बड़ाजामदा गुड्स शेड के मजदूरों ने यूनियन पदाधिकारियों पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
निष्पक्ष जांच के साथ सीबीआई जांच और राशि वापसी की मांग
बड़ाजामदा पुलिस ने शुरू की जांच, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा रेलवे गुड्स शेड में काम करने वाले श्रमिकों ने भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक यूनियन से जुड़े कुछ पदाधिकारियों पर रेलवे में स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 20 लाख रुपये की कथित ठगी करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में श्रमिकों ने 8 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक, चाईबासा के नाम शिकायत-पत्र तैयार कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। श्रमिकों का आरोप है कि वर्ष 2025 में यूनियन के स्थानीय प्रतिनिधि मनोज बेहरा और चंदन वाजपेयी ने रेलवे में स्थायी नौकरी दिलाने के साथ अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। कुछ श्रमिकों को रेलवे गुड्स शेड में सरदार और मुंशी के पद पर नियुक्त कराने का आश्वासन भी दिया गया था।
इसे भी पढ़ें : Adityapur : आदित्यपुर में फास्ट फूड ठेले पर विवाद के बाद खूनी मारपीट, मानगो के युवक शेखर की मौत
रेलवे में नौकरी का झांसा देकर लाखों की वसूली का आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कथित नियुक्ति-पत्र दिलाने और नौकरी की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर अलग-अलग चरणों में श्रमिकों से करीब 20 लाख रुपये लिए गए। हालांकि, निर्धारित आश्वासन पूरे नहीं होने पर श्रमिकों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराने की मांग की। श्रमिकों ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व में बताए जा रहे परिमल कांति मंडल और काशीनाथ गायन की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है। उनका दावा है कि संगठन के खिलाफ अन्य राज्यों में भी शिकायतें सामने आई हैं। शिकायत में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के समक्ष शिकायत किए जाने तथा प्राथमिकी दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसे भी पढ़ें : Gua : डांस नाइट-3 प्रतियोगिता में जमशेदपुर के मुसाफिर बने विजेता, मोनू स्वासी रहे दूसरे स्थान पर
यूनियन के स्थानीय प्रतिनिधियों की भूमिका की जांच की मांग
श्रमिकों ने सवाल उठाया है कि यदि मजदूरों से दो-दो लाख रुपये लेकर रेलवे में बहाली कराने का दावा किया जा रहा है, तो इसके लिए सरकार की ओर से कौन-सा आधिकारिक आदेश या कानूनी प्रावधान जारी किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने, कथित रूप से वसूली गई राशि वापस दिलाने और अन्य श्रमिकों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। शिकायत करने वालों में दिलीप लकड़ा, घासिया राम बेहरा, सोनी लकड़ा, सुगंधी पिंगुआ, सुकरमनी गौरी सहित अन्य श्रमिक शामिल हैं। श्रमिकों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने से कथित धोखाधड़ी के वास्तविक तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
इसे भी पढ़ें : Baharagoda : बहरागोड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, विसर्जन शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
सीबीआई जांच और कथित वसूली गई रकम वापस दिलाने की मांग
इस मामले में करीब दस दिन पहले बड़ाजामदा थाने में भी मजदूरों की ओर से लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। बड़ाजामदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आरोपों की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। श्रमिकों ने पुलिस प्रशासन से जल्द जांच पूरी कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में दूसरे मजदूर नौकरी के नाम पर कथित ठगी का शिकार न हों।






















