10 अगस्त तक चलने वाले प्रशिक्षण में सामुदायिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के गुर सीख रहे मध्यस्थ
वाद-मुक्त ग्रामीण भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ता कदम
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), पूर्वी सिंहभूम द्वारा तीन दिवसीय आधारभूत सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को किया गया। “सामुदायिक मध्यस्थता : वाद-मुक्त ग्रामीण भारत की ओर” विषय पर आयोजित यह प्रशिक्षण 8 से 10 अगस्त तक चलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर उत्पन्न होने वाले विवादों का न्यायालय पहुंचने से पहले ही सौहार्दपूर्ण और संवाद आधारित समाधान सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण में चयनित सामुदायिक मध्यस्थों को विवाद निपटारे की प्रक्रिया, मध्यस्थता की मूल अवधारणाओं तथा समाज में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
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मध्यस्थों को सिखाए जा रहे संवाद और निष्पक्षता के कौशल
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रशिक्षित मध्यस्थों द्वारा किया जा रहा है। इस दौरान प्रतिभागियों को मध्यस्थ की भूमिका, निष्पक्षता, तटस्थता, गोपनीयता, सक्रिय श्रवण और प्रभावी संवाद जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षकों ने बताया कि एक सफल मध्यस्थ का कार्य किसी पक्ष के पक्ष या विपक्ष में निर्णय देना नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर उन्हें स्वीकार्य समाधान तक पहुंचाने में सहायता करना होता है। प्रतिभागियों को पक्षकारों के हितों की पहचान करने और विभिन्न समाधान विकल्पों पर विचार करने की तकनीकों से भी अवगत कराया जा रहा है।
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केस स्टडी और रोल प्ले से मिल रहा व्यवहारिक अनुभव
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अभ्यास, केस स्टडी, संवादात्मक सत्र और भूमिका-अभिनय (रोल प्ले) के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों में विवाद समाधान की प्रक्रिया को समझाया जा रहा है। डालसा का मानना है कि ग्रामीण और सामुदायिक स्तर पर छोटे-छोटे विवादों का समय रहते समाधान होने से मुकदमों की संख्या में कमी आएगी और सामाजिक सौहार्द भी मजबूत होगा। यह पहल “वाद-मुक्त ग्रामीण भारत” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 10 अगस्त को होगा, जिसके बाद प्रशिक्षित मध्यस्थ अपने-अपने क्षेत्रों में सामुदायिक विवादों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।























