चारों खदानों के मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक में प्रबंधन की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : सेल की किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया खदानों के सभी मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले मेघाहातुबुरु सामुदायिक भवन स्थित ओपन थिएटर प्रांगण में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य मुद्दा सेल प्रबंधन द्वारा बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू करने की तैयारी रहा, जिसका सभी संगठनों ने एक स्वर में विरोध किया। यूनियन प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से नहीं, बल्कि उसे लागू करने की प्रक्रिया से है। नेताओं का कहना था कि जब तक Certifying Officer द्वारा नई उपस्थिति प्रणाली का विधिवत प्रमाणन नहीं किया जाता, तब तक इसे लागू करना श्रम कानूनों और निर्धारित सेवा शर्तों के विपरीत होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी की सेवा शर्तों में बदलाव कानूनी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद ही किया जा सकता है।
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श्रम कानूनों के उल्लंघन का लगाया आरोप
बैठक में मौजूद नेताओं ने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए कर्मचारियों पर नई व्यवस्था थोपने का प्रयास कर रहा है। संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यदि बायोमेट्रिक हाजिरी के नाम पर सेवा शर्तों में बदलाव को बिना कानूनी प्रक्रिया के स्वीकार कर लिया गया, तो भविष्य में कर्मचारियों के अन्य अधिकार भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इसे केवल उपस्थिति प्रणाली का मामला नहीं बल्कि मजदूरों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा से जुड़ा विषय बताया। नेताओं ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले को लेकर न्यायालय में वाद विचाराधीन है। ऐसे में अदालत का अंतिम निर्णय आने तक प्रबंधन को कोई भी एकतरफा निर्णय लागू नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय जो भी फैसला देगा, सभी यूनियन और कर्मचारी उसका सम्मान करेंगे, लेकिन उससे पहले किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
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चारों खदानों में संयुक्त आंदोलन की तैयारी
संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि बिना Certifying Officer के प्रमाणन के बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू करने का प्रयास किया गया, तो किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया की चारों खदानों में एक साथ उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को धरना-प्रदर्शन से आगे बढ़ाते हुए उत्पादन प्रभावित करने तथा खदानों के संचालन को बाधित करने जैसी रणनीति भी अपनाई जा सकती है। बैठक में सभी मजदूर संगठनों ने एकजुटता का परिचय देते हुए कहा कि मजदूरों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। संयुक्त मोर्चा का कहना था कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह प्रबंधन ही क्यों न हो। मजदूरों के अधिकारों को प्रभावित करने वाली हर कार्रवाई का लोकतांत्रिक और संगठित तरीके से विरोध किया जाएगा तथा श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
























