पूर्व सांसद गीता कोड़ा के नेतृत्व में निकला आक्रोश मार्च, आरोपी सिपाही पर कठोर कार्रवाई की मांग
एसपी बोले- वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर होगी जांच, थाने में लगेंगे अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे
गम्हरिया मामले की जांच पर टिकी निगाहें, पुलिस जवाबदेही और महिला सुरक्षा पर बहस तेज
जेबी लाइव, रिपोर्टर
गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित दुष्कर्म के गंभीर मामले ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को लेकर जहां पुलिस प्रशासन जांच में जुटा है, वहीं राजनीतिक विरोध भी तेज हो गया है। रविवार को जिले के एसपी मनोज स्वर्गीयारी स्वयं गम्हरिया थाना पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक हुई जांच की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष और गहन जांच का भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, घटना के विरोध में पूर्व सांसद गीता कोड़ा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकालकर गम्हरिया थाना का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी सिपाही के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
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गम्हरिया थाना परिसर में कथित दुष्कर्म से पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मीडिया से बातचीत में एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्यों को आधार बनाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थाना परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर एसपी ने बताया कि फिलहाल परिसर के कुछ हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि थाना परिसर के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर नजर रखी जा सके। प्राथमिकी दर्ज करने में देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की है।
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एसपी का निर्देश- जांच में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, बढ़ेंगे सीसीटीवी कैमरे
इधर, घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हरे कृष्णा प्रधान के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला और गम्हरिया थाना का घेराव किया। प्रदर्शन में पूर्व सांसद गीता कोड़ा, भाजपा प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष मंगल महतो सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता और महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपी सिपाही के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग रखी। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि इस गंभीर मामले में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
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गीता कोड़ा के नेतृत्व में भाजपा का आक्रोश मार्च, थाने का किया घेराव
पूर्व सांसद गीता कोड़ा सहित भाजपा नेताओं ने कहा कि पुलिस थाना आम जनता की सुरक्षा, शिकायतों के समाधान और न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। ऐसे स्थान पर महिला के साथ दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप सामने आना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा और न्याय की जिम्मेदारी संभालने वाले संस्थान के परिसर में ही महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगें तो यह गंभीर चिंता का विषय है। भाजपा नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच किसी भी दबाव से मुक्त होकर की जाए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिले। उन्होंने पीड़िता की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के साथ उसे न्याय दिलाने की भी मांग की। पार्टी ने चेतावनी दी कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता, तब तक भाजपा इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
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महिलाओं की सुरक्षा पर भाजपा ने उठाए सवाल, न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
फिलहाल गम्हरिया थाना मामले में पुलिस की जांच जारी है। एसपी के घटनास्थल निरीक्षण और अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हैं। जांच के दौरान वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। वहीं, भाजपा के विरोध प्रदर्शन ने इस मामले को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना दिया है। घटना ने थानों में महिलाओं की सुरक्षा, पुलिसकर्मियों की जवाबदेही, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और थाना परिसरों में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस प्रशासन किस तरह की कानूनी कार्रवाई करता है।























