बिष्टुपुर गुरुद्वारा में आयोजित कार्यक्रम में जुटे समाज के गणमान्य लोग
सीजीपीसी ने भाई मोहन सिंह को किया सम्मानित
श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई पुण्यतिथि
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : जमशेदपुर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रमुख उद्योगपति स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया की तीसरी पुण्यतिथि रविवार को बिष्टुपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके पुत्र दयाल बिल्डर्स के चेयरमैन सुरेंद्र पाल सिंह टीटू, पोत्र साहिब सिंह तथा परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया को श्रद्धांजलि अर्पित की। सिख पंथ के प्रख्यात कीर्तनकार भाई गुरविंदर सिंह रुद्रपुर वाले ने गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया और दिवंगत आत्मा की स्मृति में अरदास की गई। कार्यक्रम में विधायक मंगल कालिंदी, पटना साहिब के महासचिव इंद्रजीत सिंह, पूर्व विधायक कुणाल सारंगी, सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह, पूर्व डिप्टी मेयर बॉबी सिंह तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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सामाजिक सौहार्द और शिक्षा के क्षेत्र में रहा उल्लेखनीय योगदान
वक्ताओं ने स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया के जीवन और उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल एक सफल उद्योगपति ही नहीं, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी एक मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संरक्षक, स्टेशन रोड गुरुद्वारा एवं गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा से जुड़े विभिन्न दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इसके अलावा वे जुगसलाई थाना शांति समिति के अध्यक्ष तथा सेंट्रल शांति समिति के सक्रिय सदस्य भी रहे। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1984 के दंगों के दौरान विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा परिसर में स्थापित जीआरडी इंग्लिश स्कूल के शुरुआती विकास में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा, जिसका लाभ आज सभी समुदायों के विद्यार्थी उठा रहे हैं।
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हर संकट में समाज को जोड़ने का किया प्रयास
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय गुरदयाल सिंह का व्यक्तित्व अत्यंत प्रभावशाली और सर्वमान्य था। किसी भी सामाजिक विवाद या तनावपूर्ण स्थिति में उनकी उपस्थिति समाधान का मार्ग प्रशस्त करती थी। वक्ताओं ने बताया कि रामनवमी और मोहर्रम जैसे आयोजनों में वे हमेशा बढ़-चढ़कर सहयोग करते थे। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद जब क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना था, तब उन्होंने विभिन्न समुदायों के लोगों के बीच संवाद स्थापित कर शांति और भाईचारे का वातावरण बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए भी वे सदैव तत्पर रहते थे। उनके जीवन से समाजसेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा मिलती है।
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सीजीपीसी ने भाई मोहन सिंह को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) की ओर से स्वर्गीय गुरदयाल सिंह भाटिया के परिवार द्वारा समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। इस अवसर पर उनके भाई सरदार मोहन सिंह, पुत्र सुरेंद्र पाल सिंह टीटू तथा पोत्र साहिब सिंह को दीन-दुखियों की सेवा और सामाजिक योगदान के लिए शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सीजीपीसी चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, वाइस चेयरमैन गुरमीत सिंह एवं हरदीप सिंह दीप, वरीय उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह, धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन रामकृष्ण सिंह, स्टेशन रोड गुरुद्वारा प्रधान महेंद्र पाल सिंह, केंद्रीय सिख स्त्री सभा की चेयरमैन कमलजीत कौर सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, धार्मिक प्रतिनिधि और संगत उपस्थित रही। कार्यक्रम का समापन अरदास और गुरु का लंगर वितरण के साथ हुआ।
























