छोटे पिंजरों में पक्षियों और जानवरों को रखने का आरोप, लाइसेंस व कानूनी दस्तावेजों की जांच की मांग
शिकायत के करीब 20 दिन बाद भी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी नहीं
शिकायत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार, साकची में पशु-पक्षियों की बिक्री की जांच की मांग
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : साकची स्थित जामा मस्जिद के पास दुकानों में पक्षियों, कुत्तों और बिल्लियों को छोटे पिंजरों तथा अनुपयुक्त कंटेनरों में रखकर बेचने का आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर शांति सेवा मार्ग ट्रस्ट ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन को लिखित शिकायत सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। ट्रस्ट की सचिव अनवारी बेगम अंसारी की ओर से 9 अक्टूबर 2026 को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शहर के मुख्य मार्ग पर स्थित कुछ दुकानों में पक्षियों, कुत्तों, बिल्लियों और उनके बच्चों को पर्याप्त जगह के बिना रखा जाता है। शिकायत के मुताबिक, दुकानों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने के साथ पशु-पक्षियों को स्वच्छ पेयजल, ताजा भोजन और जरूरी देखभाल उपलब्ध कराए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ट्रस्ट ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पशु-पक्षियों की स्थिति का जायजा लेने की मांग की है।
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साकची में पशु-पक्षियों की बिक्री पर उठे सवाल, डीसी से जांच की मांग
शांति सेवा मार्ग ट्रस्ट ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि संबंधित दुकानों में कुछ ऐसे पक्षियों और जानवरों की बिक्री भी हो सकती है, जिनके व्यापार पर कानून के तहत प्रतिबंध है या जिनके लिए विशेष अनुमति जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ट्रस्ट ने उपायुक्त से संबंधित दुकानों के लाइसेंस, अनुमति पत्र और अन्य कानूनी दस्तावेजों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। साथ ही, यह पता लगाने की मांग की गई है कि पशु-पक्षियों की खरीद-बिक्री निर्धारित नियमों के अनुरूप हो रही है या नहीं। शिकायतकर्ता के अनुसार, जीव-जंतुओं को उचित वातावरण, पर्याप्त जगह, भोजन और पानी उपलब्ध कराना जरूरी है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। ट्रस्ट ने इस मामले को पशु-पक्षियों के संरक्षण और उनके प्रति मानवीय व्यवहार से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है।
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पशु-पक्षियों के व्यापार में नियमों के पालन की मांग, दुकानों के दस्तावेजों की जांच की अपील
ट्रस्ट ने उपायुक्त से संबंधित दुकानों का तत्काल निरीक्षण कराने और पशु-पक्षियों की स्थिति का आकलन करने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि यदि किसी पशु या पक्षी को अवैध रूप से रखा गया है अथवा उसके साथ क्रूरता की जा रही है, तो उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ आवश्यक पशु चिकित्सा और देखभाल की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा, दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। ट्रस्ट ने भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित निगरानी व्यवस्था विकसित करने का भी अनुरोध किया है। शिकायतकर्ता ने संबंधित दुकानों और पशु-पक्षियों की स्थिति से जुड़े फोटो, वीडियो तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्य प्रशासन को देने की बात कही है। ट्रस्ट का कहना है कि प्रशासनिक निरीक्षण से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और नियमों का उल्लंघन होने पर उचित कदम उठाए जा सकेंगे।
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पशु-पक्षियों के रेस्क्यू और नियमित निगरानी की मांग, प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील
शांति सेवा मार्ग ट्रस्ट के अनुसार, शिकायत सौंपे जाने के बाद करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से जांच या कार्रवाई किए जाने की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इस स्थिति में ट्रस्ट ने मामले पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए जल्द कार्रवाई की आवश्यकता जताई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन शिकायत के आधार पर संबंधित दुकानों का निरीक्षण कराता है या नहीं और जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, दुकानदारों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। मामले में प्रशासनिक जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ट्रस्ट ने उम्मीद जताई है कि संबंधित अधिकारी शिकायत को गंभीरता से लेकर पशु-पक्षियों के संरक्षण और कानूनी नियमों के पालन को सुनिश्चित करेंगे।