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Jadugoda : जेएलकेएम बैठक में आसनवनी कॉलेज को डिग्री कॉलेज बनाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

  • जादूगोड़ा में जिला और प्रदेश कमेटी का जमावड़ा, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जादूगोड़ा : जादूगोड़ा स्थित कारगिल चौक पर सोमवार को जेएलकेएम की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्वी सिंहभूम जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक की नवगठित कमेटी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में संगठन के अनुसूचित जनजाति केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष भागीरथी हांसदा ने क्षेत्र की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आसनवनी कॉलेज को डिग्री कॉलेज का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने आसनवनी उप स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डॉक्टर की पदस्थापना, एम्बुलेंस की उपलब्धता और पर्याप्त दवा सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन बुनियादी मांगों पर जल्द पहल नहीं करती है तो जेएलकेएम क्षेत्र में व्यापक जनजागरण और जन आंदोलन अभियान चलाने को बाध्य होगी, ताकि ग्रामीणों को उनकी मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।

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जमीन वापसी के मुद्दे पर भी आंदोलन की तैयारी

बैठक को संबोधित करते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला महासचिव बिमल महतो ने जिंदल स्टील कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि करीब 12 वर्ष पूर्व उद्योग स्थापना के नाम पर किसानों और रैयतों से जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन आज तक उद्योग स्थापित नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा सैकड़ों एकड़ जमीन लेने के बावजूद स्थानीय लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। बिमल महतो ने कहा कि जमीन वापसी को लेकर उनकी पार्टी जल्द ही जोरदार आंदोलन शुरू करेगी। बैठक के दौरान जिला और प्रदेश स्तर की नई कमेटी के पदाधिकारियों का स्थानीय नेताओं द्वारा माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में उत्तम प्रामाणिक, फूलचांद मुर्मू, तपोदयुदी मंडल, रतन चंद्र महतो, भागीरथी हांसदा, जालिम मार्डी, तरुण महतो, शैलेंद्र महतो, बिमल महतो, शंकर भक्त समेत जिला और प्रदेश कमेटी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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Jamshedpur : आरटीई नामांकन में अनियमितता का आरोप, युवा जदयू ने उपायुक्त को सौंपा शिकायत पत्र

गरीब छात्रों के लिए आरक्षित सीटों पर संपन्न परिवारों के बच्चों के नामांकन का आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग

  • गरीब छात्रों के लिए आरक्षित सीटों पर संपन्न परिवारों के बच्चों के नामांकन का आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर कथित अनियमितताओं को लेकर युवा जदयू ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जिले में आरटीई के तहत आरक्षित लगभग 2300 सीटों पर पात्र गरीब छात्रों के बजाय संपन्न परिवारों के बच्चों का नामांकन कराया जा रहा है। संगठन का दावा है कि शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी, जो लंबे समय से एक ही जिले और एक ही कार्य से जुड़े हुए हैं, इस प्रक्रिया में संलिप्त हो सकते हैं। युवा जदयू ने कहा कि यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो गरीब और जरूरतमंद बच्चों के अधिकारों का हनन जारी रहेगा।

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पहली और दूसरी लॉटरी प्रक्रिया पर उठाए सवाल

ज्ञापन में आरटीई नामांकन प्रक्रिया के कई बिंदुओं पर सवाल खड़े किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रथम लॉटरी में कई विद्यालयों की आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों को पूरी तरह नहीं भरा गया, जिसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही आरोप लगाया गया कि पहली सूची जारी होने के बाद खाली सीटों के अनुरूप दूसरी सूची तैयार करने के बजाय विभाग द्वारा अभिभावकों को पुनः विद्यालय चयन का विकल्प दिया गया, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ गई और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हुई। संगठन के अनुसार यदि किसी विद्यालय में पहली लॉटरी के बाद केवल तीन सीटें खाली थीं, तो दूसरी प्रक्रिया में उन्हीं सीटों के लिए पात्र छात्रों का चयन होना चाहिए था, लेकिन नए आवेदनों के कारण उम्मीदवारों की संख्या बढ़ गई। इससे चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं और कथित रूप से कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने की आशंका व्यक्त की गई है।

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आय प्रमाण पत्र और ऑनलाइन पोर्टल को लेकर भी आपत्ति

युवा जदयू ने यह भी आरोप लगाया है कि आरटीई नामांकन में उपयोग किए गए आय प्रमाण पत्रों की सत्यता पर भी सवाल हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि अंचल कार्यालय स्तर पर आय प्रमाण पत्रों का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया, तो 72 हजार रुपये वार्षिक आय सीमा वाले प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी किए गए, इसकी जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा संगठन ने दावा किया कि द्वितीय लॉटरी से पहले ऑनलाइन पोर्टल पर जिन विद्यालयों के नाम उपलब्ध नहीं थे, उनमें भी कथित रूप से नामांकन कराया गया। इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग करते हुए संबंधित कर्मियों को हटाने और निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है।

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कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन और जनहित याचिका की चेतावनी

युवा जदयू नेता हेमंत पाठक ने कहा कि चाहे नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, दोनों ही परिस्थितियों में पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वर्ष की लॉटरी प्रक्रिया में कई ऐसी विसंगतियां सामने आई हैं, जो जांच की मांग करती हैं। संगठन ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भी कई जानकारियां मांगी हैं और दावा किया है कि उनके पास अनियमितताओं से जुड़े कई दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं। हेमंत पाठक ने मांग की कि इस वर्ष की लॉटरी प्रक्रिया को निरस्त कर नई प्रक्रिया के तहत पुनः लॉटरी कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि पांच दिनों के भीतर जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जाती है तो शिक्षा विभाग के कार्यालय के बाहर आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने के लिए कानूनी सलाह भी ली जा रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान राहुल गुप्ता, मंटु सतुआ, जय प्रकाश साव, शुभम मिश्रा, हैप्पी कुमार, रितेश पांडेय समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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जिला स्तरीय समिति के समन्वय से जनहितकारी योजनाओं को गति देने पर हुई विस्तृत चर्चा जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर :

  • जिला स्तरीय समिति के समन्वय से जनहितकारी योजनाओं को गति देने पर हुई विस्तृत चर्चा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) संबंधी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) तथा जिले में कार्यरत विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के दौरान सीएसआर गतिविधियों के बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। विषय प्रवेश कराते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि कई कंपनियां अपने स्तर पर सीएसआर कार्य संचालित कर रही हैं, लेकिन उनकी जानकारी जिला स्तरीय समिति तक नहीं पहुंच पाती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति के अनुमोदन के बाद ही सीएसआर गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए।

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जिला प्रशासन को गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर

बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक यूसीआईएल, एचसीएल और बैंक ऑफ इंडिया द्वारा ही सीएसआर मद में राशि उपलब्ध कराई गई है अथवा प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन प्राप्त किया गया है। उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कंपनियों द्वारा किए जा रहे कार्यों में बेहतर तालमेल स्थापित करना, योजनाओं के दोहराव को रोकना और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड का उपयोग ऐसे क्षेत्रों में किया जाना चाहिए, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता हो, ताकि समाज के अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। इसके लिए सभी कंपनियों को जिला प्रशासन के साथ नियमित संवाद और समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता है।

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एक सप्ताह में रिपोर्ट और नई कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश

उपायुक्त ने सभी कंपनी प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे विगत वित्तीय वर्ष के दौरान संचालित सभी सीएसआर गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित सीएसआर गतिविधियों की कार्ययोजना भी जिला स्तरीय समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में पारदर्शिता तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

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शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े प्रस्तावों पर मांगा सहयोग

बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने जिले की विभिन्न प्राथमिक आवश्यकताओं और क्रिटिकल गैप की जानकारी साझा करते हुए कंपनियों से सहयोग का आग्रह किया। प्रशासन की ओर से बालिका आवासीय विद्यालयों में सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर मशीन लगाने, स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में वाटर एटीएम की व्यवस्था, मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण, सबर टोला क्षेत्रों के समग्र विकास, मुक्ति वाहन उपलब्ध कराने, विद्यालयों के लिए बेंच-डेस्क, दिव्यांगजनों हेतु इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल, आवासीय विद्यालयों में खेल सुविधाओं के विकास तथा समाहरणालय परिसर में दीदी कैफे के लिए आधारभूत संरचना निर्माण जैसे जनहितकारी प्रस्ताव रखे गए। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सीएसआर गतिविधियों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनकल्याणकारी बनाने का आश्वासन दिया।

Gua : बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने के खिलाफ संयुक्त मोर्चा का विरोध, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

चारों खदानों के मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक में प्रबंधन की प्रक्रिया पर उठाए सवाल जेबी लाइव, रिपोर्टर गुवा :

  • चारों खदानों के मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक में प्रबंधन की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : सेल की किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया खदानों के सभी मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले मेघाहातुबुरु सामुदायिक भवन स्थित ओपन थिएटर प्रांगण में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य मुद्दा सेल प्रबंधन द्वारा बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू करने की तैयारी रहा, जिसका सभी संगठनों ने एक स्वर में विरोध किया। यूनियन प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से नहीं, बल्कि उसे लागू करने की प्रक्रिया से है। नेताओं का कहना था कि जब तक Certifying Officer द्वारा नई उपस्थिति प्रणाली का विधिवत प्रमाणन नहीं किया जाता, तब तक इसे लागू करना श्रम कानूनों और निर्धारित सेवा शर्तों के विपरीत होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी की सेवा शर्तों में बदलाव कानूनी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद ही किया जा सकता है।

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श्रम कानूनों के उल्लंघन का लगाया आरोप

बैठक में मौजूद नेताओं ने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए कर्मचारियों पर नई व्यवस्था थोपने का प्रयास कर रहा है। संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यदि बायोमेट्रिक हाजिरी के नाम पर सेवा शर्तों में बदलाव को बिना कानूनी प्रक्रिया के स्वीकार कर लिया गया, तो भविष्य में कर्मचारियों के अन्य अधिकार भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इसे केवल उपस्थिति प्रणाली का मामला नहीं बल्कि मजदूरों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा से जुड़ा विषय बताया। नेताओं ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले को लेकर न्यायालय में वाद विचाराधीन है। ऐसे में अदालत का अंतिम निर्णय आने तक प्रबंधन को कोई भी एकतरफा निर्णय लागू नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय जो भी फैसला देगा, सभी यूनियन और कर्मचारी उसका सम्मान करेंगे, लेकिन उससे पहले किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

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चारों खदानों में संयुक्त आंदोलन की तैयारी

संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि बिना Certifying Officer के प्रमाणन के बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू करने का प्रयास किया गया, तो किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिड़िया की चारों खदानों में एक साथ उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को धरना-प्रदर्शन से आगे बढ़ाते हुए उत्पादन प्रभावित करने तथा खदानों के संचालन को बाधित करने जैसी रणनीति भी अपनाई जा सकती है। बैठक में सभी मजदूर संगठनों ने एकजुटता का परिचय देते हुए कहा कि मजदूरों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। संयुक्त मोर्चा का कहना था कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह प्रबंधन ही क्यों न हो। मजदूरों के अधिकारों को प्रभावित करने वाली हर कार्रवाई का लोकतांत्रिक और संगठित तरीके से विरोध किया जाएगा तथा श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

Baharagoda : बहरागोड़ा के कई गांवों में श्रद्धा के साथ मनाया गया स्नान पूर्णिमा महोत्सव, गजानन वेश में भगवान के दर्शन

जगन्नाथ मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ जेबी लाइव, रिपोर्टर बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के

  • जगन्नाथ मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के खामार, लाऊडोंका, मानुषमुड़िया, पांचरूलिया, पारुलिया, मौदा तथा बाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर समेत कई गांवों में सोमवार को देव स्नान पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समितियों के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सुबह से ही धार्मिक वातावरण बना रहा। पुजारी तपन त्रिपाठी एवं सौरभ मिश्रा के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विभिन्न अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के विग्रहों को गर्भगृह से बाहर लाकर भक्तों के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था की गई। वर्ष में केवल एक बार मिलने वाले इस दुर्लभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान को चंदन, पुष्प, तुलसी पत्र और सुवासित तेल अर्पित कर पवित्र सुगंधित जल से स्नान कराया।

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गजानन वेश के दर्शन को मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

शाम होते ही मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा, जब भगवान जगन्नाथ ने अलौकिक ‘गजानन वेश’ धारण कर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। भगवान के हाथी स्वरूप के दर्शन के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिरों में उमड़ पड़ी। भक्तों ने भजन-कीर्तन, आरती और जयघोष के बीच भगवान से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। पूरे आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में तपन साहू, असीस मिश्रा, अनिल साहू, पागलु साहू, तरुण साहू, सुजीत गिरी, नीलेश दास तथा अर्जुन महंती सहित मंदिर समिति के सदस्यों और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महोत्सव के दौरान क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।

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विधायक के निर्देश पर आपातकालीन मरम्मत कार्य पूरा, सड़क मार्ग फिर से हुआ सुगम जेबी लाइव, रिपोर्टर दामपाड़ा : दामपाड़ा/बरड़ीह

  • विधायक के निर्देश पर आपातकालीन मरम्मत कार्य पूरा, सड़क मार्ग फिर से हुआ सुगम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

दामपाड़ा : दामपाड़ा/बरड़ीह क्षेत्र में बल्लम और बरड़ीह के मेन रोड के बीच स्थित टूटे पुल की आपातकालीन मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन के निर्देश पर प्रशासन और संबंधित विभाग की पहल से पुल पर ह्यूम पाइप लगाए गए, जिससे लंबे समय से प्रभावित आवागमन फिर से सुचारू हो गया है। मरम्मत कार्य के दौरान बुलडोजर की सहायता से सड़क को समतल और सुरक्षित बनाया गया, ताकि वाहनों एवं ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब ह्यूम पाइप बिछाए जाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है। ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई को जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए राहत की सांस ली है।

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ग्रामीणों ने विधायक के प्रयासों की सराहना की

पुल पर ह्यूम पाइप लगाने का कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीणों ने घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर की गई इस व्यवस्था से न केवल आवागमन बहाल हुआ है, बल्कि क्षेत्र के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि द्वारा लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देकर समाधान करना सराहनीय पहल है। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने विधायक के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसे जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया। इस अवसर पर पूर्व जिला सदस्य बलराम मांडी, युवा दामपाड़ा प्रभारी अनंत विजय सोरेन, डोमन मुर्मू समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का इसी तरह त्वरित समाधान किया जाएगा।

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मानसिक रूप से अस्वस्थ सरस्वती तमाड़िया सुबह घर से निकलीं, देर शाम तक नहीं लौटीं जेबी लाइव, रिपोर्टर जमशेदपुर :

  • मानसिक रूप से अस्वस्थ सरस्वती तमाड़िया सुबह घर से निकलीं, देर शाम तक नहीं लौटीं

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र की रहने वाली 71 वर्षीय सरस्वती तमाड़िया रविवार सुबह से लापता हैं। परिजनों के अनुसार वह रोज की तरह सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच टहलने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। बताया गया है कि सरस्वती तमाड़िया मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, जिसके कारण आशंका जताई जा रही है कि वह रास्ता भटक गई हों। लापता होने के समय उन्होंने भूरे रंग की मैक्सी पहन रखी थी। परिवार के लोगों ने आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।

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मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस से मदद की अपील

सरस्वती तमाड़िया के पुत्र अलंकार तमाड़िया ने बताया कि मां की तलाश के लिए रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के क्षेत्रों में खोज की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सोनारी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से खोजबीन तेज करने का अनुरोध किया है। परिवार ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को सरस्वती तमाड़िया के संबंध में कोई जानकारी मिले या वे कहीं दिखाई दें, तो तत्काल मोबाइल नंबर 7484913848 पर सूचना देने का आग्रह किया गया है। परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में लोगों से मदद मांग रहा है।

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