बच्ची का शव गांव पहुंचने पर बढ़ा आक्रोश, देवेन्द्र नाथ महतो मौके पर डटे
विधायक अमित महतो और पूर्व मंत्री सुदेश कुमार महतो ने भी पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली
मारदू कांड में न्याय की मांग तेज, पुलिस की आधिकारिक घोषणा पर टिकी निगाहें
जेबी लाइव, रिपोर्टर
सिल्ली : रांची जिले के सिल्ली-मुरी क्षेत्र के मारदू गांव में नाबालिग बच्ची के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का पार्थिव शरीर सिल्ली पहुंचने पर ग्रामीणों ने आरोपियों के नामों की आधिकारिक घोषणा होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। शव गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं और स्पष्ट किया कि आधिकारिक घोषणा होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया।
इसे भी पढ़ें : Chaibasa : चाईबासा में बस की टक्कर से साइकिल सवार की मौत, मुआवजे की मांग पर NH-75 जाम
मारदू कांड में आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग पर अड़े ग्रामीण
मामले को लेकर देवेन्द्र नाथ महतो कल से ही मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर घटना और जांच की प्रगति की जानकारी ली। उनका कहना है कि इस संवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार की लीपापोती नहीं होनी चाहिए और जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जानी चाहिए। शव गांव पहुंचने के बाद उन्होंने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक पुलिस आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं करती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस दौरान विधायक अमित महतो और पूर्व मंत्री सुदेश कुमार महतो भी मौके पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए पारदर्शी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जमशेदपुर में अवैध हथियारों के साथ तीन पकड़े गए, दो देसी पिस्टल और कारतूस बरामद
देवेन्द्र नाथ महतो ने निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की उठाई मांग
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि मामले में आरोपियों को पकड़ लिया गया है और अगले दिन आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके नामों की घोषणा की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों ने आधिकारिक घोषणा होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय बरकरार रखा। देवेन्द्र नाथ महतो ने जांच के दायरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस को गहनता से जांच करनी चाहिए कि घटना में केवल एक व्यक्ति शामिल है या अन्य लोगों की भी संलिप्तता है। उन्होंने जोर दिया कि जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल होनी चाहिए, ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में किसी भी आरोपी को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए और जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़नी चाहिए।
इसे भी पढ़ें : Baharagoda : एनएच-18 पर दर्दनाक हादसा: स्कूटी डिवाइडर से टकराई, ट्रक चालक की मौत
प्रशासन ने आरोपियों की गिरफ्तारी की दी जानकारी, नामों की घोषणा का इंतजार
ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने, सभी आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। देवेन्द्र नाथ महतो ने यह भी कहा कि जांच में निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, ताकि कोई दोषी बचने न पाए और किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत तरीके से न फंसाया जाए। इसके साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोष सिद्ध होने पर कानून के तहत कठोरतम सजा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन को पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, आरोपियों के नामों की आधिकारिक घोषणा को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है।
इसे भी पढ़ें : Chandil : चांडिल डकैती कांड का खुलासा: दो और आरोपी गिरफ्तार, 24 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग
फिलहाल, मारदू गांव में स्थिति आरोपियों की पहचान सार्वजनिक किए जाने और अंतिम संस्कार को लेकर बनी हुई है। ग्रामीण प्रशासन की ओर से घोषित किए गए अगले दिन के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में सभी आरोपियों के नाम सार्वजनिक करना, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना, किसी भी दोषी को बचने नहीं देना, निर्दोष को नहीं फंसाना और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराना शामिल है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अब आगे की कार्रवाई और पुलिस की आधिकारिक जानकारी पर सभी की नजरें टिकी हैं।






















