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Jamshedpur : जेपीएससी-जेएसएससी कथित धांधली के खिलाफ भाजपा का राज्यव्यापी प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांग तेज

  • आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
  • जमशेदपुर में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
  • छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी भाजपा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली तथा आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। राज्य के विभिन्न जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की और छात्रों के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। इसी क्रम में जमशेदपुर में भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार से छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने तथा परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए और उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।

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मधु कोड़ा ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं से राज्य के हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धांधली के आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी मांग रखने और आंदोलन करने का अधिकार है, इसलिए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। मधु कोड़ा ने कहा कि मामले की जांच सीआईडी के बजाय सीबीआई से कराई जानी चाहिए ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने दावा किया कि यदि सीबीआई जांच होती है तो कथित अनियमितताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

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मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का विश्वास प्रभावित हुआ है। पार्टी ने सरकार से छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और कथित परीक्षा धांधली की सीबीआई जांच कराने की मांग पर सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो भाजपा राज्यभर में आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य और अधिकारों की रक्षा के लिए भाजपा हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

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Jhargram : एनएच-49 पर अवैध मवेशी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 45 मवेशी बरामद

झाड़ग्राम पुलिस ने दो वाहनों को रोककर चालकों को किया गिरफ्तार, ओडिशा से हावड़ा ले जाने की सूचना जेबी लाइव,

  • झाड़ग्राम पुलिस ने दो वाहनों को रोककर चालकों को किया गिरफ्तार, ओडिशा से हावड़ा ले जाने की सूचना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

झाड़ग्राम : अवैध रूप से मवेशियों के परिवहन के खिलाफ झाड़ग्राम जिला पुलिस ने मंगलवार, 8 सितंबर की तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए एनएच-49 पर दो वाहनों को रोककर कुल 45 मवेशियों को बरामद किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, झाड़ग्राम थाना पुलिस को संदिग्ध वाहनों के आवागमन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने गुप्तमणि के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर विशेष निगरानी शुरू की। इसी दौरान मवेशियों से लदे दो वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों में कुल 45 मवेशी पाए गए। पुलिस ने दोनों वाहनों के चालकों को मौके पर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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ओडिशा से पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे थे मवेशी

प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि बरामद मवेशियों को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बिसुई क्षेत्र से वाहनों में लादा गया था। इसके बाद उन्हें पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के उलूबेड़िया की ओर ले जाया जा रहा था। हालांकि, पुलिस द्वारा मवेशियों के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों, अनुमति और अन्य कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने बरामद सभी मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था की है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिवहन किन परिस्थितियों में किया जा रहा था और इसमें निर्धारित नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। मामले में गिरफ्तार चालकों से पूछताछ कर परिवहन से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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संगठित गिरोह की संलिप्तता की भी जांच कर रही पुलिस

झाड़ग्राम जिला पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक मनव सिंगला, आईपीएस के नेतृत्व में पुलिस कानून के सख्त अनुपालन और अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए कार्रवाई कर रही है। इस मामले में भी पुलिस अब परिवहन के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मवेशियों को कहां से और किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था तथा इसके पीछे किसी संगठित गिरोह या अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Chandil : बिजली के लोहे के पोल में करंट, राहगीरों और स्कूली बच्चों पर मंडरा रहा हादसे का खतरा

डैम रोड पर विद्युत पोल से लग रहे करंट के झटके कांग्रेस नेता ने विभागीय अधिकारियों से की तत्काल कार्रवाई

  • डैम रोड पर विद्युत पोल से लग रहे करंट के झटके
  • कांग्रेस नेता ने विभागीय अधिकारियों से की तत्काल कार्रवाई की मांग
  • बारिश में बढ़ सकता है करंट का खतरा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चांडिल : चांडिल बाजार के डैम रोड स्थित आटा चक्की के सामने लगे बिजली के लोहे के खंभे में करंट आने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार खंभे को छूने या उसके संपर्क में आने पर आए दिन अचानक करंट के झटके लग रहे हैं। इसकी चपेट में राहगीरों, ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों के आने की भी आशंका बनी हुई है। व्यस्त डैम रोड पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क किनारे लगे विद्युत पोल में करंट का प्रवाह किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। बारिश और नमी के मौसम में खतरा और बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से तत्काल पोल की जांच कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।

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कांग्रेस नेता ने बिजली विभाग से तत्काल जांच की मांग की

मामले को लेकर कांग्रेस नेता अरुण कुमार बगड़िया ने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता समेत कई वरीय अधिकारियों को दूरभाष के माध्यम से जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि लोहे के विद्युत पोल से अचानक करंट के झटके लगने के कारण लोग भयभीत हैं। उन्होंने विभाग से तत्काल तकनीकी जांच कराने और खंभे को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि व्यस्त मार्ग होने के कारण किसी अप्रिय घटना से पहले विभाग को आवश्यक कदम उठाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी बिजली विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।

Gua : गुवा शहीद दिवस पर भाजपा नेताओं ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने शहीदों के बलिदान को किया नमन, उनके आश्रितों को सम्मान दिलाने की कही बात शहीद

  • पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने शहीदों के बलिदान को किया नमन, उनके आश्रितों को सम्मान दिलाने की कही बात
  • शहीद स्थल पर भाजपा नेताओं ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा शहीद दिवस के अवसर पर मंगलवार को गुवा बाजार स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। भाजपा झारखंड प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य के गठन के लिए लोगों ने लंबा संघर्ष किया था। 8 सितंबर 1980 को अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर विभिन्न गांवों से लोग गुवा पहुंचकर आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस प्रशासन की गोलीबारी में 10 लोग शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि उन्हीं अमर शहीदों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।

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शहीदों के सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प

बड़कुंवर गागराई ने कहा कि शहीदों का सपना केवल अलग राज्य का गठन नहीं, बल्कि झारखंड का समुचित विकास और उनके आश्रितों को सम्मान एवं अधिकार दिलाना भी था। उन्होंने कहा कि शहीदों के संघर्ष और कुर्बानी को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में भाजपा नेता मंगल सिंह गिलुवा, शंभू हाजरा, रायभूमिज, साहु पुरती, अजित सिंह, संजीव राय, प्रकाश भूषण सिंकु, बंगाली प्रधान, राजेश प्रधान, कैलाश दास समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों को नमन करते हुए उनके आदर्शों और संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

Jamshedpur : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न, 55 छात्राओं को मिला स्वर्ण पदक

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्राओं को दी उपाधियां मुस्कान महतो को चांसलर मेडल और श्वेता तिवारी बनीं ओवरऑल टॉपर

  • राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्राओं को दी उपाधियां
  • मुस्कान महतो को चांसलर मेडल और श्वेता तिवारी बनीं ओवरऑल टॉपर
  • XLRI सभागार में गरिमामय माहौल में हुआ दीक्षांत समारोह

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह मंगलवार को बिष्टुपुर स्थित XLRI सभागार में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में CSIR-NML, जमशेदपुर के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी मौजूद रहे। मंच पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार, डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स डॉ. किश्वर आरा, कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर, वित्त पदाधिकारी सह वाणिज्य संकायाध्यक्ष डॉ. दीपा शरण, मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार साहू तथा परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रह्मण्यन उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर ने किया। समारोह का शुभारंभ अकादमिक परेड, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान, दीप प्रज्वलन और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ।

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पीएचडी शोधार्थियों सहित छात्राओं को प्रदान की गईं उपाधियां

समारोह के दौरान अतिथियों का स्मृति-चिह्न, पौधा और शॉल भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ई-स्मारिका का भी विमोचन किया गया। दीक्षांत समारोह में पीएचडी, स्नातकोत्तर, स्नातक तथा विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वालों में होम साइंस की सस्मिता साहू, अंग्रेजी की मांपी अधिकारी, हिंदी की शशि बाला बागे और कल्पना कुमारी शामिल रहीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 55 छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। गणित की छात्रा मुस्कान महतो को चांसलर मेडल से सम्मानित किया गया। चार वर्षीय यूजी पाठ्यक्रम में वर्ष 2022-2026 की ओवरऑल टॉपर होम साइंस की श्वेता तिवारी रहीं। वहीं डॉ. रेखा झा गोल्ड मेडल एवं एक लाख रुपये की राशि का चेक रीमा मार्डी को प्रदान किया गया। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को भी विशेष सम्मान दिया गया।

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कुलपति ने शैक्षणिक उपलब्धियों और नई योजनाओं को किया रेखांकित

कुलपति प्रो. इला कुमार ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान कार्यों और अकादमिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को विकसित करने के साथ स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए छात्राओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाली छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा और कौशल के माध्यम से छात्राएं समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत वाहक बन सकती हैं।

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राज्यपाल ने कहा- चरित्र और कर्म से बनती है वास्तविक पहचान

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने उपाधि प्राप्त करने वाली छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन की नई यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। डिग्री विद्यार्थियों को अवसर प्रदान कर सकती है, लेकिन वास्तविक पहचान उनके चरित्र और कर्मों से बनती है। उन्होंने छात्राओं से अपने संस्कारों को साथ रखते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और जीवन की चुनौतियों का निर्भीकता से सामना करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना भी है। उन्होंने छात्राओं से अपने ज्ञान का उपयोग समाज की भलाई के लिए करने तथा शोध, नवाचार और ज्ञान के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

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राष्ट्रगान के साथ हुआ समारोह का औपचारिक समापन

समारोह के अंत में परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रह्मण्यन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राज्यपाल सह कुलाधिपति द्वारा दीक्षांत समारोह के समापन की औपचारिक घोषणा के बाद राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि और उपाधि प्राप्त करने वाली छात्राएं उपस्थित रहीं। दीक्षांत समारोह ने छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Jadugoda : यूसील के पूर्व कंपनीकर्मी ज्ञानरंजन गोप का निधन, धिरोल में हुआ अंतिम संस्कार

पिता-पुत्र के निधन से परिवार में गहरा दुख, अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल ज्ञानरंजन गोप के

  • पिता-पुत्र के निधन से परिवार में गहरा दुख, अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
  • ज्ञानरंजन गोप के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : यूसील के पूर्व कंपनीकर्मी एवं धिरोल निवासी ज्ञानरंजन गोप का मंगलवार को निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ज्ञानरंजन गोप अपने सरल, सहज और मिलनसार व्यवहार के कारण लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। वे समाजसेवी स्वर्गीय शिकोरेश गोप के पिता थे। शिकोरेश गोप का भी कुछ दिन पूर्व निधन हो गया था। कम समय के अंतराल में पिता-पुत्र के निधन से परिवार के साथ उनके रिश्तेदारों, परिचितों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों में गहरा दुख व्याप्त है।

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अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़, लोगों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

ज्ञानरंजन गोप का अंतिम संस्कार मंगलवार को उनके पैतृक निवास धिरोल में किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में परिजन, ग्रामीण, मित्र, सामाजिक कार्यकर्ता और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने दिवंगत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सरल एवं आत्मीय व्यक्तित्व को याद किया। क्षेत्र के गणमान्य लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञानरंजन गोप का सहज व्यवहार उन्हें हमेशा लोगों के बीच यादगार बनाए रखेगा। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।

Gua : ‘शहीदों का सपना आज भी अधूरा, भ्रष्टाचार-माफियाओं के कब्जे में झारखंड’ – जयराम महतो

डुमरी विधायक ने पहली बार सादर मार्ग से काफिले के साथ पहुंचकर गुवा गोलीकांड के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, सरकार

  • डुमरी विधायक ने पहली बार सादर मार्ग से काफिले के साथ पहुंचकर गुवा गोलीकांड के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, सरकार पर साधा निशाना
  • गुवा शहीद दिवस पर जयराम महतो ने उठाए विकास और व्यवस्था पर सवाल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के सुप्रीमो सह डुमरी विधायक जयराम महतो मंगलवार को पहली बार सादर मार्ग से दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ गुवा पहुंचे। गुवा गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने शहीद वेदी पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और शहीदों को नमन किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने झारखंड सरकार और वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। जयराम महतो ने कहा कि गुवा समेत पूरे झारखंड आंदोलन के शहीदों ने जिस झारखंड का सपना देखा था, वह आज भी पूरी तरह साकार नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि अलग राज्य के निर्माण के लिए गांव-गांव से लोग आंदोलन में शामिल हुए और अनेक लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे में वर्तमान व्यवस्था की जिम्मेदारी है कि शहीदों के संघर्ष और बलिदान के वास्तविक उद्देश्यों को धरातल पर उतारा जाए।

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झारखंड आंदोलन के उद्देश्यों को लेकर सरकार से मांगा जवाब

जयराम महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व में आगे बढ़ा था और उस दौर में राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग आंदोलन में शामिल होते थे। उन्होंने कहा कि आज राज्य की सत्ता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के हाथों में है, इसलिए शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी वर्तमान सरकार की है। उन्होंने सवाल उठाया कि अलग राज्य बनने के वर्षों बाद भी क्या आंदोलनकारियों और शहीदों के परिवारों को वह सम्मान और सुविधाएं मिल पाई हैं, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति को केवल साल में एक दिन याद करने के बजाय उनके संघर्ष के मूल मुद्दों पर काम करने की आवश्यकता है। जल, जंगल, जमीन, स्थानीय अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे विषयों पर सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए।

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भ्रष्टाचार और माफिया के आरोपों पर सरकार को घेरा

राज्य में विकास की स्थिति को लेकर भी जयराम महतो ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भ्रष्टाचार और माफियाओं का बोलबाला किसी से छिपा नहीं है। उनका कहना था कि सरकार की ओर से विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में रहने वाली आम जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि शहीदों के गांवों और उनके परिवारों की स्थिति देखकर विकास के दावों की वास्तविकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। जयराम महतो ने कहा कि यदि वास्तव में सरकार शहीदों का सम्मान करना चाहती है तो उनके परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ उनके गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यही शहीदों के प्रति सच्ची जिम्मेदारी होगी।

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होर्डिंग और पंडाल की जगह शहीद परिवारों पर खर्च हो राशि

गुवा शहीद दिवस को लेकर किए गए भव्य आयोजन और तामझाम पर भी जयराम महतो ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गुवा क्षेत्र की सड़कों और प्रमुख स्थानों को मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायकों के पोस्टर, बैनर और होर्डिंग से पाट दिया गया है तथा बड़े-बड़े पंडाल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन पर होने वाले खर्च में यदि कुछ कटौती कर बची राशि को शहीद परिवारों की सहायता और उनके गांवों के विकास पर खर्च किया जाता तो इसका अधिक सकारात्मक प्रभाव दिखाई देता। उन्होंने कहा कि शहीद दिवस केवल फूल चढ़ाने और भाषण देने का अवसर नहीं होना चाहिए। शहीद परिवारों के जीवन में बदलाव, उनके गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और युवाओं के लिए शिक्षा एवं रोजगार के अवसर पैदा करना ही वास्तविक श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि होर्डिंग और सजावट से विकास नहीं दिखता, बल्कि शहीद परिवारों के जीवन में आया बदलाव ही सरकार की उपलब्धि का वास्तविक पैमाना होना चाहिए।

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शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने का आह्वान

जयराम महतो ने कहा कि झारखंड का निर्माण केवल प्रशासनिक रूप से एक अलग राज्य बनाने के लिए नहीं हुआ था, बल्कि इसके पीछे जल, जंगल, जमीन, अधिकार और सम्मान की लंबी लड़ाई और हजारों लोगों का संघर्ष रहा है। उन्होंने कहा कि अब राजनीतिक दलों और सरकारों को तय करना होगा कि वे शहीदों के नाम पर केवल राजनीति करेंगे या उनके सपनों को धरातल पर उतारने के लिए ईमानदार प्रयास भी करेंगे। गुवा की धरती से उन्होंने व्यवस्था पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि दिखावे से आगे बढ़कर जमीन पर काम करने की जरूरत है। शहीद परिवारों को सम्मान, उनके गांवों में विकास और आम जनता को उसके अधिकार दिलाना ही झारखंड आंदोलन के बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनके तीखे तेवर और सरकार पर लगाए गए आरोप गुवा शहीद दिवस के दौरान राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बने रहे।

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