Share

Gua : डांस नाइट-3 प्रतियोगिता में जमशेदपुर के मुसाफिर बने विजेता, मोनू स्वासी रहे दूसरे स्थान पर

  • कारोकुंज-1 में दुर्गा पूजा पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में ओडिशा के एक्स-2 ब्रदर्स ने हासिल किया तीसरा स्थान
  • विजेताओं और कलाकारों को किया गया सम्मानित
  • कारोकुंज-1 में सांस्कृतिक आयोजन से दुर्गा पूजा का उत्साह हुआ दोगुना

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : दुर्गा पूजा के अवसर पर कारोकुंज-1 में आयोजित डांस नाइट-3 प्रतियोगिता में कलाकारों ने अपनी शानदार नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी कला, हुनर और नृत्य कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को लेकर दर्शकों और प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता में जमशेदपुर के मुसाफिर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, जमशेदपुर के मोनू स्वासी दूसरे स्थान पर रहे। ओडिशा के जोड़ा से आए एक्स-2 ब्रदर्स ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सूरज गोप चौथे और चिंग पांचवें स्थान पर रहे।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : बहरागोड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, विसर्जन शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

डांस नाइट-3 में कलाकारों ने बिखेरा जलवा, दर्शकों ने उठाया सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुतियां देने वाले कलाकारों को भी सम्मान देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देना और प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की प्रस्तुतियों को दर्शकों की सराहना मिली।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : हो समाज की परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में दियुरियों की भूमिका अहम

विजेता प्रतिभागियों और कलाकारों को सम्मानित कर बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम के सफल आयोजन में अध्यक्ष कुंभकरण सामड और सचिव मित्रों दास की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन के माध्यम से कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। विजेताओं और अन्य कलाकारों को सम्मानित किए जाने से उनमें खुशी देखी गई। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दुर्गा पूजा के उत्साह को और बढ़ाया तथा क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों की पहल से स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला और दर्शकों को मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने का मौका मिला।

Leave a Comment

Jamshedpur : जमशेदपुर में नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई, सुवर्णरेखा घाट पर सुरक्षा में तैनात रहे सिविल डिफेंस और एनडीआरएफ

ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच निकली विसर्जन शोभायात्रा मानगो सुवर्णरेखा घाट पर करीब 250 प्रतिमाओं के विसर्जन का अनुमान सुवर्णरेखा

  • ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच निकली विसर्जन शोभायात्रा
  • मानगो सुवर्णरेखा घाट पर करीब 250 प्रतिमाओं के विसर्जन का अनुमान
  • सुवर्णरेखा घाट पर 250 प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर में शारदीय नवरात्र के समापन और विजयादशमी के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन हर्षोल्लास और नम आंखों के बीच संपन्न हुआ। शहर के विभिन्न पूजा पंडालों और ग्रामीण इलाकों में बंगाली एवं स्थानीय परंपराओं के अनुसार महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ की रस्म निभाई और मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। शाम होते ही ढोल-ताशों और पारंपरिक ढाक की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे और जयकारों के साथ भव्य विसर्जन शोभायात्राएं निकालीं। इन यात्राओं में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नृत्य करते हुए मां दुर्गा के जयकारे लगाए। इसके बाद मानगो सुवर्णरेखा नदी घाट, डिमना लेक, सोनारी घाट, कदमा घाट, खरकई नदी घाट, बाड़ बांध सहित विभिन्न जलाशयों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

इसे भी पढ़ें : Gua : रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी का आरोप, श्रमिकों ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

जमशेदपुर में सिंदूर खेला के बाद निकलीं भव्य विसर्जन शोभायात्राएं

प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए। विभिन्न नदी घाटों और प्रमुख चौक-चौराहों पर सिविल डिफेंस तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें गोताखोरों के साथ तैनात रहीं। प्रशासन का उद्देश्य विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इसके अलावा दुर्गा पूजा सेंट्रल कमेटी, जुस्को, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी), मानगो नगर निगम और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने और विसर्जन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए संबंधित टीमों ने सहयोग किया।

इसे भी पढ़ें : Adityapur : आदित्यपुर में फास्ट फूड ठेले पर विवाद के बाद खूनी मारपीट, मानगो के युवक शेखर की मौत

प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाटों पर तैनात रहे गोताखोर और सुरक्षा दल

इस अवसर पर सिटी एसपी ललित मीना ने बताया कि मानगो स्थित सुवर्णरेखा नदी घाट पर लगभग 250 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई देते हुए परिवार और समाज की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना की। साथ ही अगले वर्ष मां के पुनः आगमन की प्रार्थना की। धार्मिक उत्साह, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच लौहनगरी में दुर्गोत्सव का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ।

Gua : रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी का आरोप, श्रमिकों ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

बड़ाजामदा गुड्स शेड के मजदूरों ने यूनियन पदाधिकारियों पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप निष्पक्ष जांच के साथ सीबीआई जांच और

  • बड़ाजामदा गुड्स शेड के मजदूरों ने यूनियन पदाधिकारियों पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
  • निष्पक्ष जांच के साथ सीबीआई जांच और राशि वापसी की मांग
  • बड़ाजामदा पुलिस ने शुरू की जांच, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा रेलवे गुड्स शेड में काम करने वाले श्रमिकों ने भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक यूनियन से जुड़े कुछ पदाधिकारियों पर रेलवे में स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 20 लाख रुपये की कथित ठगी करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में श्रमिकों ने 8 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक, चाईबासा के नाम शिकायत-पत्र तैयार कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। श्रमिकों का आरोप है कि वर्ष 2025 में यूनियन के स्थानीय प्रतिनिधि मनोज बेहरा और चंदन वाजपेयी ने रेलवे में स्थायी नौकरी दिलाने के साथ अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। कुछ श्रमिकों को रेलवे गुड्स शेड में सरदार और मुंशी के पद पर नियुक्त कराने का आश्वासन भी दिया गया था।

इसे भी पढ़ें : Adityapur : आदित्यपुर में फास्ट फूड ठेले पर विवाद के बाद खूनी मारपीट, मानगो के युवक शेखर की मौत

रेलवे में नौकरी का झांसा देकर लाखों की वसूली का आरोप

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कथित नियुक्ति-पत्र दिलाने और नौकरी की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर अलग-अलग चरणों में श्रमिकों से करीब 20 लाख रुपये लिए गए। हालांकि, निर्धारित आश्वासन पूरे नहीं होने पर श्रमिकों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराने की मांग की। श्रमिकों ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व में बताए जा रहे परिमल कांति मंडल और काशीनाथ गायन की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है। उनका दावा है कि संगठन के खिलाफ अन्य राज्यों में भी शिकायतें सामने आई हैं। शिकायत में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के समक्ष शिकायत किए जाने तथा प्राथमिकी दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसे भी पढ़ें : Gua : डांस नाइट-3 प्रतियोगिता में जमशेदपुर के मुसाफिर बने विजेता, मोनू स्वासी रहे दूसरे स्थान पर

यूनियन के स्थानीय प्रतिनिधियों की भूमिका की जांच की मांग

श्रमिकों ने सवाल उठाया है कि यदि मजदूरों से दो-दो लाख रुपये लेकर रेलवे में बहाली कराने का दावा किया जा रहा है, तो इसके लिए सरकार की ओर से कौन-सा आधिकारिक आदेश या कानूनी प्रावधान जारी किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने, कथित रूप से वसूली गई राशि वापस दिलाने और अन्य श्रमिकों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। शिकायत करने वालों में दिलीप लकड़ा, घासिया राम बेहरा, सोनी लकड़ा, सुगंधी पिंगुआ, सुकरमनी गौरी सहित अन्य श्रमिक शामिल हैं। श्रमिकों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने से कथित धोखाधड़ी के वास्तविक तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : बहरागोड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, विसर्जन शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

सीबीआई जांच और कथित वसूली गई रकम वापस दिलाने की मांग

इस मामले में करीब दस दिन पहले बड़ाजामदा थाने में भी मजदूरों की ओर से लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। बड़ाजामदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आरोपों की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। श्रमिकों ने पुलिस प्रशासन से जल्द जांच पूरी कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में दूसरे मजदूर नौकरी के नाम पर कथित ठगी का शिकार न हों।

Adityapur : आदित्यपुर में फास्ट फूड ठेले पर विवाद के बाद खूनी मारपीट, मानगो के युवक शेखर की मौत

जियाडा सर्विस लेन में बुधवार रात करीब 12:30 बजे हुई घटना एक अन्य युवक की हालत गंभीर, पुलिस ने शुरू

  • जियाडा सर्विस लेन में बुधवार रात करीब 12:30 बजे हुई घटना
  • एक अन्य युवक की हालत गंभीर, पुलिस ने शुरू की जांच
  • शेखर की मौत के बाद पुलिस खंगाल रही विवाद की वजह और घटनाक्रम

जेबी लाइव, रिपोर्टर

आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जियाडा सर्विस लेन में बुधवार की रात फास्ट फूड ठेले पर हुआ विवाद हिंसक मारपीट में बदल गया। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। मृतक की पहचान शेखर के रूप में हुई है, जो जमशेदपुर के मानगो का रहने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 12:30 बजे फास्ट फूड ठेले पर कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। घटना में कई युवकों के घायल होने की सूचना है। घायलों को तत्काल इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने शेखर को मृत घोषित कर दिया।

इसे भी पढ़ें : Gua : डांस नाइट-3 प्रतियोगिता में जमशेदपुर के मुसाफिर बने विजेता, मोनू स्वासी रहे दूसरे स्थान पर

आदित्यपुर में देर रात मारपीट, एक युवक की मौत और दूसरा गंभीर

घटना की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस घायलों से संबंधित जानकारी लेने के लिए अस्पताल भी पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों और विवाद के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में हलचल का माहौल रहा। हालांकि, मारपीट में शामिल युवकों की संख्या और घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए किसी हथियार के संबंध में फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : बहरागोड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, विसर्जन शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

घटनास्थल पर पहुंचे थाना प्रभारी और एसडीपीओ, जांच शुरू

एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने बताया कि आपसी विवाद के कारण मारपीट हुई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल विवाद की वास्तविक वजह, घटना में शामिल लोगों की भूमिका और घायलों की कुल संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

Baharagoda : बहरागोड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, विसर्जन शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

सिंदूर खेला के बाद ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा सुवर्णरेखा नदी समेत विभिन्न जलाशयों में हुआ प्रतिमा विसर्जन

  • सिंदूर खेला के बाद ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा
  • सुवर्णरेखा नदी समेत विभिन्न जलाशयों में हुआ प्रतिमा विसर्जन
  • सुवर्णरेखा नदी और जलाशयों में हुआ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन

जेबी लाइव, रिपोर्टर

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में शारदीय नवरात्र के समापन और विजयादशमी के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन हर्षोल्लास और नम आंखों के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। विभिन्न पूजा पंडालों और ग्रामीण इलाकों में बंगाली एवं स्थानीय परंपराओं के अनुसार महिलाओं ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ की रस्म निभाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : हो समाज की परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में दियुरियों की भूमिका अहम

सिंदूर खेला के बाद भक्तिमय माहौल में निकली विसर्जन यात्रा

शाम ढलते ही ढोल-ताशों और पारंपरिक ढाक की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली। मां दुर्गा के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। शोभायात्रा में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जमकर नृत्य किया। इसके बाद सुवर्णरेखा नदी, बाड़ बांध सहित क्षेत्र के विभिन्न जलाशयों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। भक्तों ने मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए अगले वर्ष फिर आने का आह्वान किया।

Chaibasa : हो समाज की परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में दियुरियों की भूमिका अहम

पुराना चाईबासा के बारीपोखरी में हातु दियुरियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को

  • पुराना चाईबासा के बारीपोखरी में हातु दियुरियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित
  • पारंपरिक रीति-रिवाजों के संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को बचाने पर दिया गया जोर
  • हो समाज की परंपराओं के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर

जेबी लाइव, रिपोर्टर

चाईबासा : पुराना चाईबासा के बारीपोखरी में आदिवासी हो समाज युवा महासभा की ओर से हातु दियुरियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें हो समाज की पारंपरिक संस्कृति, त्योहारों, धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के संरक्षण पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में दियुरियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया। आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने कहा कि जन्म, विवाह और मृत्यु से जुड़े पारंपरिक संस्कारों के साथ त्योहारों एवं सांस्कृतिक आयोजनों में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने दियुरियों से अपील की कि वे समाज की प्राचीन परंपराओं को संरक्षित करने के साथ युवाओं को इनके महत्व से परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक रीति-रिवाजों के प्रति उदासीनता से समाज में सांस्कृतिक और धार्मिक भटकाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

इसे भी पढ़ें : Silli : मारदू दुष्कर्म-हत्याकांड : आरोपियों के नाम सार्वजनिक होने तक अंतिम संस्कार से इनकार, न्याय की मांग पर अड़े ग्रामीण

हो समाज की सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी

संवाद कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आदिवासी हो समाज महासभा के वार्षिक अधिवेशन, महाधिवेशन और विभिन्न सामाजिक सम्मेलनों में दियुरियों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं। हातु दियुरियों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का अनुरोध किया गया, ताकि पारंपरिक मान्यताओं और सामाजिक विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हो सके। इस अवसर पर बनारस के रेलवे लेखा विभाग में कार्यरत अधिकारी कानुराम बोदरा के हाथों मुख्य दियुरी प्रताप देवगम, सहायक दियुरी अजीत लाल देवगम, सुखदेव पुरती, दिलीप देवगम, दोहन होनहागा, हरिश देवगम, साधो देवगम और ननिका कुई को पारंपरिक धोती देकर सम्मानित किया गया। महासभा ने समाज की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने में दियुरियों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक एकजुटता को मजबूत बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : चाईबासा में बस की टक्कर से साइकिल सवार की मौत, मुआवजे की मांग पर NH-75 जाम

पारंपरिक धोती देकर हातु दियुरियों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय धर्म सचिव सोमा जेराई, प्रदेश कमेटी के कोषाध्यक्ष शंकर सिधु, जिला कमेटी के कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र पुरती, जगन्नाथपुर अनुमंडल अध्यक्ष बलराम लागुरी सहित बिरसा लागुरी, हरिचरण खंडाईत, सुबेदार देवगम, सुनील देवगम, मुंधुवा देवगम, दुम्बी देवगम, सरजोम देवगम, सुनिता देवगम, जयंती देवगम और जया देवगम उपस्थित थे। वक्ताओं ने पारंपरिक त्योहारों, सामाजिक संस्कारों और सांस्कृतिक आयोजनों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए समाज के लोगों से मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दियुरियों के अनुभव और मार्गदर्शन से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान समझने में मदद मिलेगी। ऐसे संवाद कार्यक्रम समाज की परंपराओं को संरक्षित करने और सामुदायिक एकता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Silli : मारदू दुष्कर्म-हत्याकांड : आरोपियों के नाम सार्वजनिक होने तक अंतिम संस्कार से इनकार, न्याय की मांग पर अड़े ग्रामीण

बच्ची का शव गांव पहुंचने पर बढ़ा आक्रोश, देवेन्द्र नाथ महतो मौके पर डटे विधायक अमित महतो और पूर्व मंत्री

  • बच्ची का शव गांव पहुंचने पर बढ़ा आक्रोश, देवेन्द्र नाथ महतो मौके पर डटे
  • विधायक अमित महतो और पूर्व मंत्री सुदेश कुमार महतो ने भी पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली
  • मारदू कांड में न्याय की मांग तेज, पुलिस की आधिकारिक घोषणा पर टिकी निगाहें

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सिल्ली : रांची जिले के सिल्ली-मुरी क्षेत्र के मारदू गांव में नाबालिग बच्ची के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का पार्थिव शरीर सिल्ली पहुंचने पर ग्रामीणों ने आरोपियों के नामों की आधिकारिक घोषणा होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस मामले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। शव गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं और स्पष्ट किया कि आधिकारिक घोषणा होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : चाईबासा में बस की टक्कर से साइकिल सवार की मौत, मुआवजे की मांग पर NH-75 जाम

मारदू कांड में आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग पर अड़े ग्रामीण

मामले को लेकर देवेन्द्र नाथ महतो कल से ही मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर घटना और जांच की प्रगति की जानकारी ली। उनका कहना है कि इस संवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार की लीपापोती नहीं होनी चाहिए और जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जानी चाहिए। शव गांव पहुंचने के बाद उन्होंने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक पुलिस आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं करती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस दौरान विधायक अमित महतो और पूर्व मंत्री सुदेश कुमार महतो भी मौके पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए पारदर्शी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : जमशेदपुर में अवैध हथियारों के साथ तीन पकड़े गए, दो देसी पिस्टल और कारतूस बरामद

देवेन्द्र नाथ महतो ने निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई की उठाई मांग

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि मामले में आरोपियों को पकड़ लिया गया है और अगले दिन आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके नामों की घोषणा की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों ने आधिकारिक घोषणा होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का निर्णय बरकरार रखा। देवेन्द्र नाथ महतो ने जांच के दायरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस को गहनता से जांच करनी चाहिए कि घटना में केवल एक व्यक्ति शामिल है या अन्य लोगों की भी संलिप्तता है। उन्होंने जोर दिया कि जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल होनी चाहिए, ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में किसी भी आरोपी को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए और जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़नी चाहिए।

इसे भी पढ़ें : Baharagoda : एनएच-18 पर दर्दनाक हादसा: स्कूटी डिवाइडर से टकराई, ट्रक चालक की मौत

प्रशासन ने आरोपियों की गिरफ्तारी की दी जानकारी, नामों की घोषणा का इंतजार

ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने, सभी आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। देवेन्द्र नाथ महतो ने यह भी कहा कि जांच में निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, ताकि कोई दोषी बचने न पाए और किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत तरीके से न फंसाया जाए। इसके साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोष सिद्ध होने पर कानून के तहत कठोरतम सजा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन को पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, आरोपियों के नामों की आधिकारिक घोषणा को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है।

इसे भी पढ़ें : Chandil : चांडिल डकैती कांड का खुलासा: दो और आरोपी गिरफ्तार, 24 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद

फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग

फिलहाल, मारदू गांव में स्थिति आरोपियों की पहचान सार्वजनिक किए जाने और अंतिम संस्कार को लेकर बनी हुई है। ग्रामीण प्रशासन की ओर से घोषित किए गए अगले दिन के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में सभी आरोपियों के नाम सार्वजनिक करना, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना, किसी भी दोषी को बचने नहीं देना, निर्दोष को नहीं फंसाना और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराना शामिल है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अब आगे की कार्रवाई और पुलिस की आधिकारिक जानकारी पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page

Scroll to Top