जिला स्तरीय समिति के समन्वय से जनहितकारी योजनाओं को गति देने पर हुई विस्तृत चर्चा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) संबंधी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) तथा जिले में कार्यरत विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के दौरान सीएसआर गतिविधियों के बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। विषय प्रवेश कराते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि कई कंपनियां अपने स्तर पर सीएसआर कार्य संचालित कर रही हैं, लेकिन उनकी जानकारी जिला स्तरीय समिति तक नहीं पहुंच पाती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति के अनुमोदन के बाद ही सीएसआर गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए।
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जिला प्रशासन को गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर
बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक यूसीआईएल, एचसीएल और बैंक ऑफ इंडिया द्वारा ही सीएसआर मद में राशि उपलब्ध कराई गई है अथवा प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन प्राप्त किया गया है। उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कंपनियों द्वारा किए जा रहे कार्यों में बेहतर तालमेल स्थापित करना, योजनाओं के दोहराव को रोकना और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड का उपयोग ऐसे क्षेत्रों में किया जाना चाहिए, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता हो, ताकि समाज के अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए सभी कंपनियों को जिला प्रशासन के साथ नियमित संवाद और समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता है।
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एक सप्ताह में रिपोर्ट और नई कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी कंपनी प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे विगत वित्तीय वर्ष के दौरान संचालित सभी सीएसआर गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित सीएसआर गतिविधियों की कार्ययोजना भी जिला स्तरीय समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में पारदर्शिता तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
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शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े प्रस्तावों पर मांगा सहयोग
बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने जिले की विभिन्न प्राथमिक आवश्यकताओं और क्रिटिकल गैप की जानकारी साझा करते हुए कंपनियों से सहयोग का आग्रह किया। प्रशासन की ओर से बालिका आवासीय विद्यालयों में सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर मशीन लगाने, स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में वाटर एटीएम की व्यवस्था, मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण, सबर टोला क्षेत्रों के समग्र विकास, मुक्ति वाहन उपलब्ध कराने, विद्यालयों के लिए बेंच-डेस्क, दिव्यांगजनों हेतु इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल, आवासीय विद्यालयों में खेल सुविधाओं के विकास तथा समाहरणालय परिसर में दीदी कैफे के लिए आधारभूत संरचना निर्माण जैसे जनहितकारी प्रस्ताव रखे गए। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सीएसआर गतिविधियों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनकल्याणकारी बनाने का आश्वासन दिया।























