रोजगार की तलाश में घर से निकले थे बच्चे, शालीमार और बालेश्वर स्टेशन पर कार्रवाई
बाल कल्याण समितियों को सौंपे गए सभी नाबालिग
बालेश्वर स्टेशन पर चेन्नई जाने की तैयारी कर रहे सात नाबालिग बचाए गए
जेबी लाइव, रिपोर्टर
खड़गपुर : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल में दो अलग-अलग घटनाओं में 16 नाबालिग लड़कों को सुरक्षित बचाया है। ये सभी बिना अभिभावकों की अनुमति के रोजगार की तलाश में घर से निकले थे। आरपीएफ ने 26 और 28 अक्टूबर को शालीमार तथा बालेश्वर रेलवे स्टेशनों पर ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत कार्रवाई की। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर असुरक्षित परिस्थितियों में मिले बच्चों को संभावित शोषण और मानव तस्करी के खतरे से बचाकर सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराना है। दोनों घटनाओं में बच्चों से पूछताछ के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई और उन्हें संबंधित बाल कल्याण समितियों के सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ की इस कार्रवाई से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
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ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत आरपीएफ ने 16 बच्चों को सुरक्षित बचाया
28 अक्टूबर को शालीमार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर आरपीएफ की शालीमार पोस्ट के जवानों ने नौ नाबालिग लड़कों को संदिग्ध परिस्थिति में घूमते हुए देखा। पूछताछ में पता चला कि वे परिजनों की अनुमति के बिना घर से निकले थे और रोजगार की तलाश में एलुरु जाने की योजना बना रहे थे। इन बच्चों में आठ दक्षिण 24 परगना जिले और एक मालदा जिले का निवासी था। सभी की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच थी। आरपीएफ ने आवश्यक कार्रवाई के बाद सभी नौ लड़कों को हावड़ा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया। रेलवे परिसर में बच्चों की मौजूदगी और उनकी यात्रा की योजना को देखते हुए जवानों ने उन्हें सुरक्षित संरक्षण दिलाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई।
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शालीमार स्टेशन पर एलुरु जाने की तैयारी कर रहे नौ नाबालिग मिले
इससे पहले 26 अक्टूबर को बालेश्वर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आरपीएफ की बालेश्वर पोस्ट के जवानों ने सात नाबालिग लड़कों को बचाया था। ये सभी रोजगार की तलाश में चेन्नई जाने की योजना बना रहे थे और घर से निकलने के लिए अभिभावकों की अनुमति नहीं ली थी। सभी लड़के ओडिशा के मयूरभंज जिले के निवासी थे तथा उनकी उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच थी। आरपीएफ ने उन्हें आवश्यक देखभाल और जलपान उपलब्ध कराया। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन, बालेश्वर के माध्यम से सभी सात बच्चों को बाल कल्याण समिति, बालेश्वर को सौंप दिया गया। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत इस तरह की कार्रवाई बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों से बचाने और उन्हें उचित संरक्षण दिलाने के उद्देश्य से की जाती है।























