधायक संजीव सरदार ने उनकी लेटलतीफी पर नाराजगी जताते हुए समय पर कार्यालय आने की हिदायत दी। वहीं, देर से पहुंचे कुछ पुरुष अधिकारियों और कर्मचारियों को उन्होंने माला पहनाकर व्यंग्यात्मक तरीके से स्वागत किया। विधायक की इस कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में चर्चा का माहौल रहा। उन्होंने कहा कि सरकारी पद पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल कार्यालय में उपस्थित रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के कामों का समय पर निष्पादन करना भी उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कामकाज में लापरवाही और समय की अनदेखी से आम लोगों को परेशानी होती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसआईआर के काम में देरी से ग्रामीणों को हो रही परेशानी
विधायक ने बताया कि वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम चल रहा है। पोटका क्षेत्र में 20 हजार से अधिक मतदाता विसंगति सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने दस्तावेजों में सुधार कराने और मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड मुख्यालय पहुंच रहे हैं। विधायक के अनुसार, उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एसआईआर से संबंधित कार्यों का निष्पादन धीमी गति से हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। दूर-दराज के गांवों से लोग अपने जरूरी काम छोड़कर कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी और कर्मचारी समय पर उपलब्ध नहीं होने से उन्हें इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर उन्होंने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मियों के देर से पहुंचने पर उन्होंने व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई।
जनता के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : संजीव सरदार
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि ग्रामीणों को अपने जरूरी काम कराने के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने कहा, “दूर-दराज के गांवों से लोग अपना काम छोड़कर सुबह प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय में मौजूद नहीं रहेंगे तो जनता को बेवजह घंटों इंतजार करना पड़ेगा। यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने तथा जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। विधायक के मुताबिक, देर से पहुंचने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की शिकायत वरीय अधिकारियों से की गई है। साथ ही संबंधित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय जनता की सुविधा के लिए हैं और यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के काम को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
औचक निरीक्षण के बाद विधायक ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। विशेष रूप से एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही से मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करते और जनता के कामों में लापरवाही जारी रहती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को सुविधा देना है, न कि उन्हें बार-बार कार्यालय आने के लिए मजबूर करना। अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से क्या जवाब दिया जाता है तथा कार्यालय के कामकाज में कितना सुधार होता है, इस पर नजर रहेगी।