Share

Jamshedpur : आदिवासी समाज की पहचान उसकी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से – संजीव सरदार

  • विश्व आदिवासी दिवस पर एलबीएसएम कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति संरक्षण और शिक्षा पर दिया गया जोर
  • आदिवासी विरासत को संरक्षित रखना युवाओं की जिम्मेदारी : संजीव सरदार
  • शिक्षा और संस्कृति के समन्वय से होगा समाज का विकास
  • लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, संस्कृति और शिक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग, एलबीएसएम कॉलेज करनडीह की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पोटका विधायक संजीव सरदार मुख्य अतिथि तथा घाटशिला विधायक सोमनेश चंद्र सोरेन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा ने स्वागत भाषण में विश्व आदिवासी दिवस के महत्व और कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आदिवासी समाज के इतिहास, संघर्ष, भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े विचार प्रस्तुत किए। छात्रा प्रियंका कालिंदीया के प्रभावशाली भाषण ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और खूब सराहना प्राप्त की।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य – अमरप्रीत सिंह काले

विद्यार्थियों ने भाषणों के माध्यम से आदिवासी इतिहास और विरासत को किया याद

मुख्य अतिथि विधायक संजीव सरदार ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हुए प्रकृति संरक्षण की मिसाल कायम की है। समाज की वास्तविक पहचान उसकी भाषा, संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य और परंपराओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि इन सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने आदिवासी महापुरुषों और वीरों के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन स्वाभिमान, सामाजिक एकता और अस्तित्व की रक्षा का प्रेरणादायी उदाहरण है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : महिलाओं के स्वास्थ्य और प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ टीम उर्विता ने मनाया सावन महोत्सव

जल, जंगल और जमीन की रक्षा को बताया आदिवासी समाज की पहचान

संजीव सरदार ने विद्यार्थियों से अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कृति दोनों को साथ लेकर चलना ही समाज के समग्र विकास का आधार है। कार्यक्रम के दौरान स्नातकोत्तर कक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से युवा समाज को नई दिशा दे सकते हैं, जबकि संस्कृति उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है।

इसे भी पढ़ें : Seraikela : विश्व आदिवासी दिवस पर सरायकेला में जिला स्तरीय समारोह, संस्कृति संरक्षण और जनकल्याण योजनाओं का दिया गया संदेश

मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र देकर किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दूसरे चरण में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हो विभाग, संथाली विभाग और भूमिज लोकनृत्य दल के विद्यार्थियों ने पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की विविधता को जीवंत कर दिया। संथाली नृत्य की प्रस्तुति का नेतृत्व आरती हांसदा ने किया, जबकि हो नृत्य में मनीषा ने अगुवाई की। अजय के नेतृत्व में संथाली नृत्य की एक अन्य प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। एनसीसी के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भूमिज सांस्कृतिक कार्यक्रम में कल्याणी सिंह ने नेतृत्व किया। पारंपरिक वेशभूषा और लोकधुनों से सजी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर-आनंदपुर में धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

पारंपरिक वेशभूषा और लोकधुनों से सजा सांस्कृतिक समारोह

कार्यक्रम के समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी संस्कृति केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पहचान भी है। भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति ही आदिवासी समाज के सशक्त भविष्य की मजबूत नींव है। कार्यक्रम में जमशेदपुर लॉ कॉलेज के सहायक प्राध्यापक संजीव कुमार बिरुली, विभागाध्यक्ष प्रो. बाबू राम सोरेन, डॉ. सुष्मिता धारा, प्रो. शिप्रा बोईपाई, विकास मुंडा, डॉ. विनय कुमार गुप्ता, मानस सरदार सहित अनेक शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल और यादगार बना दिया।

Leave a Comment

Jamshedpur : महिलाओं के स्वास्थ्य और प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ टीम उर्विता ने मनाया सावन महोत्सव

30 से अधिक महिलाओं की सहभागिता, स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों का हुआ आयोजन विजेताओं को सम्मानित कर किया गया

  • 30 से अधिक महिलाओं की सहभागिता, स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों का हुआ आयोजन
  • विजेताओं को सम्मानित कर किया गया कार्यक्रम का समापन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : सामाजिक संस्था उर्विता द्वारा महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य, जागरूकता और प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 30 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संस्था की सचिव डॉ. नीना शर्मा ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए भारतीय रसोई में उपयोग होने वाले दैनिक मसालों के औषधीय गुणों और उनके स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित जीवनशैली और संतुलित खानपान से कई बीमारियों से बचाव संभव है। कार्यक्रम की शुरुआत संगीता जयकुमार द्वारा स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन किया और सावन पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला।

इसे भी पढ़ें : Potka : हल्दीपोखर में हर्षोल्लास से मना विश्व आदिवासी दिवस, बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

सावन क्वीन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान संस्था की खेल प्रभारी राखी दासगुप्ता ने कई मनोरंजक और ज्ञानवर्धक खेलों का संचालन किया, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नृत्य और प्रतियोगिताओं ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया। समारोह के अंत में प्रीति श्रीवास्तव को “सावन क्वीन”, सिमरन को “डांसिंग क्वीन”, अर्पिता चंदा को “मिस सावन ग्रेसफुल”, मंजरी दास को मनोरंजक खेल प्रतियोगिता तथा सीमा नारायण को सावन कविता प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीता जयकुमार, राखी दासगुप्ता, प्रीति पांडे, असीमा त्रिपाठी और डॉ. नीना शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Potka : हल्दीपोखर में हर्षोल्लास से मना विश्व आदिवासी दिवस, बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने किया माल्यार्पण, संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश समाज के विकास और एकता पर दिया गया

  • पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने किया माल्यार्पण, संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश
  • समाज के विकास और एकता पर दिया गया जोर
  • बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलने का किया आह्वान

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : हल्दीपोखर पंचायत में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पंचायत की मुखिया देवी कुमारी भूमिज के नेतृत्व में स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत को याद करते हुए समाज की पहचान को सशक्त बनाए रखने का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

इसे भी पढ़ें : Seraikela : विश्व आदिवासी दिवस पर सरायकेला में जिला स्तरीय समारोह, संस्कृति संरक्षण और जनकल्याण योजनाओं का दिया गया संदेश

जल-जंगल-जमीन की रक्षा का लिया सामूहिक संकल्प

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया देवी कुमारी भूमिज ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के प्रेरणास्रोत और आदर्श हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज को मजबूत, शिक्षित और संगठित बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयास, सामाजिक एकता और जागरूकता के माध्यम से समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

Seraikela : विश्व आदिवासी दिवस पर सरायकेला में जिला स्तरीय समारोह, संस्कृति संरक्षण और जनकल्याण योजनाओं का दिया गया संदेश

नगर भवन में आयोजित कार्यक्रम में सांसद जोबा मांझी ने जल, जंगल, जमीन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का किया

  • नगर भवन में आयोजित कार्यक्रम में सांसद जोबा मांझी ने जल, जंगल, जमीन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का किया आह्वान
  • लोक संस्कृति और पारंपरिक नृत्यों ने बांधा समां, उपायुक्त ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर दिया जोर
  • सांसद जोबा मांझी ने संस्कृति और पहचान बचाने का किया आह्वान
  • सामुदायिक वन पट्टा, नियुक्ति पत्र और कृषि सहायता का वितरण
  • वन पट्टा और नियुक्ति पत्र वितरण से लाभुकों में खुशी

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को नगर भवन, सरायकेला में जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती जोबा मांझी ने की। इस अवसर पर आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, भाषा, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत के संरक्षण-संवर्धन के साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम से पूर्व उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी सहित अन्य अधिकारियों ने सिदो-कान्हू पार्क, बिरसा चौक और समाहरणालय परिसर स्थित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। वीर शहीदों और जननायकों के संघर्ष, त्याग एवं बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। इसके बाद मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया तथा महापुरुषों के तैलचित्रों पर पुष्प अर्पित किए।

इसे भी पढ़ें : Gua : आधी रात को गिरा विशाल आम का पेड़, चहारदीवारी तोड़ कार को किया क्षतिग्रस्त

महापुरुषों को नमन कर कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने आदिवासी और क्षेत्रीय संस्कृति पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सरायकेला छऊ नृत्य, मानभूम छऊ, नटुआ नृत्य, मुंडारी नृत्य और महिला पाइका नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकधुनों और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से कलाकारों ने जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सांस्कृतिक गतिविधियां नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। आयोजन के दौरान स्थानीय कला, भाषा, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। कलाकारों के प्रयासों को सम्मानित करते हुए उन्हें संस्कृति संरक्षण का सशक्त वाहक बताया गया।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर-आनंदपुर में धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

छऊ, नटुआ और मुंडारी नृत्य ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव झारखंड की विशिष्ट पहचान है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की परंपरा समाज को संतुलित एवं सतत विकास का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कौशल विकास के अवसरों का विस्तार कर सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने युवाओं को आधुनिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने, महिलाओं की सुरक्षा तथा बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने पर बल दिया। उपायुक्त ने कहा कि विकास की दौड़ में अपनी भाषा, संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने समाज और प्रशासन के बीच सहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए जनभागीदारी को विकास की कुंजी बताया।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : हाईवा हादसे में मृत आरएमपी डॉक्टर के परिजनों का जाम समाप्त, कंपनी ने दी ₹2.5 लाख सहायता और नौकरी का आश्वासन

जनभागीदारी और जागरूकता से होगा समावेशी विकास

सांसद जोबा मांझी ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज का जल, जंगल और जमीन से सदियों पुराना रिश्ता रहा है। प्रकृति केवल संसाधन नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति, जीवन और आस्था का आधार है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने अपनी भाषा, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखा है, जिसे आगे भी सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को अपनाने तथा संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। सांसद ने कहा कि आधुनिक शिक्षा और विकास के अवसरों का लाभ लेना जरूरी है, लेकिन अपनी जड़ों और पहचान को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने वीर शहीदों और महापुरुषों के संघर्षों को याद करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश दिया तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : बहरागोड़ा में अवैध लॉटरी कारोबार पर पुलिस का शिकंजा, 2700 टिकट जब्त

युवाओं को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने की सलाह

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभुकों को सहायता प्रदान की गई। पांच पंचायतों के लिए कुल 1,891.12 एकड़ सामुदायिक वन पट्टा वितरित किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नव नियुक्त 57 स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जबकि कृषि विभाग द्वारा पांच किसानों के बीच अरहर बीज का वितरण किया गया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जहां आमजनों को सरकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। इससे स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और उत्पादकों को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

Gua : आधी रात को गिरा विशाल आम का पेड़, चहारदीवारी तोड़ कार को किया क्षतिग्रस्त

गुवा रेलवे मार्केट की मस्जिद लाइन में टला बड़ा हादसा, परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित वन विभाग की टीम ने

  • गुवा रेलवे मार्केट की मस्जिद लाइन में टला बड़ा हादसा, परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित
  • वन विभाग की टीम ने शुरू किया पेड़ हटाने का कार्य, पुराने पेड़ों की निगरानी की मांग, लोगों ने जताई चिंता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : गुवा रेलवे मार्केट स्थित मस्जिद लाइन के समीप शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब घर की चहारदीवारी के अंदर खड़ा एक विशाल आम का पेड़ अचानक भरभराकर गिर पड़ा। पेड़ गिरने की वजह से चहारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई और उसके समीप खड़ी सफेद रंग की कार बुरी तरह टूट-फूट गई। स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग और घर के सदस्य घबरा गए। आवाज सुनकर जब लोग बाहर निकले तो देखा कि विशाल आम का पेड़ चहारदीवारी को तोड़ते हुए कार के ऊपर गिर चुका है। पेड़ के भार से कार का ऊपरी हिस्सा और अन्य भाग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और स्थिति का जायजा लिया गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय पेड़ गिरा, उस दौरान उसके आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : मनोहरपुर-आनंदपुर में धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

पेड़ गिरने से मची अफरा-तफरी, वन विभाग को दी गई सूचना

रविवार सुबह घटना की जानकारी गुवा वन विभाग को दी गई, जिसके बाद विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और गिरे हुए पेड़ को काटकर हटाने की प्रक्रिया शुरू की। समाचार लिखे जाने तक वन विभाग के कर्मचारी पेड़ को हटाने के कार्य में जुटे हुए थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह आम का पेड़ काफी पुराना और विशालकाय था। संभवतः जड़ों के कमजोर होने या अन्य प्राकृतिक कारणों से यह अचानक गिर गया। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से सहम गए। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं होने से सभी ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे पुराने और जर्जर पेड़ों की समय-समय पर जांच कराने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Manoharpur : मनोहरपुर-आनंदपुर में धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

पारंपरिक नृत्य, गीत और वेशभूषा के साथ सांस्कृतिक विरासत का हुआ प्रदर्शन भाषा, कला और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक

  • पारंपरिक नृत्य, गीत और वेशभूषा के साथ सांस्कृतिक विरासत का हुआ प्रदर्शन
  • भाषा, कला और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प
  • सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए समाज ने दिखाई एकजुटता

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को मनोहरपुर और आनंदपुर प्रखंड में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और अस्मिता को समर्पित विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। आनंदपुर के समीज मुक्ति पत्थर परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला, पुरुष और युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक वेशभूषा, मांदर और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के साथ हुई। इसके बाद लोकगीत और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर प्रतिभागियों ने आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। आयोजन स्थल पर पारंपरिक रीति-रिवाजों, जीवनशैली और सांस्कृतिक विविधता की आकर्षक झलक देखने को मिली, जिसने उपस्थित लोगों को अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया।

इसे भी पढ़ें : Manoharpur : हाईवा हादसे में मृत आरएमपी डॉक्टर के परिजनों का जाम समाप्त, कंपनी ने दी ₹2.5 लाख सहायता और नौकरी का आश्वासन

आदिवासी अस्मिता और पहचान को सुरक्षित रखने का आह्वान

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास, भाषा, कला और सांस्कृतिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि अपनी पहचान और विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का भी दिन है। वक्ताओं ने युवाओं से अपनी मातृभाषा, लोककला और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने की अपील की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि आदिवासी संस्कृति, रीति-रिवाज, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और समाज की एकता एवं विकास के संदेश के साथ हुआ।

Manoharpur : हाईवा हादसे में मृत आरएमपी डॉक्टर के परिजनों का जाम समाप्त, कंपनी ने दी ₹2.5 लाख सहायता और नौकरी का आश्वासन

अज्ञात हाईवा की पहचान, एनके मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड की निकली दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी परिजनों की मांग पर देर रात तक चली

  • अज्ञात हाईवा की पहचान, एनके मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड की निकली दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी
  • परिजनों की मांग पर देर रात तक चली वार्ता
  • फरार हाईवा की पहचान कर पुलिस ने किया जब्त
  • हादसे के बाद फरार चालक की तलाश तेज

जेबी लाइव, रिपोर्टर

मनोहरपुर : मनोहरपुर-राउरकेला मुख्य मार्ग पर मनीपुर पावर ग्रिड के समीप शनिवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में आरएमपी डॉक्टर प्रह्लाद महतो की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों द्वारा किया गया सड़क जाम देर रात करीब दो बजे समाप्त हो गया। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन शव के साथ सड़क पर बैठ गए थे और दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी, उचित मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग कर रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाने का प्रयास किया। कई घंटों तक चले विरोध-प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : बहरागोड़ा में अवैध लॉटरी कारोबार पर पुलिस का शिकंजा, 2700 टिकट जब्त

घंटों तक चला विरोध-प्रदर्शन, प्रशासन ने संभाली स्थिति

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, मनोहरपुर पुलिस, ठेका कंपनी के प्रतिनिधियों और मृतक के परिजनों के बीच लगातार वार्ता का दौर चला। परिजनों ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा तथा उनके बेटे को कंपनी में नौकरी देने की मांग रखी। लंबी बातचीत और समझौता प्रयासों के बाद एनके मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से तत्काल 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। कंपनी के इस प्रस्ताव पर परिजन और ग्रामीण सहमत हुए, जिसके बाद देर रात करीब दो बजे सड़क जाम और धरना समाप्त कर दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और मार्ग पर यातायात को सामान्य कराया गया।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : डालसा का तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण शुरू, वाद-मुक्त ग्रामीण भारत पर जोर

मुआवजा और नौकरी के आश्वासन पर बनी सहमति

पुलिस जांच में दुर्घटना में शामिल अज्ञात हाईवा की पहचान कर ली गई है। बताया गया कि हाईवा का पंजीकरण नंबर JH06W-0536 है और यह मनोहरपुर आयरन ओर माइंस, चिड़िया (सेल) में कार्यरत अधिकृत ठेका कंपनी एनके मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है। जानकारी के अनुसार बाचमगुटू में क्लीनिक संचालित करने वाले आरएमपी डॉक्टर प्रह्लाद महतो की हादसे में मौके पर ही मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश के साथ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top