Jadugoda : यूसिल में 63वें वार्षिक मेटल माइंस खान सुरक्षा सप्ताह की शुरुआत
नरवा पहाड़ व जादूगोड़ा इकाई में सुरक्षा झंडोत्तोलन, 18 दिसंबर को डीजीएमएस करेंगे निरीक्षण
नरवा पहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट में सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ
खदान कर्मियों की सुरक्षा को लेकर विशेष फोकस
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जादूगोड़ा स्थित यूसिल की नरवा पहाड़ यूरेनियम प्रोजेक्ट में 16 से 20 दिसंबर तक 63वें वार्षिक मेटल माइंस खान सुरक्षा सप्ताह की विधिवत शुरुआत की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन उपमहाप्रबंधक (खान) मनोरंजन महाली ने नरवा पहाड़ में सुरक्षा झंडा फहराकर किया। इस अवसर पर सुरक्षा अधिकारी के. लाल, डॉ. पी.के. अधिकारी, पी.के. झा, सोमेन त्रिपाठी, एस.के. सिंह एवं श्री खोमराज सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। कंपनी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कर्मियों ने खदान सुरक्षा को लेकर अपने विचार साझा किए। सप्ताह भर चलने वाले इस सुरक्षा अभियान के तहत कार्य से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
इस दौरान आगामी 18 दिसंबर को डायरेक्टर जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (डीजीएमएस), चाईबासा द्वारा यूसिल की भूमिगत खदानों का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का आकलन कर आवश्यक सुझाव दिए जाएंगे, ताकि खदान कर्मियों की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो। वहीं, जादूगोड़ा इकाई में भी 63वें वार्षिक मेटल माइंस सुरक्षा सप्ताह की शुरुआत की गई। यहां खान प्रबंधक एन.वी.वी.एस. बाबू ने सुरक्षा झंडोत्तोलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर अमिताभ मिश्रा, के. राम संदीप, राजेश प्रसाद तथा यूनियन की ओर से संजय कुमार और राजा राम सिंह ने सुरक्षा विषय पर अपने विचार रखे।
इलेक्ट्रॉनिक लाइटों और रंग-बिरंगी झालरों के बीच पारंपरिक दीयों का क्रेज बरकरार पूजा-पाठ के लिए मिट्टी के कलश, हाथी और
इलेक्ट्रॉनिक लाइटों और रंग-बिरंगी झालरों के बीच पारंपरिक दीयों का क्रेज बरकरार
पूजा-पाठ के लिए मिट्टी के कलश, हाथी और खिलौने भी खरीद रहे लोग
स्वदेशी परंपरा को मिल रहा बढ़ावा, मिट्टी के दीयों की खरीदारी से मजबूत होगी कुम्हारों की आजीविका
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही जमशेदपुर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। घरों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट के साथ लोगों ने दीपावली की खरीदारी भी शुरू कर दी है। शहर के विभिन्न बाजारों में सुबह से शाम तक खरीदारों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। खासकर मिट्टी के दीये, कलश, हाथी, खिलौने, धूपदानी और पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक मिट्टी की सामग्रियों की दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटने लगी है। इन दुकानों पर सबसे अधिक महिलाएं खरीदारी करती नजर आ रही हैं। बाजारों में एक ओर इलेक्ट्रॉनिक लाइटें, रंग-बिरंगी झालरें और आधुनिक सजावटी सामान लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मिट्टी के पारंपरिक दीयों की मांग भी बनी हुई है। लोग घरों की बाहरी सजावट के लिए आधुनिक रोशनी का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन पूजा और शुभ अवसरों पर मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा को आज भी प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि दीपावली से पहले ही कुम्हारों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है।
इलेक्ट्रॉनिक झालरों के बीच मिट्टी के दीयों की चमक बरकरार, पारंपरिक सामान खरीद रहे लोग
खरीदारी करने पहुंची महिलाओं का कहना है कि दीपावली केवल घरों को रोशनी से सजाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारी सनातन संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था का प्रतीक भी है। इस पर्व पर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा में मिट्टी के दीये, कलश और अन्य पारंपरिक सामग्रियों का विशेष महत्व होता है। महिलाओं के अनुसार, आधुनिकता के इस दौर में भले ही घरों को सजाने के लिए कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपलब्ध हो गए हैं, लेकिन मिट्टी के दीये का धार्मिक और भावनात्मक महत्व अपनी जगह कायम है। इलेक्ट्रॉनिक लाइटों से घर आकर्षक दिखाई दे सकता है, लेकिन मिट्टी के दीये जलाने से दीपावली की पारंपरिक अनुभूति और पूजा का माहौल अलग ही होता है। उनका कहना है कि हर साल दीपावली पर मिट्टी के दीये खरीदना और उन्हें घर तथा पूजा स्थल पर जलाना परिवार की पुरानी परंपरा का हिस्सा है। यही कारण है कि इस बार भी वे मिट्टी के दीये और अन्य पूजा सामग्री खरीदने के लिए बाजार पहुंच रही हैं।
महिलाओं की पहली पसंद बने मिट्टी के दीये, गणेश-लक्ष्मी पूजा के लिए पारंपरिक सामानों की खरीदारी
सनातन धर्म में दीपावली का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने और रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद माता सीता एवं लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को दीपों से रोशन कर उनका स्वागत किया था। इसी परंपरा की स्मृति में प्रत्येक वर्ष कार्तिक अमावस्या को दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन घरों, मंदिरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाकर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। लोगों का मानना है कि मिट्टी के दीये केवल प्रकाश का साधन नहीं हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सदियों पुरानी परंपरा के प्रतीक भी हैं। चाइनीज लाइटें और इलेक्ट्रॉनिक झालरें घरों को आकर्षक बना सकती हैं, लेकिन पूजा-पाठ में मिट्टी के दीयों का महत्व अलग है। यही वजह है कि आधुनिक सजावट के साधनों की उपलब्धता के बावजूद लोग दीपावली पर पारंपरिक मिट्टी के दीयों को विशेष स्थान देते हैं।
भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की याद में मनाई जाती है दीपावली, मिट्टी के दीयों से जुड़ी है परंपरा
दीपावली का त्योहार मिट्टी के दीये और अन्य पारंपरिक सामान बनाने वाले कुम्हार परिवारों के लिए भी खास महत्व रखता है। कुम्हारों का कहना है कि मिट्टी के दीये तैयार करने में काफी मेहनत और समय लगता है। इसके लिए सबसे पहले मिट्टी जुटाई जाती है। इसके बाद उसे साफ कर आकार दिया जाता है और धूप में सुखाने के बाद भट्ठी में पकाया जाता है। तैयार होने के बाद दीयों को बाजार तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में परिवार के सभी सदस्य सहयोग करते हैं। कुम्हारों के मुताबिक, आधुनिक दौर में इलेक्ट्रॉनिक लाइटों और सजावटी सामानों का चलन बढ़ने से पारंपरिक मिट्टी के सामानों के कारोबार पर असर पड़ा है। हालांकि दीपावली ऐसा अवसर है, जब मिट्टी के दीयों की मांग फिर बढ़ जाती है। इस वर्ष भी बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही शुरू होने से कुम्हार परिवारों को अच्छी बिक्री की उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि दीपावली के दौरान होने वाली बिक्री से उन्हें बेहतर आमदनी का अवसर मिलता है। उन्होंने लोगों से स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार मिट्टी के दीये और अन्य सामान खरीदने की अपील की, ताकि उनकी आजीविका को सहारा मिल सके।
दीपावली से कुम्हार परिवारों को बड़ी उम्मीद, मिट्टी के दीयों की बिक्री से बढ़ेगी आमदनी
जमशेदपुर के बाजारों में मिट्टी के दीयों की बढ़ती मांग को स्वदेशी परंपरा और स्थानीय हस्तकला को बढ़ावा देने के रूप में भी देखा जा रहा है। मिट्टी के दीये खरीदने से न केवल कुम्हार परिवारों को रोजगार मिलता है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक कला और संस्कृति भी सुरक्षित रहती है। स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किए गए दीये और पूजा सामग्री खरीदना उनके श्रम को सम्मान देने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मददगार है। कुल मिलाकर, दीपावली की तैयारियों के बीच बाजारों में मिट्टी के दीयों की बढ़ती मांग यह साबित करती है कि आधुनिकता के बढ़ते प्रभाव के बावजूद लोगों का अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव कायम है। इलेक्ट्रॉनिक रोशनी और रंग-बिरंगी झालरों के बीच मिट्टी के छोटे-छोटे दीये अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। इस दीपावली मिट्टी के दीयों की लौ जहां घरों और मंदिरों को रोशन करेगी, वहीं स्थानीय कुम्हार परिवारों के जीवन में भी खुशियों और आर्थिक उम्मीदों का उजाला लेकर आएगी।
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के साथ शहर के विभिन्न बाजारों में चला विशेष जांच अभियान हानिकारक रंगों से तैयार खाद्य
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के साथ शहर के विभिन्न बाजारों में चला विशेष जांच अभियान
हानिकारक रंगों से तैयार खाद्य पदार्थ मौके पर कराए गए नष्ट; दुकानदारों को सख्त चेतावनी
मिलावटखोरी के खिलाफ जारी रहेगा अभियान, खाद्य पदार्थ खरीदते समय सतर्क रहें शहरवासी
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :शहर में खाद्य पदार्थों में मिलावट और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को व्यापक जांच अभियान चलाया। नामकुम से पहुंची मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में दुकानों, खाद्य प्रतिष्ठानों और सड़क किनारे संचालित खाद्य स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान अंडे और मछली से तैयार खाद्य पदार्थों में हानिकारक एवं अखाद्य रंगों के इस्तेमाल का मामला सामने आया। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित खाद्य पदार्थों को बिक्री से हटवाया और मौके पर ही नष्ट करा दिया। वहीं, नियमों की अनदेखी करने वाले दो दर्जन से अधिक दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया। विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा। जांच अभियान के दौरान टीम ने दुकानों में उपलब्ध खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भंडारण व्यवस्था और खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल किए जा रहे रंगों की बारीकी से जांच की। विशेष रूप से उन खाद्य सामग्रियों पर ध्यान दिया गया, जिन्हें आकर्षक रंग देकर ग्राहकों को बेचने की कोशिश की जाती है।
अंडे और मछली में अखाद्य रंगों का इस्तेमाल उजागर, खाद्य सुरक्षा विभाग ने की कार्रवाई
जांच अभियान में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके माध्यम से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही प्रारंभिक जांच की गई, जिससे मिलावट और अखाद्य रंगों के इस्तेमाल की पहचान करने में मदद मिली। जांच के दौरान अंडे और मछली से तैयार खाद्य पदार्थों में ऐसे रंग पाए गए, जिनका खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए संबंधित खाद्य सामग्री को तत्काल बिक्री से हटवाया और मौके पर ही नष्ट करा दिया, ताकि आम नागरिकों तक ऐसी सामग्री नहीं पहुंचे। टीम ने दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि खाद्य पदार्थों को अधिक आकर्षक दिखाने अथवा ग्राहकों को लुभाने के लिए अखाद्य या प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल करना कानून का उल्लंघन है। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करें। दुकानों में साफ-सफाई बनाए रखें, खाद्य सामग्रियों को सुरक्षित तरीके से रखें और केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप अनुमत रंगों का ही इस्तेमाल करें। जांच के दौरान दो दर्जन से अधिक दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया।
मोबाइल लैब से मौके पर हुई खाद्य पदार्थों की जांच, नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर जुर्माना
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों में रंगों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट मानक निर्धारित हैं। केवल उन्हीं रंगों का उपयोग किया जा सकता है, जिन्हें खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल करने की अनुमति प्राप्त है। इसके अलावा निर्धारित मात्रा और शर्तों का पालन करना भी अनिवार्य है। कपड़ों, औद्योगिक उत्पादों और अन्य गैर-खाद्य वस्तुओं में इस्तेमाल होने वाले रंगों को खाद्य सामग्री में मिलाना लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे अखाद्य रंगों से तैयार खाद्य पदार्थों का सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेष रूप से लंबे समय तक ऐसे पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। अधिकारियों ने दुकानदारों को हिदायत दी कि अधिक मुनाफा कमाने या खाद्य पदार्थों को आकर्षक बनाने के लिए किसी भी परिस्थिति में गैर-खाद्य रंगों का इस्तेमाल न करें। खाद्य कारोबारियों को यह भी बताया गया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण की जिम्मेदारी संबंधित दुकानदार की है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
अखाद्य रंगों से तैयार खाद्य सामग्री सेहत के लिए खतरनाक, दुकानदारों को दी गई चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शहर में मिलावटखोरी और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल जांच के दौरान अमानक एवं अखाद्य रंगों से तैयार खाद्य पदार्थों को नष्ट कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी दुकान या खाद्य प्रतिष्ठान में दोबारा मिलावट अथवा प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की शिकायत मिलती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और पंजीकरण के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। विभाग की टीम बाजारों, दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी जारी रखेगी। विशेष रूप से त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए मिलावट की आशंका वाले उत्पादों की जांच पर जोर दिया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई, दोबारा गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस भी हो सकता है रद्द
खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के सभी खाद्य कारोबारियों से निर्धारित मानकों का पालन करने और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की है। विभाग के अनुसार, मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की सहायता से आने वाले दिनों में भी जमशेदपुर के अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। वहीं, आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान दें तथा मिलावट या प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की आशंका होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाना और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
सड़क, फुटपाथ और भीड़भाड़ वाले बाजारों में पटाखा दुकान लगाने पर प्रतिबंध बिना लाइसेंस बिक्री करने वालों की दुकान होगी
सड़क, फुटपाथ और भीड़भाड़ वाले बाजारों में पटाखा दुकान लगाने पर प्रतिबंध
बिना लाइसेंस बिक्री करने वालों की दुकान होगी जब्त, गंभीर उल्लंघन पर लाइसेंस भी हो सकता है रद्द
दीपावली पर सुरक्षा को लेकर नगर परिषद सख्त, नियम तोड़ने वाले पटाखा कारोबारियों पर होगी कार्रवाई
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :दीपावली एवं छठ महापर्व के मद्देनजर जुगसलाई नगर परिषद प्रशासन ने पटाखों की खरीद-बिक्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आम नागरिकों की सुरक्षा, अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से नगर परिषद क्षेत्र में सड़क किनारे, बाजारों, गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अस्थायी पटाखा दुकानें लगाने पर रोक लगा दी गई है। अब प्रशासन की ओर से पटाखा बिक्री के लिए चिन्हित निर्धारित मैदान में ही अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति होगी। निर्धारित स्थल के अलावा अन्य किसी भी स्थान पर पटाखों की बिक्री करते पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान बाजारों और रिहायशी इलाकों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क किनारे और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखा दुकानें लगाने से आगजनी, दुर्घटना और जाम की आशंका बनी रहती है। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान बाजारों में सुरक्षित एवं व्यवस्थित माहौल बनाए रखना है।
जुगसलाई में सड़क किनारे पटाखा दुकान लगाने पर प्रतिबंध, प्रशासन ने तय किया बिक्री स्थल
कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान ने बताया कि पटाखा कारोबारियों को प्रशासन की ओर से चिन्हित मैदानों और निर्धारित स्थानों पर ही अपनी अस्थायी दुकानें लगानी होंगी। बिना अनुमति अथवा निर्धारित स्थल से बाहर दुकान लगाने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी। सड़क, फुटपाथ, बाजार या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से पटाखों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकान को जब्त किया जा सकता है तथा दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पटाखों की बिक्री के लिए वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस पटाखों का भंडारण और खरीद-बिक्री करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर जुर्माना लगाने के साथ संबंधित दुकानदार का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा अथवा कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन ने कारोबारियों को पहले से ही नियमों का पालन करने की हिदायत दी है, ताकि त्योहार के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
बिना लाइसेंस पटाखा बेचने वालों पर होगी कार्रवाई, दुकान जब्ती और लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
पटाखा दुकानों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने विशेष सुरक्षा गाइडलाइन भी जारी की है। इसके तहत प्रत्येक दुकानदार को अपनी दुकान में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में बालू और पानी की व्यवस्था भी करनी होगी। पटाखों का भंडारण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ही किया जा सकेगा। प्रशासन ने दुकानदारों को निर्देश दिया है कि दुकान के आसपास किसी प्रकार की ज्वलनशील वस्तु या असुरक्षित व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पटाखा बिक्री के लिए निर्धारित मैदान में अग्निशमन विभाग की ओर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात रखने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि पटाखों की बिक्री के दौरान अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था रहने से बड़ी दुर्घटनाओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।
पटाखा दुकानों में अग्निशमन यंत्र, बालू और पानी रखना अनिवार्य, मैदान में तैनात रहेगी फायर ब्रिगेड
पटाखा बिक्री के लिए निर्धारित नियमों और सुरक्षा इंतजामों की निगरानी के लिए नगर परिषद की एनफोर्समेंट टीम विशेष जांच अभियान चलाएगी। इसके तहत सप्ताह में चार दिन दुकानों और बिक्री स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान दुकानदारों के वैध लाइसेंस, दुकान लगाने की अनुमति, पटाखों के भंडारण की व्यवस्था तथा अग्निशमन यंत्र, बालू और पानी की उपलब्धता की जांच की जाएगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि दुकानें निर्धारित स्थान पर ही संचालित हो रही हैं या नहीं। किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान ने कहा कि त्योहार के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नगर परिषद की टीम लगातार निगरानी रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों को किसी प्रकार की रियायत नहीं मिलेगी। सप्ताह में चार बार जांच होने से अवैध दुकानों और असुरक्षित बिक्री व्यवस्था पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
सप्ताह में चार दिन पटाखा दुकानों की जांच करेगी नगर परिषद की टीम, लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की होगी पड़ताल
कार्यपालक पदाधिकारी ने सभी पटाखा कारोबारियों से दीपावली और छठ के दौरान प्रशासन का सहयोग करने तथा निर्धारित मैदान में ही दुकानें लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों और रोशनी का त्योहार है। त्योहार के उत्साह में सुरक्षा के प्रति लापरवाही नहीं होनी चाहिए। दुकानदारों को अपनी सुरक्षा के साथ ग्राहकों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना होगा। नगर परिषद प्रशासन के अनुसार, इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जुगसलाई के बाजारों एवं रिहायशी इलाकों को सुरक्षित रखना, आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण करना और आम नागरिकों को जाम तथा अव्यवस्था से राहत दिलाना है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से पटाखों की बिक्री करने वालों की दुकान जब्त करने, जुर्माना लगाने और गंभीर मामलों में लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की जाएगी। अब नगर परिषद की नियमित निगरानी और जांच अभियान के बीच पटाखा कारोबारियों द्वारा सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष नजर रहेगी।
साकची से पार्किंग तक निकली पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री संजय सेठ पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और मधु कोड़ा समेत कई
साकची से पार्किंग तक निकली पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री संजय सेठ
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और मधु कोड़ा समेत कई दिग्गज नेता हुए शामिल
कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का देशव्यापी अभियान, कार्यकर्ताओं से जन-जन तक पहुंचने की अपील
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर :भाजपा के देशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत गुरुवार को जमशेदपुर में विशाल रैली एवं पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत साकची स्थित नेताजी सुभाष मैदान में आयोजित सभा से हुई। सभा के बाद भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने विशाल पदयात्रा निकाली, जो साकची के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए साकची पार्किंग पहुंचकर संपन्न हुई। रैली में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी और लोकतंत्र की रक्षा के समर्थन में आवाज बुलंद की गई।
जमशेदपुर में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, लोकतंत्र बचाओ अभियान में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू और भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज सहित प्रदेश एवं जिला स्तर के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतंत्र के नाम पर देश में भीड़तंत्र को बढ़ावा देने और झूठ के माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की कथित नकारात्मक राजनीति सफल नहीं होगी। भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जनता के बीच जाकर सच्चाई सामने रखेगी।
संजय सेठ, रघुवर दास और मधु कोड़ा समेत कई बड़े नेता भाजपा की पदयात्रा में हुए शामिल
भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से इस अभियान को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देशभर में जनता के बीच जाकर कांग्रेस की राजनीति और उसके रवैये के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए लोकतंत्र एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अभियान जारी रखा जाएगा। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने और आम लोगों को अभियान से जोड़ने की अपील की। पदयात्रा के माध्यम से भाजपा ने जमशेदपुर में अपनी राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन किया।
ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और लंबित खाद्यान्न वितरण निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का आदेश राशन डीलरों की दुकानों और गोदामों
ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और लंबित खाद्यान्न वितरण निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का आदेश
राशन डीलरों की दुकानों और गोदामों के स्टॉक का होगा सत्यापन
उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए जवाबदेही के निर्देश, पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचेगा राशन
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सरायकेला :सरायकेला-खरसावां जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारू एवं जवाबदेह बनाने के लिए उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्यान्न वितरण, ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, राशन डीलरों की टैगिंग एवं री-टैगिंग, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, चावल दिवस, सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना, नमक एवं चीनी वितरण, धान अधिप्राप्ति और किसानों के भुगतान सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जन वितरण प्रणाली के सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जाए। राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा निर्धारित मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसी शिकायतें मिलने पर जांच कर संबंधित राशन डीलरों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले डीलरों की खैर नहीं, उपायुक्त ने दी कार्रवाई की चेतावनी
बैठक में ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग के लंबित कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों को योजनाओं से आच्छादित किया जाए। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने तथा ई-केवाईसी के दौरान आने वाली तकनीकी एवं नेटवर्क संबंधी समस्याओं का समाधान करने को कहा गया। लंबे समय से राशन का उठाव नहीं करने वाले, अपात्र एवं निष्क्रिय लाभुकों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया। ऐसे लाभुकों के मामलों की समुचित जांच के बाद नियमानुसार राशन कार्ड से नाम हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण की नियमित निगरानी करने तथा पात्र लाभुकों को समय पर राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
ई-केवाईसी और आधार सीडिंग में तेजी लाने का निर्देश, गांवों में लगेंगे विशेष शिविर
खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए उपायुक्त ने सभी एएमओ (AMO) एवं एजीएम (AGM) को गोदामों में उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक स्टॉक सत्यापन करने और संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर रिपोर्ट अद्यतन करने का निर्देश दिया। नमक एवं चीनी सहित सभी आवश्यक खाद्य सामग्रियों की डोर-स्टेप डिलीवरी (DSD) तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप लाभुकों के बीच वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं, निलंबित एवं निलंबनमुक्त राशन डीलरों से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित दुकानों में उपलब्ध खाद्यान्न का स्टॉक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जांच में अनियमितता पाए जाने पर खाद्यान्न की वसूली (रिकवरी), प्राथमिकी दर्ज करने और अन्य आवश्यक विभागीय कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
गोदामों में खाद्यान्न का होगा भौतिक सत्यापन, गड़बड़ी मिलने पर होगी रिकवरी और प्राथमिकी
खाद्यान्न उठाव एवं वितरण से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर भी उपायुक्त ने त्वरित जांच और समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा गोदाम निर्माण एवं मरम्मती कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी लंबित निर्माण एवं मरम्मती कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराने तथा निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। विशेष रूप से ईचागढ़ स्थित गोदाम की मरम्मती के लिए कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। जिला आपूर्ति पदाधिकारी को जिले के सभी प्रखंडों में संचालित योजनाओं एवं खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा लंबित कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
ईचागढ़ गोदाम की होगी मरम्मती, लंबित निर्माण कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन हो। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी राहुल आनंद, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक, विभिन्न कार्य एजेंसियों के कनीय अभियंता सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
गिफ्ट कूपन योजना, हाउस मेंटेनेंस अलाउंस और अस्पताल की सुविधाओं समेत कई मुद्दों पर प्रबंधन के साथ हुई वार्ता, लंबित
गिफ्ट कूपन योजना, हाउस मेंटेनेंस अलाउंस और अस्पताल की सुविधाओं समेत कई मुद्दों पर प्रबंधन के साथ हुई वार्ता, लंबित मांगों के समाधान का मिला आश्वासन
50 कर्मियों के प्रमोशन पर यूनियन ने जताया आभार, सी.बी. कुमार और प्रवीण कुमार सिंह को दिया धन्यवाद
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा :बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन की पहल पर सेल की गुवा खदान में कार्यरत 50 कर्मचारियों को क्लस्टर प्रमोशन का लाभ मिला है। लंबे समय से लंबित पदोन्नति की मांग पूरी होने पर संबंधित कर्मचारियों में खुशी की लहर है। इस उपलब्धि के साथ ही बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल और सेल की गुवा खदान प्रबंधन के बीच कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों तथा गुवा क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत वार्ता हुई। बैठक में कर्मचारियों के आर्थिक हित, पदोन्नति, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवासीय सुविधाओं से संबंधित लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन प्रतिनिधियों ने प्रबंधन से आग्रह किया कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
गुवा खदान के 50 कर्मचारियों की पदोन्नति, यूनियन के प्रयासों से पूरी हुई पुरानी मांग
वार्ता के दौरान बोकारो स्टील प्लांट में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेका कर्मियों के लिए घोषित गिफ्ट कूपन योजना का लाभ गुवा सहित झारखंड ग्रुप की अन्य खदानों में कार्यरत कर्मियों को भी देने की मांग की गई। इस पर मुख्य महाप्रबंधक ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही अन्य खदानों के कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। इसके अलावा लंबे समय से लंबित हाउस मेंटेनेंस अलाउंस का भुगतान इसी नवंबर माह में करने का आश्वासन प्रबंधन की ओर से दिया गया। कर्मचारियों के क्लस्टर प्रमोशन की प्रक्रिया भी नवंबर माह में पूरी करने की बात कही गई। यूनियन ने इन मुद्दों पर प्रबंधन के सकारात्मक रुख का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि आश्वासनों को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाएगा।
गिफ्ट कूपन और हाउस मेंटेनेंस अलाउंस पर प्रबंधन का सकारात्मक रुख, नवंबर में भुगतान का आश्वासन
बैठक में गुवा अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन प्रतिनिधियों ने अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने, मरीजों के लिए नए बेड एवं टेबल उपलब्ध कराने तथा डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। उनका कहना था कि गुवा एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है। इसके साथ ही गुवा डीएवी स्कूल में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए चार नए कक्षाओं का निर्माण कराने की मांग की गई। क्षेत्र में लंबित सिविल कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आग्रह किया गया, ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर आवासीय एवं नागरिक सुविधाएं मिल सकें।
गुवा अस्पताल में बढ़ेंगे डॉक्टर और डीएवी स्कूल में बनेंगे चार नए कमरे, यूनियन ने उठाई मांग
50 कर्मचारियों को क्लस्टर प्रमोशन मिलने पर यूनियन पदाधिकारियों ने मुख्य महाप्रबंधक सी.बी. कुमार एवं महाप्रबंधक (एचआर) प्रवीण कुमार सिंह की भूमिका की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार जताया। यूनियन के जोनल सचिव जयसिंह नायक और ब्रांच सचिव कमलजीत सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि यूनियन के लगातार प्रयासों और प्रबंधन के सकारात्मक सहयोग का परिणाम है। उन्होंने दोनों अधिकारियों को विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा कराने के लिए यूनियन आगे भी प्रयासरत रहेगी। वार्ता में यूनियन की ओर से जोनल सचिव जयसिंह नायक, ब्रांच सचिव कमलजीत सिंह, विश्वजीत तांती, मंगलू साहू एवं मानाराम तानी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। यूनियन ने उम्मीद जताई कि प्रबंधन भविष्य में भी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान करेगा।