- जंगलमहल स्वराज मोर्चा के ज्ञापन के बाद विश्वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेजों को जारी किया नोटिस
- कुड़माली भाषा-संस्कृति के संरक्षण की दिशा में अहम कदम
जेबी लाइव, रिपोर्टर
झारग्राम : विद्यासागर यूनिवर्सिटी ने अपने संबद्ध कॉलेजों में कुड़माली भाषा एवं साहित्य में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में पहल करते हुए एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार 25 फरवरी 2026 को जंगलमहल स्वराज मोर्चा (जेएसएम) ने विश्वविद्यालय के कुलपति को ई-मेल के माध्यम से एक औपचारिक ज्ञापन भेजकर वर्ष 2026 से कुड़माली भाषा में यूजी और पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग की थी। विशेष रूप से विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले कुड़मी और कुड़माली बहुल क्षेत्रों के कॉलेजों में इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने पर जोर दिया गया था। ज्ञापन में कहा गया था कि कुड़माली भाषा को पश्चिम बंगाल की आधिकारिक भाषा संशोधन अधिनियम, 2018 के तहत मान्यता प्राप्त है, लेकिन इसके बावजूद कुड़माली भाषी छात्रों को अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल पा रहा था।
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मातृभाषा में उच्च शिक्षा की मांग को मिला समर्थन
इस प्रतिनिधित्व के बाद विश्वविद्यालय के इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेजेस कार्यालय ने 5 मार्च 2026 को एक नोटिस जारी कर कई संबद्ध कॉलेजों से अनुरोध किया है कि वे नियमों के अनुसार 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कुड़माली भाषा में यूजी और पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। इस पहल का स्वागत करते हुए जेएसएम के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने कहा कि यह नोटिस संगठन के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही कुड़माली भाषा विभागों की स्थापना, योग्य शिक्षकों की नियुक्ति और आवश्यक शैक्षणिक ढांचे के विकास की प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि छात्र इसी शैक्षणिक सत्र से अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन क्षेत्र में मातृभाषा आधारित शिक्षा, भाषाई अधिकारों और कुड़माली भाषा-संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे भी लगातार प्रयास करता रहेगा।






















