पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए महिलाओं ने की पूजा-अर्चना
साकची और रिफ्यूजी कॉलोनी में सामूहिक आयोजन में उमड़ी भीड़
प्रेम, विश्वास और पारिवारिक एकता का संदेश देता है करवा चौथ
जेबी लाइव, रिपोर्टर
जमशेदपुर : शहर में करवा चौथ का पर्व श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। विशेषकर पंजाबी और आर्य समाज की महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए व्रत रखा। पर्व को लेकर महिलाओं में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति की कामना की। करवा चौथ भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण करती हैं। पर्व के दौरान पारंपरिक परिधानों और पूजा की तैयारियों के बीच शहर में धार्मिक और उत्सवी माहौल बना रहा।
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जमशेदपुर में करवा चौथ पर महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत
शहर में साकची स्थित दयानंद पब्लिक स्कूल के प्रेक्षागृह और रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित कृष्ण मंदिर परिसर में करवा चौथ के विशेष आयोजन किए गए। दोनों स्थानों पर सैकड़ों सुहागिन महिलाएं एकत्र हुईं और सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पर्व मनाया तथा एक-दूसरे को करवा चौथ की शुभकामनाएं दीं। सामूहिक पूजा के दौरान महिलाओं में विशेष उत्साह और उल्लास दिखाई दिया। एक साथ पूजा करना और पर्व की खुशियां साझा करना आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। इन आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, पारंपरिक संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों के महत्व को भी रेखांकित किया गया। महिलाओं ने पर्व को आपसी मेलजोल और धार्मिक आस्था के साथ मनाया।
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दयानंद पब्लिक स्कूल और कृष्ण मंदिर में सामूहिक करवा चौथ पूजा
करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। जमशेदपुर में आयोजित सामूहिक पूजा के दौरान भी पारिवारिक एकता और आपसी सद्भाव की भावना प्रमुखता से दिखाई दी। महिलाओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए पर्व की परंपराओं का निर्वहन किया। पंजाबी और आर्य समाज की महिलाओं की भागीदारी से आयोजन में सांस्कृतिक रंग देखने को मिला। एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर महिलाओं ने पर्व की खुशियां साझा कीं। श्रद्धा और उल्लास के बीच मनाए गए इस त्योहार ने पारिवारिक रिश्तों और भारतीय परंपराओं के महत्व को एक बार फिर उजागर किया।























