वारंग क्षिति लिपि के अन्वेषक को याद कर वक्ताओं ने हो भाषा के संवर्धन पर दिया जोर
जेबी लाइव, रिपोर्टर
चाईबासा : चाईबासा के कला संस्कृति भवन, हरीगुटू में वारंग क्षिति लिपि के अन्वेषक एवं हो समाज के महान चिंतक ओत गुरु कोल लको बोदरा की 40वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाज के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण में ओत गुरु के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उपन्यासकार तिलक बारी ने कहा कि कोल लको बोदरा ने हो समाज को उसकी अपनी लिपि देकर सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने समाज के लोगों से लेखन, साहित्य सृजन और भाषा विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया, ताकि हो भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने का सपना साकार हो सके।
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युवाओं से भाषा और लिपि को आगे बढ़ाने की अपील
सभा को संबोधित करते हुए युवा महासभा के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष भूषण पिंगुवा ने कहा कि हो भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी मातृभाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति जागरूक रहने तथा वारंग क्षिति लिपि को व्यवहारिक जीवन में अपनाने का आग्रह किया। वक्ताओं ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की पहचान और विरासत का आधार होती है। इसलिए नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी भाषा संरक्षण और उसके प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयास करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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107वीं जयंती पर आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा
युवा महासभा के पूर्व अध्यक्ष बीर सिंह बुड़ीउली ने श्रद्धांजलि सभा के दौरान घोषणा की कि ओत गुरु कोल लको बोदरा की 107वीं जयंती के अवसर पर चाईबासा शहर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने समाज के लोगों से तन, मन और धन से सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषा और लिपि की विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष सेवानिवृत्त संगठन के.सी. बुड़ीउली, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र पूर्ति, जय सिंह कुंटिया, बागुन बोदरा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सभा का संचालन जिला अध्यक्ष गंगाराम बिरुवा उर्फ शेर सिंह बिरुवा ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, साहित्यकार और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।























