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Seraikela : भालुकपहाड़ी गांव में 63 केवी ट्रांसफार्मर का उद्घाटन, ग्रामीणों को बिजली संकट से राहत की उम्मीद

  • मुण्डाटांड पंचायत के भालुकपहाड़ी (मुयटुगोडा महुलपानी) में उप प्रमुख वासुदेव महतो ने किया उद्घाटन
  • बेहतर बिजली आपूर्ति की उम्मीद से ग्रामीणों में खुशी
  • भालुकपहाड़ी में बिजली व्यवस्था सुधारने की उम्मीद, उद्घाटन कार्यक्रम में जुटे ग्रामीण

जेबी लाइव, रिपोर्टर

सरायकेला : सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुण्डाटांड पंचायत के भालुकपहाड़ी (मुयटुगोडा महुलपानी) गांव में बिजली की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। गांव में 63 केवी क्षमता वाले नए बिजली ट्रांसफार्मर का विधिवत उद्घाटन किया गया। सरायकेला प्रखंड के उप प्रमुख वासुदेव महतो ने फीता काटकर ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया। लंबे समय से बेहतर बिजली व्यवस्था की उम्मीद कर रहे ग्रामीणों ने इस पहल पर खुशी जाहिर की। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए ट्रांसफार्मर की स्थापना से बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी और उन्हें बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। गांव में बिजली की बेहतर उपलब्धता दैनिक जीवन के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और छोटे-मोटे रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में नए ट्रांसफार्मर की स्थापना को ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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भालुकपहाड़ी गांव में बिजली व्यवस्था सुधारने की पहल, 63 केवी ट्रांसफार्मर का उद्घाटन

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, वहीं घरेलू कार्यों और छोटे व्यवसायों को भी परेशानी होती है। भालुकपहाड़ी गांव में नए 63 केवी ट्रांसफार्मर की स्थापना से इन समस्याओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि बेहतर विद्युत व्यवस्था से गांव के परिवारों को अपने दैनिक कार्य सुचारू रूप से करने में सुविधा मिलेगी। हालांकि, ट्रांसफार्मर की स्थापना के बाद नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा। ग्रामीणों को आशा है कि संबंधित विभाग इस दिशा में ध्यान देगा, ताकि नए ट्रांसफार्मर का लाभ सभी जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके। स्थानीय लोगों ने इस पहल को गांव की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने वाला कदम बताया।

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नए ट्रांसफार्मर से ग्रामीणों को बेहतर बिजली आपूर्ति की उम्मीद

ट्रांसफार्मर के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने गांव की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास पर प्रसन्नता व्यक्त की और संबंधित प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा का मजबूत होना गांव के विकास के लिए जरूरी है। इससे बच्चों को पढ़ाई करने, परिवारों को घरेलू कामकाज निपटाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। उप प्रमुख वासुदेव महतो द्वारा ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किए जाने के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा। गांव के लोगों के अनुसार, नियमित बिजली उपलब्ध होने से दैनिक जीवन आसान होगा और उन्हें बार-बार बिजली की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। ग्रामीणों ने विद्युत व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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बिजली सुविधा मजबूत होने से गांव के विकास को मिलेगी गति, ग्रामीणों ने जताई खुशी

कार्यक्रम में समाजसेवी शैलेंद्र महतो, विष्णु महतो, महिंद्र महतो और नरेश महतो सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने नए ट्रांसफार्मर की स्थापना पर खुशी जाहिर करते हुए उम्मीद जताई कि इससे गांव में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। ग्रामीणों के लिए यह पहल केवल बिजली की समस्या से राहत पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब स्थानीय लोगों की नजर नियमित और सुचारू बिजली आपूर्ति पर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि 63 केवी क्षमता वाले इस नए ट्रांसफार्मर से उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी कम होगी और बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्यों तथा अन्य आवश्यक गतिविधियों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

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Kharagpur : ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते : खड़गपुर मंडल में 16 नाबालिग लड़कों को आरपीएफ ने बचाया

रोजगार की तलाश में घर से निकले थे बच्चे, शालीमार और बालेश्वर स्टेशन पर कार्रवाई बाल कल्याण समितियों को सौंपे

  • रोजगार की तलाश में घर से निकले थे बच्चे, शालीमार और बालेश्वर स्टेशन पर कार्रवाई
  • बाल कल्याण समितियों को सौंपे गए सभी नाबालिग
  • बालेश्वर स्टेशन पर चेन्नई जाने की तैयारी कर रहे सात नाबालिग बचाए गए

जेबी लाइव, रिपोर्टर

खड़गपुर : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल में दो अलग-अलग घटनाओं में 16 नाबालिग लड़कों को सुरक्षित बचाया है। ये सभी बिना अभिभावकों की अनुमति के रोजगार की तलाश में घर से निकले थे। आरपीएफ ने 26 और 28 अक्टूबर को शालीमार तथा बालेश्वर रेलवे स्टेशनों पर ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत कार्रवाई की। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर असुरक्षित परिस्थितियों में मिले बच्चों को संभावित शोषण और मानव तस्करी के खतरे से बचाकर सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराना है। दोनों घटनाओं में बच्चों से पूछताछ के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई और उन्हें संबंधित बाल कल्याण समितियों के सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ की इस कार्रवाई से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत आरपीएफ ने 16 बच्चों को सुरक्षित बचाया

28 अक्टूबर को शालीमार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर आरपीएफ की शालीमार पोस्ट के जवानों ने नौ नाबालिग लड़कों को संदिग्ध परिस्थिति में घूमते हुए देखा। पूछताछ में पता चला कि वे परिजनों की अनुमति के बिना घर से निकले थे और रोजगार की तलाश में एलुरु जाने की योजना बना रहे थे। इन बच्चों में आठ दक्षिण 24 परगना जिले और एक मालदा जिले का निवासी था। सभी की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच थी। आरपीएफ ने आवश्यक कार्रवाई के बाद सभी नौ लड़कों को हावड़ा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया। रेलवे परिसर में बच्चों की मौजूदगी और उनकी यात्रा की योजना को देखते हुए जवानों ने उन्हें सुरक्षित संरक्षण दिलाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई।

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शालीमार स्टेशन पर एलुरु जाने की तैयारी कर रहे नौ नाबालिग मिले

इससे पहले 26 अक्टूबर को बालेश्वर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आरपीएफ की बालेश्वर पोस्ट के जवानों ने सात नाबालिग लड़कों को बचाया था। ये सभी रोजगार की तलाश में चेन्नई जाने की योजना बना रहे थे और घर से निकलने के लिए अभिभावकों की अनुमति नहीं ली थी। सभी लड़के ओडिशा के मयूरभंज जिले के निवासी थे तथा उनकी उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच थी। आरपीएफ ने उन्हें आवश्यक देखभाल और जलपान उपलब्ध कराया। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन, बालेश्वर के माध्यम से सभी सात बच्चों को बाल कल्याण समिति, बालेश्वर को सौंप दिया गया। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत इस तरह की कार्रवाई बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने और उन्हें उचित संरक्षण दिलाने के उद्देश्य से की जाती है।

Gua : गुवा रेलवे मार्केट चोरीकांड का खुलासा, 35 मोबाइल और दो ब्लूटूथ स्पीकर बरामद

सुभाष मोबाइल स्टोर का ताला तोड़कर हुई थी चोरी, शक्तिनगर निवासी 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार पहले भी चोरी के मामले

  • सुभाष मोबाइल स्टोर का ताला तोड़कर हुई थी चोरी, शक्तिनगर निवासी 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार
  • पहले भी चोरी के मामले में जा चुका है जेल
  • गुवा पुलिस की छापेमारी टीम ने चोरीकांड में आरोपी को किया गिरफ्तार

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र स्थित रेलवे मार्केट के सुभाष मोबाइल स्टोर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने शक्तिनगर निवासी करन गोप (19 वर्ष), पिता स्वर्गीय सनिका गोप, को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए 35 रिपेयरिंग मोबाइल फोन और दो ब्लूटूथ स्पीकर बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दुकान संचालक सुभाष कुमार सिंह (51 वर्ष), पिता स्वर्गीय बलराम सिंह, निवासी ऊपर धौड़ा, गुवा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 26 अक्टूबर 2026 की रात अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर मोबाइल फोन और ब्लूटूथ स्पीकर चोरी कर लिए। शिकायत के आधार पर गुवा थाना कांड संख्या 30/2026, दिनांक 28 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया।

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गुवा में मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर चोरी, पुलिस ने दर्ज किया मामला

चोरी की घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में छापामारी टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि शक्तिनगर निवासी करन गोप चोरी की घटना में शामिल है और उसने चोरी का सामान अपने घर के पीछे झाड़ियों में छिपा रखा है। सूचना के आधार पर 28 अक्टूबर को पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए करन गोप से पूछताछ की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर घर के पीछे झाड़ियों में छिपाकर रखे गए 35 रिपेयरिंग मोबाइल फोन और दो ब्लूटूथ स्पीकर बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बरामद सामान को मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है।

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गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी, झाड़ियों से बरामद हुए चोरी के मोबाइल

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार करन गोप का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। वह गुवा (बड़ाजामदा ओपी) थाना कांड संख्या 27/2025, दिनांक 11 जून 2025 में दर्ज चोरी के मामले में जेल जा चुका है। उक्त मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए) और 331(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस अब वर्तमान चोरीकांड से जुड़े तथ्यों और बरामद सामान के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। घटना के खुलासे के बाद रेलवे मार्केट क्षेत्र के दुकानदारों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, पुलिस ने चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई तेज की है। मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।

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चोरी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है गिरफ्तार युवक

छापामारी टीम में किरीबुरू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनीत कुमार किंडो, गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक विनोद बेक, गणेश शंकर गौड़ तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चोरी के सामान की बरामदगी की और आरोपी को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में बरामदगी और गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने मामले की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, चोरी की शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए छापेमारी की गई। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन और ब्लूटूथ स्पीकर को चोरीकांड से संबंधित सामान के रूप में जब्त किया है।

Gua : अधूरे कुएं में गिरने से हाथी की मौत, मुआवजे की मांग पर छह घंटे तक अड़े रहे ग्रामीण

सिंदरी गौरी गांव में फसल खाने के दौरान हुआ हादसा वन विभाग के आश्वासन के बाद हाथी को दफनाने पर

  • सिंदरी गौरी गांव में फसल खाने के दौरान हुआ हादसा
  • वन विभाग के आश्वासन के बाद हाथी को दफनाने पर सहमत हुए ग्रामीण
  • हाथी की मौत के बाद किसानों ने उठाई फसल नुकसान के मुआवजे की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

गुवा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ाजामदा के बालजोड़ी स्थित सिंदरी गौरी गांव में अधूरे कुएं में गिरने से एक हाथी की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने खेत में लगी फसल को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग को लेकर हाथी के शव को दफनाने का विरोध किया। करीब छह घंटे तक ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। अंततः वन विभाग के अधिकारियों द्वारा मुआवजे के संबंध में आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण शव को दफनाने की अनुमति देने पर सहमत हुए। इस घटना ने एक बार फिर खुले और अधूरे कुओं के कारण वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी की आवाजाही और फसल को होने वाले नुकसान के बीच किसानों की सुरक्षा तथा उनकी आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

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सिंदरी गौरी गांव में अधूरे कुएं में गिरकर हाथी की मौत

ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार देर शाम हाथी रघुनाथ चातोम्बा के खेत में लगी फसल खाने पहुंचा था। खेत में करीब 10 एकड़ जमीन पर फसल लगी हुई थी। इसी दौरान खेत के समीप स्थित अधूरे कुएं में फिसलकर हाथी गिर गया। हाथी पूरी रात कुएं में पड़ा रहा। गुरुवार सुबह जब ग्रामीण अपने खेतों की ओर पहुंचे, तो उन्होंने कुएं के अंदर हाथी को गिरा हुआ देखा। इसके बाद तत्काल वन विभाग को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को कुएं से निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक हाथी की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी फैलते ही ग्रामीण घटनास्थल पर जुटने लगे। हाथी की मौत से जहां इलाके में चिंता का माहौल बना, वहीं फसल के नुकसान को लेकर किसान मुआवजे की मांग पर अड़ गए।

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फसल नुकसान के मुआवजे को लेकर ग्रामीणों ने रोका हाथी का अंतिम संस्कार

हाथी की मौत की पुष्टि नोवामुंडी वन विभाग के फॉरेस्टर आलोक कुमार ने की। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर ही हाथी को दफनाने के लिए गड्ढा खोदने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक खेत में लगी फसल के नुकसान का मुआवजा देने के संबंध में ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शव को दफनाने नहीं दिया जाएगा। इसके कारण करीब छह घंटे तक दफनाने की प्रक्रिया रुकी रही। बाद में वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को मुआवजे के संबंध में आश्वासन दिया, जिसके बाद वे शव दफनाने के लिए राजी हुए। फिलहाल, इस घटना में हाथी की मौत और फसल के नुकसान को लेकर मुआवजे का मुद्दा प्रमुख बना हुआ है। ग्रामीणों को अब वन विभाग से अपने नुकसान के आकलन और मुआवजे के संबंध में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

Jamshedpur : राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के विरोध में राज्यव्यापी पेन डाउन हड़ताल

जमशेदपुर अंचल कार्यालय में ठप रहा कामकाज दोषियों पर जल्द कार्रवाई और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग मांगें

  • जमशेदपुर अंचल कार्यालय में ठप रहा कामकाज
  • दोषियों पर जल्द कार्रवाई और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
  • मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
  • कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल, सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के विरोध में बुधवार को राज्यभर के राजस्व कर्मचारियों ने पेन डाउन हड़ताल कर विरोध जताया। इसी क्रम में जमशेदपुर अंचल कार्यालय में भी कर्मचारियों ने एकदिवसीय हड़ताल करते हुए कामकाज ठप रखा। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मृत कर्मचारी को न्याय दिलाने के साथ राजस्व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाना था। कर्मचारियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि उनके अनुसार, हत्याकांड में अब तक ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद से राज्यभर के राजस्व कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी दायित्वों का निर्वहन करते समय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। इस घटना ने कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड के विरोध में राजस्व कर्मचारियों ने ठप किया कामकाज

विरोध प्रदर्शन के दौरान संघ के प्रदेश महामंत्री मनोज सिन्हा ने हत्याकांड की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अंचल कार्यालय में कार्यरत एक राजस्व कर्मचारी की निर्मम हत्या होना बेहद चिंताजनक है। उनके अनुसार, मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से राज्यभर के कर्मचारियों में भय और नाराजगी का माहौल है। मनोज सिन्हा ने सरकार से मांग की कि हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं होती और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, तो संघ राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने के लिए बाध्य होगा।

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राजस्व कर्मचारी संघ की चेतावनी, मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

जमशेदपुर अंचल कार्यालय में आयोजित विरोध प्रदर्शन में मनोज सिन्हा के साथ अखिलेश भगत, पीयूष और समिति के अन्य कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर लक्ष्मीकांत मुंडा के हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई और राजस्व कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। पेन डाउन हड़ताल के कारण अंचल कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा, जिससे राजस्व संबंधी कार्यों के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानी हो सकती है। अब कर्मचारियों की नजर सरकार और संबंधित प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आंदोलन और व्यापक होने की संभावना है।

Jamshedpur : बैंकों की सुरक्षा परखने निकले डीएसपी, परसुडीह में तीन बैंकों का औचक निरीक्षण

केनरा बैंक, एसबीआई और इंडियन बैंक में सीसीटीवी, अलार्म व सुरक्षा व्यवस्था की जांच; लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी बैंक

  • केनरा बैंक, एसबीआई और इंडियन बैंक में सीसीटीवी, अलार्म व सुरक्षा व्यवस्था की जांच; लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
  • बैंक प्रबंधकों को सुरक्षा में लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी, पुलिस ने दिए निर्देश

जेबी लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर : शहर में चोरी और आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को डीएसपी सुमित कुमार के नेतृत्व में परसुडीह थाना क्षेत्र के तीन बैंकों का औचक निरीक्षण किया गया। पुलिस टीम में परसुडीह थाना प्रभारी राजेश मुंडा और रितेश कुमार भी शामिल थे। टीम ने सबसे पहले केनरा बैंक, इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और इंडियन बैंक की शाखाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान बैंक परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता, रिकॉर्डिंग की अवधि और फुटेज की गुणवत्ता की जांच की। इसके अलावा सुरक्षा अलार्म को बजाकर उसकी कार्यशीलता परखी गई। बैंक भवन की मजबूती, लॉकर रूम की सुरक्षा और तैनात सुरक्षा गार्डों की सतर्कता का भी निरीक्षण किया गया।

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परसुडीह में बैंक सुरक्षा की जांच, पुलिस ने तीन शाखाओं का किया औचक निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान डीएसपी सुमित कुमार ने सभी बैंक प्रबंधकों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने सुरक्षा गार्डों को हमेशा सतर्क रहने और बैंक परिसर में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की हिदायत दी। पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे और अलार्म सिस्टम को हमेशा चालू रखने तथा सुरक्षा संबंधी कमियों को समय रहते दूर करने पर जोर दिया। औचक निरीक्षण से बैंक कर्मियों में हलचल देखी गई। पुलिस प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य बैंक परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और संभावित आपराधिक घटनाओं को रोकना है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि बैंकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी जांच की जा सकती है।

Potka : पोटका में खाद्यान्न लदा ट्रक पुलिया के गार्डवाल से टकराया, छह घंटे जाम रही सड़क

संकीर्ण मार्ग पर बड़े ट्रकों की आवाजाही बनी परेशानी, प्रखंड मुख्यालय जाने वाले लोगों को पैदल करना पड़ा सफर संकरी

  • संकीर्ण मार्ग पर बड़े ट्रकों की आवाजाही बनी परेशानी, प्रखंड मुख्यालय जाने वाले लोगों को पैदल करना पड़ा सफर
  • संकरी सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ा दुर्घटना का खतरा

जेबी लाइव, रिपोर्टर

पोटका : प्रखंड मुख्यालय जाने वाली सड़क पर गुरुवार को खाद्यान्न लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पुलिया के गार्डवाल से टकरा गया। हादसे के बाद सड़क पर आवागमन बाधित हो गया और करीब छह घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इससे प्रखंड मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, ट्रक एफसीआई गोदाम से चावल लेकर प्रखंड मुख्यालय की ओर जा रहा था। इसी दौरान संकरी सड़क पर चालक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक पुलिया के गार्डवाल से टकरा गया। दुर्घटना के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। जाम में फंसे लोगों को अपने वाहन पोटका चौक पर ही खड़े करने पड़े और वहां से पैदल प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ा। दोपहर करीब एक बजे के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को हटाने का प्रयास शुरू किया गया। इस घटना ने एक बार फिर संकरे मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाली परेशानियों को उजागर किया है।

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पोटका में ट्रक दुर्घटना से आवागमन ठप, प्रखंड मुख्यालय जाने में हुई परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले 10 दिनों के भीतर इस मार्ग पर इस तरह की यह दूसरी घटना है। सड़क की कम चौड़ाई के कारण खाद्यान्न लेकर आने वाले बड़े ट्रकों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने में कठिनाई होती है। ऐसे में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और किसी हादसे के बाद आम लोगों को लंबे समय तक जाम का सामना करना पड़ता है। गुरुवार की घटना के कारण प्रखंड मुख्यालय में अपने काम से पहुंचे लोगों को भी परेशानी हुई। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों की मांग है कि संकरे मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जाए और दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना अब स्थानीय लोगों के लिए अहम मुद्दा बन गया है।

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